TVK ने बढ़ाई धड़कनें: AIADMK को टूट का डर, पुडुचेरी में की बाड़ेबंदी
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अभिनेता से राजनेता बने टीवीके प्रमुख विजय। फाइल फोटो।

TVK ने बढ़ाई धड़कनें: AIADMK को टूट का डर, पुडुचेरी में की 'बाड़ेबंदी'

तमिलनाडु में रिजॉर्ट पॉलिटिक्स की वापसी। अभिनेता विजय की पार्टी TVK की नजर बहुमत पाने पर है। तो घबराई अन्नाद्रमुक (AIADMK) ने अपने विधायकों को पुडुचेरी भेजा...


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तमिलनाडु की वर्तमान राजनीति में एक पुराना अध्याय नए सिरे से देखने को मिल रहा है। अब जब अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके बहुमत प्राप्ति से मात्र १० सीट पीछे रह गई है, ऐसे में वह नए साथियों की तलाश में हैं। ताकि संख्या बल दिखाकर सरकार बनाई जा सके। वहीं, राज्य की पुरानी पार्टी अन्नाद्रमुक को इस बात का डर सता रहा है कि कहीं उनके विधायक, ऐक्टर विजय के फैन ना बन जाएं! इसलिए पार्टी ने विधायकों को पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में स्थानांतरित कर दिया गया है, विधायकों को भेजने की पुष्टि पार्टी ने बुधवार को की।


अन्नाद्रमुक ने सुरक्षित की अपनी 'टोली'

अन्नाद्रमुक के प्रवक्ता कोवई सत्यन ने कहा कि पार्टी के विधायकों को पुडुचेरी में ठहराया गया है। हालांकि, समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि कुल कितने विधायकों को वहां ले जाया गया है या इस निर्णय के पीछे मुख्य कारण क्या है।

सूत्रों का कहना है कि एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) के नेतृत्व वाली अन्नाद्रमुक, विजय के नेतृत्व वाली टीवीके (तमिलगा वेत्री कज़गम) को सरकार बनाने में मदद करने के लिए बिना शर्त समर्थन देने को तैयार थी। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच इस संबंध में चर्चा भी चल रही थी।

टीवीके की चुप्पी के बाद अन्नाद्रमुक ने वापस लिया प्रस्ताव

सूत्रों के अनुसार, बुधवार दोपहर से टीवीके खेमे की ओर से लंबी चुप्पी साधे जाने के बाद अन्नाद्रमुक ने अपना समर्थन का प्रस्ताव वापस लेने का फैसला किया। इसके साथ ही पार्टी नेताओं ने द्रमुक (DMK) के साथ किसी भी गठबंधन की संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक, अन्नाद्रमुक और टीवीके के बीच बातचीत मंगलवार सुबह शुरू हुई थी। टीवीके द्वारा बहुमत के आंकड़े से पीछे रह जाने के बाद वरिष्ठ नेता चुनाव के बाद की संभावित व्यवस्थाओं पर विचार कर रहे थे। पलानीस्वामी के एक करीबी सहयोगी और वरिष्ठ नेता ने कहा, "हमने एक स्थिर सरकार के लिए बिना शर्त समर्थन की पेशकश की थी। हमारे लिए आपसी सम्मान की शर्त पर सब कुछ विचारणीय था, लेकिन बुधवार दोपहर से टीवीके की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।"

कांग्रेस के समर्थन के बाद बदला घटनाक्रम

दोनों खेमों के बीच बातचीत बुधवार दोपहर के आसपास अचानक तब समाप्त हो गई, जब कांग्रेस ने टीवीके को 'सशर्त समर्थन' देने की पेशकश की। कांग्रेस ने टीवीके से उन "सांप्रदायिक ताकतों से दूर रहने का आग्रह किया जो संविधान में विश्वास नहीं रखतीं।"

एक वरिष्ठ अन्नाद्रमुक नेता ने कहा, "विजय कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। उन्होंने हमारी उपेक्षा की। हमारे स्वेच्छा से दिए गए समर्थन पर कोई उचित प्रतिक्रिया नहीं मिली, इसलिए हमने बातचीत बंद कर दी। अब हमें अपनी पार्टी को एकजुट रखना है और अपना राजनीतिक अनुभव दिखाना है।"

विधानसभा की स्थिति और चुनावी आंकड़े

यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब टीवीके 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत हासिल करने की कोशिश कर रही है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, जिसके पास पांच विधायक हैं, पहले ही पार्टी को अपना समर्थन दे चुकी है।

विधानसभा चुनाव के नतीजे

टीवीके (TVK): 108 सीटें (सबसे बड़ी पार्टी)

द्रमुक (DMK): 59 सीटें

अन्नाद्रमुक (AIADMK): 47 सीटें

कांग्रेस: 05 सीटें

पीएमके (PMK): 04 सीटें

आईयूएमएल, सीपीआई, सीपीआई(एम) और वीसीके: 02-02 सीटें

भाजपा, डीएमडीके और एएमएमके: 01-01 सीट

अन्नाद्रमुक नेतृत्व टीवीके द्वारा चुनाव बाद के विकल्पों को संभालने के तरीके से असंतुष्ट दिखा। जबकि वह उन छोटी पार्टियों के लिए भी विकल्प खुले रखे हुए है जो राजनीतिक संकट के दौरान स्थिरता प्रदान करने में असमर्थ हो सकती हैं।

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