4 मई की मतगणना से पहले भड़की ममता, लगाए धांधली के आरोप, चुनाव आयोग को भी लपेटा
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4 मई की मतगणना से पहले भड़की ममता, लगाए धांधली के आरोप, चुनाव आयोग को भी लपेटा

पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईवीएम (EVM) सुरक्षा को लेकर मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार रात वह खुद भवानीपुर के स्ट्रांग रूम पहुंचीं और करीब चार घंटे वहां रहकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।


पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आने में अब कुछ ही घंटे शेष हैं, लेकिन इससे पहले राज्य की राजनीति में जबरदस्त तनाव पैदा हो गया है। शुक्रवार (1 मई) की आधी रात को मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी अचानक भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र के स्ट्रांग रूम पहुंच गईं। लगभग चार घंटे तक वहां रुकने के बाद उन्होंने मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता और सीसीटीवी (CCTV) की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल उठाए। दूसरी ओर, चुनाव आयोग (EC) ने स्पष्ट किया है कि मतगणना केंद्रों पर किसी भी प्रकार की धांधली की कोई गुंजाइश नहीं है।

ममता बनर्जी का आधी रात को औचक दौरा

शुक्रवार शाम को ममता बनर्जी कोलकाता के साखावत मेमोरियल स्कूल स्थित मतगणना केंद्र पहुंचीं, जहाँ भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र की ईवीएम (EVM) मशीनों को 'स्ट्रांग रूम' में रखा गया है। रात करीब 12:07 बजे बाहर निकलते हुए उन्होंने मीडिया से बात की। ममता ने आरोप लगाया कि उन्हें गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद उन्हें वहां आना पड़ा।

उन्होंने कहा, "पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य है। लोगों के वोट सुरक्षित रहने चाहिए। मुझे शिकायतें मिलने के बाद यहां आना पड़ा, लेकिन शुरुआत में केंद्रीय बलों ने मुझे अंदर जाने से भी रोकने की कोशिश की।" ममता ने मांग की कि मतगणना केंद्र के ऊपरी हिस्से में केवल उम्मीदवार या एक एजेंट को ही रहने की अनुमति दी जानी चाहिए और मीडिया के लिए अलग से सीसीटीवी मॉनिटर लगाए जाने चाहिए ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे।

चुनाव आयोग की दो-टूक: 'धांधली मुमकिन नहीं'

ममता बनर्जी के आरोपों और उनके दौरे के कुछ ही घंटों बाद पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि मतगणना केंद्रों पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कोई संभावना नहीं है। अग्रवाल ने बताया कि स्ट्रांग रूम की 24 घंटे सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है और मॉनिटर बाहर लगाए गए हैं ताकि लोग उन्हें देख सकें।

सीईओ ने कड़े लहजे में कहा, "व्यवस्थाओं को देखते हुए किसी भी गलत काम की कोई गुंजाइश नहीं है। अगर कोई आरोप लगाता है, तो उसके पास ठोस कारण और सबूत होने चाहिए। ये आरोप पूरी तरह निराधार हैं।"

टीएमसी का विरोध और बीजेपी से टकराव

ममता बनर्जी के दौरे के साथ-साथ कोलकाता के अन्य हिस्सों में भी टीएमसी उम्मीदवारों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उत्तरी कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र के बाहर टीएमसी उम्मीदवार कुणाल घोष और शशि पांजा धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्ट्रांग रूम में रखी ईवीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। इस दौरान वहां मौजूद टीएमसी और बीजेपी समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

कुणाल घोष ने विशेष रूप से पोस्टल बैलेट (Postal Ballots) लाए जाने के समय अनधिकृत हलचल की आशंका जताई। उन्होंने कहा, "पार्टी कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों को 24 घंटे सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। हम किसी भी कीमत पर जनादेश के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे।"

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

बढ़ते तनाव को देखते हुए कोलकाता पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। कोलकाता के संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) रूपेश कुमार ने खुदीराम अनुशीलन केंद्र का दौरा करने के बाद बताया कि अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी मॉनिटर देखने के लिए अधिकृत व्यक्तियों को विशेष पहचान पत्र (ID Cards) जारी किए गए हैं ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो।

4 मई को होने वाली मतगणना से पहले पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल बेहद गर्म है। एक तरफ जहां एग्जिट पोल बीजेपी को बढ़त दिखा रहे हैं, वहीं ममता बनर्जी ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि मतगणना प्रक्रिया में किसी भी तरह की छेड़छाड़ की कोशिश की गई, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब सबकी नजरें रविवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं।

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