
बंगाल मुख्य सचिव का सख्त आदेश: 'फाइलें गायब न हों, न ही फोटोकॉपी'
रुझानों में भाजपा की जीत के बीच बंगाल के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला ने सचिवों को आदेश दिया है कि विभागों की एक भी फाइल नष्ट या गायब न हो, लापरवाही पर होगी कार्रवाई।
West Bengal Election Results 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम में भाजपा को बहुमत मिलने के बाद राज्य प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला ने राज्य के सभी विभागीय सचिवों को आधिकारिक आदेश जारी किया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि किसी भी विभाग की कोई भी महत्वपूर्ण फाइल, कागज या कम्युनिकेशन न तो नष्ट किया जाना चाहिए और न ही कार्यालय से बाहर जाना चाहिए।
फाइलों की फोटोकॉपी और स्कैनिंग पर भी रोक
मुख्य सचिव ने आदेश में सख्त लहजे में कहा है कि किसी भी फाइल या दस्तावेज का अवैध तरीके से फोटोस्टेट या स्कैन नहीं किया जाएगा। सभी विभागीय प्रमुखों और सचिवों को व्यक्तिगत रूप से फाइलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आदेश में चेतावनी दी गई है कि यदि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरती गई, तो संबंधित अधिकारी को व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
क्यों अहम है यह आदेश?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह आदेश बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान टीएमसी शासन के कथित घोटालों की जांच कराने का वादा किया था। अक्सर देखा गया है कि सरकार बदलने के समय पुराने रिकॉर्ड्स को नष्ट या गायब करने की कोशिश की जाती है। इस आदेश के जरिए प्रशासन ने भविष्य में होने वाली किसी भी संभावित जांच के लिए साक्ष्यों को सुरक्षित करने की कोशिश की है।
कौन हैं दुष्यंत नारियाला?
दुष्यंत नारियाला 1993 बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के आईएएस (IAS) अधिकारी हैं। उन्होंने 16 मार्च 2026 को मुख्य सचिव का पदभार संभाला था। वर्तमान विधानसभा चुनाव के दौरान वे चुनाव आयोग और राज्य प्रशासन के बीच मुख्य कड़ी की भूमिका निभा रहे हैं। उनके इस आदेश ने यह साफ कर दिया है कि प्रशासन अब नई व्यवस्था की ओर बढ़ने के लिए तैयार है।
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