
PM मोदी ने दी 'डबल इंजन' सरकार की गारंटी, बैरकपुर में कही ये बात
मोदी बोले "पश्चिम बंगाल के लोग मेरा परिवार हैं। मैं 4 मई के बाद भाजपा मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल आऊंगा।" जानें पूरी बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (27 अप्रैल) को यह विश्वास जताया कि विधानसभा चुनावों के बाद पश्चिम बंगाल में भाजपा की अगली सरकार बनेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि 4 मई को परिणाम घोषित होने के बाद वह राज्य में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए वापस आएंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा, "पश्चिम बंगाल के लोग मेरा परिवार हैं। मैं 4 मई के बाद भाजपा मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल आऊंगा।"
29 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव चरण के प्रचार के आखिरी दिन बैरकपुर में 'विजय संकल्प सभा' को संबोधित करते हुए मोदी ने सकारात्मक रुख अपनाया और राज्य में "पोरिबोर्तन" (परिवर्तन) की भविष्यवाणी की।
1857 के विद्रोह का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बैरकपुर, जिसने स्वतंत्रता के पहले युद्ध का गवाह बना था, एक बार फिर ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा। उन्होंने आगे कहा कि जिस भूमि ने कभी स्वतंत्रता आंदोलन की अलख जगाई थी, वह अब बंगाल में बदलाव का मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने लोगों से मिल रहे भारी जनसमर्थन का भी उल्लेख किया।
'सिंडिकेट राज' को लेकर टीएमसी पर प्रहार
मोदी ने सत्ताधारी टीएमसी पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर "सिंडिकेट राज", राजनीतिक हिंसा और आर्थिक गिरावट को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जहाँ भाजपा ने प्रचार के दौरान अपना दृष्टिकोण (विज़न) प्रस्तुत किया है, वहीं टीएमसी नेताओं ने अपने "मां, माटी, मानुष" के नारे का जिक्र तक नहीं किया।
उनके अनुसार, पार्टी उस मूल आधार को ही भूल गई है जिसके दम पर वह सत्ता में आई थी और महिलाओं की सुरक्षा, किसानों या युवाओं से जुड़े मुद्दों पर काम करने में विफल रही है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि टीएमसी की राजनीति "गाली-गलौज, झूठ और धमकियों" से प्रेरित है।
उन्होंने स्थानीय समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि बैरकपुर में कई औद्योगिक मिलें बंद हो गई हैं। टीएमसी शासन के तहत "सिंडिकेट राज" के व्यापक होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार राज्य में "जनता का शासन" बहाल करेगी।
संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान पर जोर
पीएम मोदी ने टीएमसी पर सशस्त्र बलों और संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी ने न तो अपने शासन का 'रिपोर्ट कार्ड' पेश किया है और न ही भविष्य के लिए कोई स्पष्ट रोडमैप दिया है।
राष्ट्रीय विकास में पूर्वी भारत के महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने कहा कि अंग (बिहार), बंग (बंगाल) और कलिंग (ओडिशा) जैसे क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से भारत की समृद्धि के केंद्र रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों के कमजोर होने से देश की ताकत प्रभावित हुई है और भारत की विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा के लिए इनका पुनरुद्धार आवश्यक है। "वंदे मातरम" का आह्वान करते हुए, उन्होंने इसे एक ऐसे प्रतीक के रूप में वर्णित किया जिसने कभी स्वतंत्रता के लिए प्रेरित किया था और अब इसे बंगाल के पुनर्निर्माण का मार्गदर्शन करना चाहिए।
पड़ोसी राज्यों में भाजपा को मिली हालिया बढ़त के साथ समानता दर्शाते हुए मोदी ने कहा, "ओडिशा और बिहार के बाद, इस बार पश्चिम बंगाल में भी कमल खिलेगा।"
भाजपा की 'डबल इंजन' वाली पिच
भाजपा की गारंटियों को रेखांकित करते हुए, मोदी ने कहा कि 4 मई के बाद भाजपा सरकार सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी और औद्योगिक विकास के माध्यम से रोजगार पैदा करेगी। उन्होंने आगे कहा कि सरकारी कर्मचारी बिना किसी डर के काम करेंगे और उन्हें 7वें वेतन आयोग के तहत लाभ प्राप्त होंगे।
उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों में प्रयोगशालाएं स्थापित करके रचनात्मक अर्थव्यवस्था (creative economy) को बढ़ावा देने और 125-दिवसीय रोजगार गारंटी तथा पीएम विश्वकर्मा योजना जैसी योजनाओं को लागू करने के बारे में भी बात की।
स्ट्रीट वेंडर्स (रेहड़ी-पटरी वालों) के लिए उन्होंने पीएम स्वनिधि योजना के तहत लाभ देने का वादा किया, जिसमें बैंक सहायता और क्रेडिट सुविधाओं तक पहुंच शामिल है। उन्होंने इन आश्वासनों को "मोदी की गारंटी" बताया और मतदाताओं से "डबल इंजन" सरकार का लाभ उठाने के लिए भाजपा के मुख्यमंत्री को चुनने का आग्रह किया।

