"धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा महज दिखावा, शिक्षा व्यवस्था पर RSS का कब्जा"
लोकसभा में अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए राहुल गांधी ने सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी छात्रों की तारीफ की और इसे देश के युवाओं की अभिव्यक्ति बताया।
छात्र आंदोलन का समर्थन: राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवा सड़कों पर हिंसा या नफरत फैलाने नहीं, बल्कि पेपर लीक, बढ़ती फीस और शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ अपनी आवाज उठाने उतरे थे।
RSS पर निशाना: पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोलते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि "धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा महज एक दिखावा है क्योंकि वे कभी मंत्रालय चला ही नहीं रहे थे। शिक्षा मंत्रालय चलाने वाली संस्था का नाम आरएसएस है और देश के सभी विश्वविद्यालयों में आरएसएस कैडर के वीसी (कुलपति) बिठाए जा रहे हैं।"
गृह मंत्री अमित शाह और 'पेलेट गन' पर तीखी झड़प
सदन में बहस का सबसे गर्म क्षण तब आया जब राहुल गांधी ने सीधे गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया और उन पर गंभीर आरोप जड़े।
सदन में अनुपस्थिति पर सवाल: राहुल गांधी ने कहा, "मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि देश के तथाकथित गृह मंत्री में यहाँ आकर बैठने की हिम्मत नहीं है।"
गोलीबारी का आरोप: उन्होंने आगे आरोप लगाया कि "गृह मंत्री ने हमारे छात्रों पर गोलियां चलाने और पेलेट गन के इस्तेमाल को अधिकृत किया।"
संसदीय कार्य मंत्री का पलटवार: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष बिना किसी सबूत के इतने गंभीर आरोप नहीं लगा सकते। रिजिजू ने चुनौती दी कि यदि राहुल गांधी सबूत पेश नहीं करते या माफी नहीं मांगते, तो वे सदन को नहीं चलने देंगे।
स्पीकर की नसीहत: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने राहुल गांधी को विधेयक पर ही बोलने की सलाह दी और कहा कि बिना सबूत के लगाए गए व्यक्तिगत आरोपों को आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं बनाया जाएगा।
'इडीयट' और 'अंधभक्त' शब्दों पर ऐतराज, बिड़ला ने रिकॉर्ड से हटाया
भाषण के दौरान राहुल गांधी ने एक छात्र के साथ हुई बातचीत का उदाहरण देते हुए 'इडीयट' और 'अंधभक्त' शब्दों का प्रयोग किया, जिस पर ट्रेजरी बेंच (सत्ता पक्ष) के सांसदों ने जोरदार आपत्ति जताई।
अंससदीय भाषा का आरोप: भाजपा सांसदों ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने असंसदीय भाषा का प्रयोग कर पूरे सदन और प्रधानमंत्री के समर्थकों का अपमान किया है।
राहुल की सफाई: राहुल गांधी ने कहा कि वे किसी सांसद पर नहीं, बल्कि लोगों की एक श्रेणी (Category) पर टिप्पणी कर रहे थे। हालांकि, विवाद बढ़ता देख स्पीकर ओम बिड़ला ने इन शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटाने (Expunge) का आदेश दिया।
"आदेश मजिस्ट्रेट देते हैं, मंत्री नहीं" – सरकार का करारा जवाब राहुल गांधी का भाषण अधूरा रहने और हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सरकार का पक्ष रखते हुए विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया।
नियमों की अनदेखी: जितेंद्र सिंह ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को संसद के बुनियादी नियमों की जानकारी नहीं है। फायरिंग के आदेश कोई मंत्री नहीं, बल्कि मजिस्ट्रेट जारी करते हैं।
पुलिस की तरफ से संयम: उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कोई गोलीबारी नहीं की और सुरक्षा बलों ने अत्यधिक संयम बरतते हुए काम किया ताकि कोई जनहानि न हो।