
थलपति विजय की पार्टी पर भड़के दिनाकरन, चेन्नई में सियासी घमासान तेज!
विजय लगातार राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात कर रहे हैं। इसी बीच TTV दिनाकरन ने आरोप लगाया कि विजय की पार्टी ने राज्यपाल को AMMK के समर्थन का फर्जी पत्र सौंपा।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे आए चार दिन बीत चुके हैं। लेकिन सरकार गठन को लेकर सस्पेंस कम होने के बजाय और गहराता जा रहा है। राज्य की राजनीति में अब एक नया और गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। एएमएमके (AMMK) प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने थलपति विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) पर जालसाजी का संगीन आरोप लगाते हुए मामला पुलिस के पास पहुंचा दिया है।
फर्जीवाड़े का आरोप और राज्यपाल से मुलाकात
इन चुनावों में 110 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी टीवीके (TVK) वर्तमान में बहुमत का आंकड़ा (118) जुटाने की जद्दोजहद में लगी है। विजय लगातार राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात कर रहे हैं। इसी बीच, टीटीवी दिनाकरन ने आरोप लगाया है कि विजय की पार्टी ने राज्यपाल को एएमएमके के समर्थन का एक 'फर्जी' पत्र सौंपा है।
दिनाकरन ने स्पष्ट किया, "यह पूरी तरह से जालसाजी है और हम इसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने जा रहे हैं।" उन्होंने बताया कि टीवीके ने उनके विधायक एस. कामराज के नाम से एक फर्जी समर्थन पत्र राजभवन में जमा किया था। दिनाकरन ने आगे कहा, "मैंने राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें वह असली पत्र दिखाया है, जो मुझे हमारे मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पलानीस्वामी से प्राप्त हुआ था। जब मुझे पता चला कि टीवीके ने उस पत्र की फोटोकॉपी का फर्जीवाड़ा किया है तो मैंने राज्यपाल को मूल दस्तावेज सौंप दिए।"
एआईएडीएमके के साथ सरकार बनाने का दावा
दिनाकरन ने न केवल टीवीके पर हमला बोला बल्कि एआईएडीएमके (AIADMK) की अगुवाई में सरकार बनाने का दावा भी ठोक दिया है। उन्होंने कहा कि वे अन्य दलों से समर्थन जुटाएंगे और जल्द ही राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का आधिकारिक दावा पेश करेंगे।
विवाद बढ़ने पर दिनाकरन चेन्नई के गुइंडी पुलिस स्टेशन पहुंचे और टीवीके के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी की औपचारिक आपराधिक शिकायत दर्ज कराई।
विजय की पार्टी का पलटवार: जारी किया वीडियो
दूसरी ओर विजय की पार्टी टीवीके ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। आरोपों के जवाब में टीवीके ने एएमएमके के एकमात्र विधायक एस. कामराज का एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में कामराज स्पष्ट रूप से विजय को समर्थन देने की बात कह रहे हैं। वीडियो में विधायक यह दावा करते नजर आ रहे हैं कि टीवीके को समर्थन देने का फैसला खुद टीटीवी दिनाकरन की सहमति से लिया गया है।
वीडियो जारी करते हुए विजय की पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "हमें किसी के साथ भी सौदेबाजी (Bargaining) या बातचीत (Negotiation) करने की आवश्यकता नहीं है।"
विधायक के 'लापता' होने का ड्रामा
इससे पहले दिन में, टीटीवी दिनाकरन ने विजय पर विधायकों की खरीद-फरोख्त (Horse-trading) की कोशिश का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी। उन्होंने राज्यपाल से शिकायत की थी कि उनके इकलौते विधायक एस. कामराज लापता हैं। हालांकि, नाटकीय घटनाक्रम के तहत आधी रात के बाद दिनाकरन खुद विधायक कामराज को साथ लेकर राजभवन पहुंचे। वहां उन्होंने एक पत्र पढ़कर सुनाया और दावा किया कि एआईएडीएमके को दिया गया उनका समर्थन पत्र ही एकमात्र वैध दस्तावेज है।
तमिलनाडु की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी, यह अभी भी भविष्य के गर्भ में है। लेकिन 'समर्थन पत्रों' के इस युद्ध ने राज्य की राजनीति को बेहद गरमा दिया है।

