
तमिलनाडु में सरकार बनाने की तैयारी तेज, लेकिन विजय की शपथ अधर में
तमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस बढ़ गया है। VCK और IUML के समर्थन पत्र लंबित होने से विजय के शपथग्रहण की तारीख और समय तय नहीं हो पाया है।
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर एक बार फिर राजनीतिक सस्पेंस गहरा गया है। TVK प्रमुख विजय के शनिवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की चर्चा थी, लेकिन अब तक राजभवन की ओर से शपथग्रहण की तारीख और समय की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। नई जानकारी के मुताबिक, राज्यपाल अभी दो सहयोगी दलों के समर्थन पत्र का इंतजार कर रहे हैं।
राज्यपाल को नहीं मिले दो दलों के समर्थन पत्र
सूत्रों के अनुसार, वीसीके (VCK) और आईयूएमएल (IUML) के विधायकों के हस्ताक्षर वाले समर्थन पत्र अभी तक राज्यपाल को नहीं सौंपे गए हैं। विजय ने फिलहाल 116 विधायकों के समर्थन वाला पत्र राज्यपाल को दिया है और भरोसा दिलाया है कि बाकी समर्थन पत्र भी जल्द जमा करा दिए जाएंगे।इसी वजह से राजभवन ने अभी तक सरकार गठन और शपथग्रहण को लेकर अंतिम फैसला नहीं लिया है। फिलहाल TVK, कांग्रेस, CPI और CPM के विधायकों के हस्ताक्षर वाले पत्र ही राज्यपाल के पास पहुंचे हैं।
TVK के पास कितने विधायकों का समर्थन?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में TVK ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई। हालांकि विजय दो सीटों से चुनाव जीते थे, इसलिए एक सीट छोड़ने के बाद पार्टी के विधायकों की संख्या 107 मानी जाएगी।सरकार बनाने के लिए 118 सीटों का बहुमत जरूरी है। ऐसे में TVK को सहयोगी दलों का समर्थन मिला है। जानकारी के मुताबिक:
कांग्रेस के 5 विधायक समर्थन में
CPI के 2 विधायक
CPM के 2 विधायक
IUML के 2 विधायक
VCK के 2 विधायक
इन सभी को मिलाकर TVK के समर्थन में कुल 120 विधायक बताए जा रहे हैं।
राज्यपाल ने दिया था सरकार बनाने का न्योता
शुक्रवार देर शाम तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था। राजभवन में हुई मुलाकात के दौरान विजय ने सरकार गठन का दावा पेश किया और जिम्मेदारी स्वीकार की।इससे पहले खबरें थीं कि मुख्यमंत्री पद के शपथग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई बड़े विपक्षी नेता भी शामिल हो सकते हैं।
राजनीति में विजय की एंट्री बनी नई लहर
फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए विजय ने बेहद कम समय में तमिलनाडु की राजनीति में बड़ी जगह बना ली है। उनकी पार्टी TVK को युवाओं, महिलाओं और आम मतदाताओं का जबरदस्त समर्थन मिला। पहली बार चुनाव लड़ने के बावजूद पार्टी का शानदार प्रदर्शन राजनीतिक विश्लेषकों को भी चौंकाने वाला रहा।
चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनकी रैलियों में भारी भीड़ देखने को मिली, जिसने TVK को राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनाने में अहम भूमिका निभाई।
विजय के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती चुनावी वादों को जमीन पर उतारने की होगी। जनता उनसे बेहतर शिक्षा व्यवस्था, रोजगार के अवसर, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और निवेश बढ़ाने जैसी उम्मीदें लगाए बैठी है।वहीं, उनके समर्थकों का कहना है कि विजय की संभावित सरकार तमिलनाडु में नई राजनीतिक संस्कृति और प्रशासनिक मॉडल की शुरुआत कर सकती है।

