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"एक क्लर्क तक नहीं आया..." सरकार की बेरुखी पर भड़के वांगचुक के समर्थक

नीट पेपर लीक के मुद्दे पर कॉक्रोच जनता पार्टी यानी सीजेपी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। सीजेपी के इस अभियान में शिक्षाविद् सोनम वांगचुक अनशन पर बैठे हुए हैं।


Ground Report: देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और नीट (NEET) परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक के खिलाफ मशहूर शिक्षाविद् सोनम वांगचुक पिछले 18 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे हैं। वांगचुक की लगातार बिगड़ती सेहत को देखते हुए उनके समर्थकों और विपक्ष के कई नेताओं ने उनसे अनशन समाप्त करने की भावुक अपील की है। हालांकि, सोनम वांगचुक ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस और सकारात्मक नतीजा सामने नहीं आता, वह अपना अनशन किसी भी हाल में नहीं तोड़ेंगे। इस बीच, विपक्षी दलों की ओर से आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और समाजवादी पार्टी के कुछ सांसद आंदोलन स्थल पर पहुंचे हैं। लेकिन कांग्रेस की तरफ से अब तक कोई भी बड़ा चेहरा जंतर-मंतर पर नजर नहीं आया है, जिससे विपक्षी एकजुटता पर भी सवाल उठने लगे हैं।

द फेडरल देश की ग्राउंड रिपोर्ट: "सरकार की तरफ से बातचीत के लिए एक क्लर्क तक नहीं आया"

जमीनी हालात को समझने के लिए 'द फेडरल देश' की टीम जंतर-मंतर पहुंची, जहां आंदोलनकारियों से विशेष बातचीत की गई।

विपक्ष के रुख पर सवाल: जब आंदोलन के मंच से कांग्रेस के बड़े नेताओं की गैर-मौजूदगी पर सवाल पूछा गया, तो प्रवक्ताओं ने कहा कि इसका जवाब खुद कांग्रेस पार्टी को ही देना चाहिए।

सरकार की बेरुखी: आंदोलनकारियों का आरोप है कि बड़े नेताओं की बात तो बहुत दूर है, अभी तक नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से कोई छोटा अधिकारी या क्लर्क तक बातचीत की पहल करने नहीं आया है।

शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर आंदोलनकारियों का मानना है कि इससे व्यवस्था में कम से कम एक नई और पारदर्शी शुरुआत जरूर होगी।

'जीरो टॉलरेंस' बनाम जमीनी हकीकत: 2024 के वादे के बाद 2026 में भी लीक

जंतर-मंतर पर जुटे आम नागरिकों और छात्रों में परीक्षा व्यवस्था में बार-बार हो रही धांधली को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

छात्रों के भविष्य पर संकट: लोगों का कहना है कि अगर देश की प्रतियोगी परीक्षाएं लगातार पेपर लीक का शिकार होती रहेंगी, तो युवाओं का भविष्य पूरी तरह असुरक्षित हो जाएगा।

पुराना भरोसा और नाकामी: साल 2024 में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था।

महाराष्ट्र का ताजा मामला: सरकार एक तरफ पेपर लीक के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ महाराष्ट्र में टीईटी (TET) परीक्षा का पेपर लीक होने का नया मामला सामने आ चुका है।

टकराव का रास्ता छोड़ संवाद करे सरकार, अड़ियल रवैये से देश का नुकसान

आंदोलन स्थल पर मौजूद आम लोगों का मानना है कि सोनम वांगचुक का देश और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान किसी परिचय का मोहताज नहीं है।

संवाद की मांग: नागरिकों का कहना है कि सरकार को इस बेहद संवेदनशील और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे पर अड़ियल रुख छोड़कर तुरंत टकराव का रास्ता बंद करना चाहिए।

ठोस कदम उठाने की अपील: देश की प्रगति को प्रभावित होने से बचाने के लिए सरकार को तुरंत ठोस नीतिगत सुधारों की घोषणा करनी चाहिए।

नागरिकों की आवाज: लोगों का तर्क है कि अगर ऐसे गंभीर हालात में भी देश का आम नागरिक आवाज नहीं उठाएगा, तो उसके पास दूसरा कोई लोकतांत्रिक विकल्प नहीं बचेगा।

18 दिनों से जारी इस आमरण अनशन और सरकार की चुप्पी ने दिल्ली के सियासी गलियारों में शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।

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