3 टिकट, 3 पार्टियाँ और 100% जीत: लॉटरी किंग परिवार का अनोखा रिकॉर्ड
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3 टिकट, 3 पार्टियाँ और 100% जीत: 'लॉटरी किंग' परिवार का अनोखा रिकॉर्ड

तमिलनाडु और पुडुचेरी चुनाव 2026 में लॉटरी किंग सांटियागो मार्टिन के परिवार ने रचा इतिहास। जानें कैसे सत्ता और विपक्ष दोनों में काबिज हुआ एक ही परिवार का रसूख।


Tamil Nadu Puducherry Results 2026 : तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने एक ऐसा चौंकाने वाला और ऐतिहासिक राजनीतिक परिणाम पेश किया है, जिसकी मिसाल भारतीय राजनीति में शायद ही कहीं मिले। मशहूर व्यवसायी सांटियागो मार्टिन, जिन्हें देश भर में "लॉटरी किंग" के नाम से जाना जाता है, के परिवार ने इस चुनाव में शत-प्रतिशत सफलता हासिल की है। मार्टिन परिवार के तीन सदस्यों ने तीन अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं और दलों से चुनाव लड़ा और तीनों ही विधानसभा पहुँचने में सफल रहे।


यह परिणाम न केवल उनकी व्यक्तिगत जीत है, बल्कि यह मार्टिन परिवार के गहरे राजनीतिक रसूख और रणनीतिक पैठ को भी दर्शाता है। सांटियागो मार्टिन की पत्नी लीमा रोज मार्टिन ने तमिलनाडु की लालगुडी सीट से अन्नाद्रमुक (AIADMK) के टिकट पर जीत हासिल की। पुडुचेरी में उनके बेटे जोस चार्ल्स मार्टिन ने अपनी खुद की पार्टी बनाकर एनडीए (NDA) गठबंधन के तहत जीत दर्ज की। वहीं, चेन्नई की विल्लिवक्कम सीट से आधव अर्जुना ने तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) के बैनर तले जीत हासिल की, जो अब तमिलनाडु में सरकार बनाने जा रही है।


जीत के आंकड़े और मजबूत पकड़
सांटियागो मार्टिन की पत्नी लीमा रोज मार्टिन ने पहली बार चुनावी मैदान में कदम रखा और लालगुडी जैसी चुनौतीपूर्ण सीट पर जीत दर्ज की। उन्होंने एक कड़े मुकाबले में 60,795 वोट हासिल किए और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 2,739 वोटों से हराया। चुनाव आयोग को दी गई जानकारी के अनुसार, वे इस चुनाव के सबसे अमीर उम्मीदवारों में से एक थीं।

पुडुचेरी में जोस चार्ल्स मार्टिन ने अपनी पार्टी 'लछिया जननयगा कच्ची' के माध्यम से चुनाव लड़ा। एनडीए के समर्थन से उन्होंने कामराज नगर सीट पर 10,000 से अधिक वोटों के अंतर से एक आसान जीत हासिल की। यह पहली बार है जब वे विधायी प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे। इसी तरह, आधव अर्जुना ने चेन्नई की विल्लिवक्कम सीट पर 17,302 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक क्षमता साबित की। अब वे सत्ताधारी दल टीवीके (TVK) के एक महत्वपूर्ण विधायक होंगे।

सत्ता और विपक्ष: हर तरफ मार्टिन परिवार
इस चुनाव परिणाम ने एक दुर्लभ राजनीतिक स्थिति पैदा कर दी है। अब एक ही परिवार के सदस्य सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का हिस्सा होंगे:

लीमा रोज मार्टिन: तमिलनाडु विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल अन्नाद्रमुक की सदस्य के रूप में बैठेंगी।

जोस चार्ल्स मार्टिन: पुडुचेरी में एनडीए सरकार के शासन तंत्र का हिस्सा होंगे।

आधव अर्जुना: तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी टीवीके के साथ सरकार में भूमिका निभाएंगे।

विरासत और विवादों का साया
मार्टिन परिवार की इस जीत को सांटियागो मार्टिन के व्यापारिक साम्राज्य और उनके वित्तीय प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है। मार्टिन ग्रुप का कारोबार रियल एस्टेट, टेक्सटाइल और हॉस्पिटैलिटी सहित कई क्षेत्रों में फैला है, लेकिन उनकी पहचान मुख्य रूप से लॉटरी व्यवसाय से रही है। सांटियागो मार्टिन का नाम अक्सर चुनावी फंडिंग और राजनीतिक चंदे के मामलों में चर्चा में रहता है। उनके परिवार के सदस्यों द्वारा घोषित करोड़ों की संपत्ति ने भी इस चुनाव में सबका ध्यान खींचा।

राजनीतिक निहितार्थ
विश्लेषकों का मानना है कि अलग-अलग दलों से चुनाव लड़ना एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है ताकि किसी भी दल की सरकार बनने पर परिवार का प्रभाव बना रहे। चाहे इसे एक रणनीतिक कदम माना जाए या महज एक चुनावी संयोग, लेकिन यह हकीकत है कि अब सांटियागो मार्टिन का परिवार दक्षिण भारत के कई शक्ति केंद्रों पर एक साथ काबिज है। तमिलनाडु की नई सरकार से लेकर पुडुचेरी के शासन तक, इस परिवार की मौजूदगी अब हर महत्वपूर्ण गलियारे में महसूस की जाएगी।

(ऊपर दिया गया कंटेंट एक खास AI मॉडल का इस्तेमाल करके वीडियो से ट्रांसक्राइब किया गया है। सटीकता, गुणवत्ता और संपादकीय निष्ठा सुनिश्चित करने के लिए, हम 'ह्यूमन-इन-द-लूप' (HITL) प्रक्रिया का उपयोग करते हैं। जहाँ AI शुरुआती ड्राफ़्ट बनाने में मदद करता है, वहीं हमारी अनुभवी संपादकीय टीम इसे प्रकाशित करने से पहले कंटेंट की सावधानीपूर्वक समीक्षा, संपादन और उसे बेहतर बनाती है। 'द फ़ेडरल' में, हम विश्वसनीय और गहन पत्रकारिता पेश करने के लिए AI की कार्यक्षमता को मानवीय संपादकों की विशेषज्ञता के साथ जोड़ते हैं।)


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