DMK ने कांग्रेस को घेरा; TVK को समर्थन देना बताया बड़ा विश्वासघात
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DMK ने कांग्रेस को घेरा; TVK को समर्थन देना बताया बड़ा विश्वासघात

बहुमत के लिए 118 का आंकड़ा जुटाने की जद्दोजहद के बीच कांग्रेस ने DMK से नाता तोड़ विजय का हाथ थाम लिया है। DMK ने इस कदम को तमिलनाडु की जनता के साथ 'पीठ में छुरा घोंपना' बताया है।


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Tamil Nadu TVK Congress Alliance: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों ने दो पुराने सहयोगियों, DMK और कांग्रेस के बीच दरार पैदा कर दी है। कांग्रेस ने सरकार बनाने के लिए विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने का फैसला किया है। इस कदम के साथ ही कांग्रेस करीब 60 साल बाद तमिलनाडु की सत्ता में वापसी की तैयारी कर रही है।


बहुमत के लिए 11 विधायकों की दरकार
तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है। वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:

TVK की ताकत: विजय ने दो सीटों से चुनाव जीता था। एक सीट छोड़ने के बाद TVK का कुल आंकड़ा 108 रह जाएगा।

जरूरत: विजय को साधारण बहुमत हासिल करने के लिए कम से कम 11 और विधायकों के समर्थन की जरूरत है।

कांग्रेस की शर्त: कांग्रेस ने TVK को 'शर्तों' के साथ समर्थन दिया है। मुख्य शर्त यह है कि TVK किसी भी सांप्रदायिक शक्ति या भाजपा गठबंधन के साथ हाथ नहीं मिलाएगी।

'कांग्रेस ने पीठ में छुरा घोंपा' : DMK का तीखा प्रहार
DMK ने कांग्रेस के इस फैसले की कड़ी निंदा की है। पार्टी प्रवक्ता सरवनन अन्नादुराई ने कहा कि कांग्रेस ने तमिलनाडु के जनादेश का अपमान किया है और लोगों की पीठ में छुरा घोंपा है। DMK नेताओं का कहना है कि उन्होंने हमेशा बुरे वक्त में कांग्रेस का साथ दिया और एमके स्टालिन ने ही राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया था।

टीआर बालू का भावनात्मक हमला
DMK कोषाध्यक्ष टीआर बालू ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी हमेशा कांग्रेस के सबसे कठिन समय में मजबूती से साथ खड़ी रही। उन्होंने कहा कि DMK ने इस वफादारी की भारी कीमत चुकाई है, फिर भी कभी शिकायत नहीं की, लेकिन आज कांग्रेस ने धोखा दिया है।

संवैधानिक प्रक्रिया और भविष्य की राह
विजय ने बहुमत साबित करने के लिए राज्यपाल के सामने दावा पेश किया है, लेकिन 118 का जादुई आंकड़ा अभी भी एक चुनौती बना हुआ है। कांग्रेस, लेफ्ट और अन्य छोटे दलों के समर्थन के बावजूद नंबर गेम अब भी पेचीदा है। शुक्रवार को होने वाली सहयोगी दलों की बैठकों के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में कब शपथ लेंगे।


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