
'200 पार जाएगी TMC!' ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र, एग्जिट पोल्स को बताया फर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव नतीजों से पहले एग्जिट पोल्स को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि टीएमसी 200 से अधिक सीटें जीतेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि एग्जिट पोल केवल शेयर बाजार को प्रभावित करने का एक जरिया हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से ठीक दो दिन पहले मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। शनिवार (2 मई) को पार्टी कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों के साथ एक वर्चुअल बैठक में ममता ने एग्जिट पोल्स के अनुमानों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सर्वे केवल स्टॉक मार्केट की भावनाओं को प्रभावित करने के लिए फैलाए जा रहे हैं। ममता ने पूरे आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि उनकी पार्टी राज्य में 200 से अधिक सीटें जीतकर सत्ता में वापसी करने जा रही है।
एग्जिट पोल्स पर तीखा हमला
4 मई को होने वाली मतगणना से पहले करीब शाम 4:30 बजे शुरू हुई इस वर्चुअल मीटिंग में ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल्स को मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह के नैरेटिव बनाए जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, ममता ने कहा, "एग्जिट पोल कुछ और नहीं बल्कि शेयर बाजार में हेरफेर करने की एक कोशिश है। उन्होंने ऐसा 2021 में किया, 2024 में किया और अब फिर से वही कर रहे हैं।" उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इन सर्वेक्षणों से विचलित न हों और अपनी जीत पर भरोसा रखें।
कार्यकर्ताओं का बढ़ाया उत्साह
चुनाव परिणामों की घोषणा से दो दिन पहले ममता ने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं, उम्मीदवारों और काउंटिंग एजेंट्स को बधाई दी। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि ममता ने इस अभियान को एक "अटूट और समझौताहीन" अभियान बताया। उन्होंने पार्टी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया, "हम जीतेंगे और 200 से अधिक सीटों के साथ जीतेंगे।"
मतगणना के दिन के लिए सख्त निर्देश
बैठक का एक बड़ा हिस्सा मतगणना के दिन की तैयारियों और प्रोटोकॉल पर केंद्रित था। ममता बनर्जी और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने काउंटिंग एजेंट्स को सख्त निर्देश दिए कि वे स्ट्रॉन्ग रूम से ईवीएम (EVM) बाहर आने के बाद की हर प्रक्रिया पर पैनी नजर रखें।
पार्टी नेतृत्व ने दिया निर्देश
काउंटिंग एजेंट्स को हर राउंड की रिपोर्ट सीधे शीर्ष नेतृत्व को देनी होगी।
जब तक मतगणना पूरी तरह समाप्त न हो जाए और आधिकारिक घोषणा न हो जाए, तब तक कोई भी एजेंट काउंटिंग सेंटर नहीं छोड़ेगा।
किसी भी प्रकार की गड़बड़ी दिखने पर तुरंत आपत्ति दर्ज करानी होगी।
केंद्रीय बलों और "अत्याचार" के आरोप
ममता बनर्जी ने चुनाव के दौरान तैनात केंद्रीय बलों के व्यवहार पर भी चिंता जताई। उन्होंने कई निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के खिलाफ "क्रूरता" और "अत्याचार" का जिक्र किया। उन्होंने उन कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया जिन्होंने कथित डराने-धमकाने के बावजूद अपनी जमीन नहीं छोड़ी। ममता ने कहा, "पार्टी उन कार्यकर्ताओं को कभी नहीं भूलेगी जो हिंसा और दबाव के सामने डटे रहे।"
इसी सुर में अभिषेक बनर्जी ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्रीय बलों के माध्यम से मतदान को प्रभावित करने की कोशिश की। अभिषेक ने कहा, "वे हर गाँव और गली में गए, महिलाओं के साथ मारपीट की और बच्चों तक को नहीं बख्शा। मीडिया का एक खास वर्ग भी इस काम में उनकी मदद कर रहा है।"
दिल्ली फतह की हुंकार
ममता बनर्जी ने बंगाल में जीत के बाद राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी भूमिका को लेकर संकेत दिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि बंगाल की यह जीत केवल राज्य तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह "दिल्ली पर कब्जा" करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। हालांकि, भाजपा नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह ने इन दावों को मजाकिया बताते हुए खारिज किया है।
4 मई की मतगणना से पहले पश्चिम बंगाल में तनाव और उत्साह दोनों चरम पर हैं। जहाँ एक ओर एग्जिट पोल कड़ी टक्कर या भाजपा की बढ़त दिखा रहे हैं, वहीं ममता बनर्जी ने '200 पार' का नारा देकर अपने कैडर में नया जोश भर दिया है। अब देखना यह होगा कि शनिवार की यह वर्चुअल मीटिंग सोमवार के नतीजों में कितनी सटीक साबित होती है।

