ममता को भवानीपुर से हराया, इसी वजह से हुई मेरे PA की हत्या, सुवेंदु अधिकारी का बड़ा बयान
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'ममता को भवानीपुर से हराया, इसी वजह से हुई मेरे PA की हत्या', सुवेंदु अधिकारी का बड़ा बयान

पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन से पहले चंद्रनाथ रथ की हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह वाकई राजनीतिक रंजिश का नतीजा है या इसके पीछे कोई और अपराधी गिरोह है।


पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद भी हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी और उनके पीए (PA) चंद्रनाथ रथ की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे राज्य में राजनीतिक उबाल पैदा कर दिया है। गुरुवार को मृतक के परिवार से मिलने पहुंचे सुवेंदु अधिकारी ने सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर निशाना साधते हुए इसे एक "गहरी साजिश" करार दिया है।

सुवेंदु अधिकारी का बड़ा आरोप: 'हार का बदला है यह मर्डर'

सुवेंदु अधिकारी ने पत्रकारों से बात करते हुए एक चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा, "चंद्रनाथ को इसलिए मार दिया गया क्योंकि वह मेरा सहयोगी था और मैंने भवानीपुर चुनाव में ममता बनर्जी को हरा दिया। यही उनकी हत्या की असली वजह हो सकती है।" अधिकारी ने आगे कहा कि इस हत्याकांड की जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है।

सुवेंदु ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला है कि चंद्रनाथ को करीब से चार गोलियां मारी गई थीं। उन्होंने इसे "कोल्ड-ब्लडेड मर्डर" (सोची-समझी हत्या) बताते हुए कहा कि हमलावरों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। सुवेंदु ने साफ़ किया कि वे परिवार की न्याय की मांग के साथ मजबूती से खड़े हैं।

वारदात की खौफनाक तस्वीर

यह हमला उस वक्त हुआ जब चंद्रनाथ रथ अपनी कार से जा रहे थे। मौके से जो विजुअल्स सामने आए हैं, वे बेहद डरावने हैं। कार की अगली खिड़की गोलियों के निशान के साथ पूरी तरह चकनाचूर हो गई थी। इस हमले में चंद्रनाथ के ड्राइवर बुद्धदेव भी घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। गनीमत रही कि हमले के वक्त सुवेंदु अधिकारी कार में मौजूद नहीं थे। पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है।

भाजपा बनाम टीएमसी: वार-पलटवार का दौर

भाजपा नेता निखिल प्रसून ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा, "यह हत्या तृणमूल द्वारा सालों से तैयार की गई हिंसा की संस्कृति का नतीजा है। इसके पीछे एक गहरी साजिश है जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।"

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। टीएमसी ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर इस हत्या की निंदा तो की, लेकिन साथ ही आरोप लगाया कि पिछले तीन दिनों में भाजपा समर्थित उपद्रवियों ने उनके भी तीन कार्यकर्ताओं की हत्या की है। टीएमसी ने इसे भाजपा की ही आपसी रंजिश या साजिश बताने की कोशिश की है।

भवानीपुर की हार और बंगाल की नई राजनीति

आपको बता दें कि सुवेंदु अधिकारी कभी ममता बनर्जी के सबसे खास सिपहसालार हुआ करते थे, लेकिन 2021 चुनाव से ठीक पहले उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। 2021 में उन्होंने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराया था और अब 2026 के चुनावों में उन्होंने ममता के गढ़ भवानीपुर में उन्हें 15,106 वोटों के अंतर से करारी शिकस्त दी है।

इस बार के चुनाव में भाजपा ने बंगाल की 294 सीटों में से 207 सीटें जीतकर ममता बनर्जी के 15 साल के शासन को उखाड़ फेंका है। इस हार से बौखलाई ममता बनर्जी ने भाजपा पर 'वोटों की लूट' और चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। ममता ने अभी तक मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से भी इनकार कर दिया है, जिससे राज्य में एक बड़ा संवैधानिक और राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है।

कौन थे चंद्रनाथ रथ?

41 वर्षीय चंद्रनाथ रथ केवल सुवेंदु अधिकारी के पीए नहीं थे, बल्कि उनके सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार भी थे। भारतीय वायुसेना में देश की सेवा करने के बाद वे सुवेंदु के साथ राजनीति में सक्रिय हुए थे। उनकी हत्या को भाजपा अपने ऊपर एक बड़ा व्यक्तिगत और राजनीतिक हमला मान रही है।

पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन से पहले चंद्रनाथ रथ की हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह वाकई राजनीतिक रंजिश का नतीजा है या इसके पीछे कोई और अपराधी गिरोह है, यह तो SIT की जांच के बाद ही साफ होगा। लेकिन फिलहाल, बंगाल की धरती एक बार फिर राजनीतिक रक्तपात से लाल हो गई है।

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