हार के बाद बोले पिनराई विजयन- LDF के लिए यह अंत नहीं
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हार के बाद बोले पिनराई विजयन- LDF के लिए यह अंत नहीं

केरल चुनाव में हार के बाद पिनराई विजयन ने कहा कि LDF के लिए यह अंत नहीं है। उन्होंने आत्ममंथन, मजबूत विपक्ष और धर्मनिरपेक्षता की लड़ाई जारी रखने की बात कही।


केरल विधानसभा चुनाव में एलडीएफ (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) की हार के बाद सीपीआई(एम) पोलित ब्यूरो सदस्य पिनराई विजयन ने गुरुवार (7 मई) को कहा कि यह जनादेश वाम मोर्चे के लिए “सफर का अंत नहीं” बल्कि एक नई शुरुआत है।उन्होंने चुनाव परिणाम को एलडीएफ के लिए “पूरी तरह अप्रत्याशित” बताया, लेकिन साथ ही कहा कि यह नतीजा केरल में धर्मनिरपेक्षता और बहुलतावादी राजनीति की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

जनादेश को स्वीकार करते हुए विजयन ने यूडीएफ को जीत की बधाई दी और कहा कि लगातार चलाए गए अभियानों और हमलों के बावजूद राज्य के एक बड़े वर्ग ने एलडीएफ का समर्थन किया, जिससे मोर्चे को आगे बढ़ने का आत्मविश्वास मिला है।

उन्होंने कहा, “यह फैसला अंत नहीं, बल्कि लगातार राजनीतिक संघर्ष और जनसंपर्क की नई शुरुआत है।” विजयन ने भरोसा जताया कि एलडीएफ जनता का विश्वास दोबारा हासिल करेगा और पहले से ज्यादा मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा। पिछले एक दशक में एलडीएफ सरकार द्वारा लागू की गई विकास योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों ने समाज में वास्तविक बदलाव लाए हैं और इन पहलों को आगे भी जारी रखा जाना चाहिए।

“मजबूत और जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाएगा LDF”

पिनराई विजयन ने कहा कि एलडीएफ अब विधानसभा में एक मजबूत और जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाएगा।उन्होंने कहा कि “न्यू केरल” के विजन को आगे बढ़ाया जाएगा, जिसमें ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था, युवाओं के लिए रोजगार, सामाजिक न्याय और सार्वजनिक स्वास्थ्य व शिक्षा को मजबूत करना शामिल है। उन्होंने कहा कि गरीबी उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा जैसी नीतियों को नई सरकार पर लोकतांत्रिक दबाव बनाकर आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।

विजयन ने कहा, “हम हर उस कदम का समर्थन करेंगे जो जनता के जीवन को बेहतर बनाएगा, लेकिन जनविरोधी फैसलों का विरोध करेंगे। हमारा लक्ष्य एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में काम करना है।”

भाजपा की बढ़त पर जताई चिंता

पिनराई विजयन ने चुनाव परिणामों के वैचारिक पहलुओं को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि केरल की धर्मनिरपेक्ष और बहुलतावादी पहचान की रक्षा करना एलडीएफ की मूल प्रतिबद्धता है।विजयन ने भाजपा के तीन सीटें जीतने को “गंभीर संकेत” बताया और कहा कि चुनाव में कुछ ऐसे रुझान दिखाई दिए हैं जो धर्मनिरपेक्षता में विश्वास रखने वालों के लिए चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि एलडीएफ सांप्रदायिक ताकतों से किसी तरह का समझौता किए बिना विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगा।

मीडिया और गलत सूचना पर उठाए सवाल

सीपीआई(एम) नेता ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर गलत सूचना और दुष्प्रचार फैलाया गया।उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया संस्थानों की भूमिका की भी समीक्षा की जानी चाहिए।विजयन के मुताबिक आधे-अधूरे तथ्यों और बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए नैरेटिव लोकतंत्र के लिए स्वस्थ नहीं हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि एलडीएफ इस अनुभव से सीख लेगा।

व्यापक समीक्षा का ऐलान

पिनराई विजयन ने एलडीएफ की हार पर व्यापक समीक्षा प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की।उन्होंने कहा कि मोर्चा सभी स्तरों पर खुली और लोकतांत्रिक चर्चा करेगा, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जनता की चिंताओं, आलोचनाओं और सुझावों को भी शामिल किया जाएगा।

उन्होंने चुनाव प्रचार में मेहनत करने वाले हजारों कार्यकर्ताओं का आभार जताया और कहा कि यह परिणाम यूडीएफ, भाजपा और मीडिया के कुछ वर्गों के संयुक्त विरोध वाले राजनीतिक माहौल में सामने आया है।विजयन ने कहा कि एलडीएफ उन लोगों तक फिर से पहुंचने की कोशिश करेगा जो कथित “भ्रामक प्रचार” से प्रभावित हुए हैं।

“कमियों को सुधारकर आगे बढ़ेंगे”

चुनावी नतीजों को स्वीकार करते हुए पिनराई विजयन ने कहा कि एलडीएफ लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए अपनी कमियों को दूर करेगा और जनता के साथ अपने संबंधों को और मजबूत बनाएगा। उन्होंने कहा, “हम अधिक स्पष्टता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेंगे।” विजयन ने भरोसा दिलाया कि एलडीएफ केरल के भविष्य, जनकल्याण, लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगा।

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