
बंगाल चुनावों में बड़ा मोड़, फलता के 285 बूथों पर पुनर्मतदान की तैयारी
चुनाव आयोग ने गड़बड़ी की शिकायतों और स्थानीय तनाव को देखते हुए पूरी विधानसभा सीट पर दोबारा चुनाव कराने का बड़ा निर्णय लिया है...
पश्चिम बंगाल में चुनावी गहमागहमी के बीच निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए फलता विधानसभा सीट पर दोबारा मतदान (Re-polling) कराने का आदेश जारी कर दिया है। आयोग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी की गंभीर शिकायतों और स्थानीय स्तर पर बढ़ते विरोध के बाद फलता के सभी 285 बूथों पर फिर से वोट डाले जाएंगे।
यह आदेश उस समय आया जब दक्षिण 24 परगना जिले के इस निर्वाचन क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। फलता के हाशिमनगर गांव में ग्रामीणों ने टीएमसी (TMC) उम्मीदवार जहांगीर खान के करीबी पंचायत प्रधान इसराफिल पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का दावा है कि उन्हें चुनाव परिणाम आने के बाद हिंसा और आगजनी की धमकी दी गई थी।
इस धमकी से आक्रोशित होकर बड़ी संख्या में ग्रामीण, जिनमें महिलाओं की तादाद काफी अधिक थी, सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा (BJP) के झंडे लेकर रास्ता जाम कर दिया और सुरक्षा की गारंटी के साथ-साथ दोबारा चुनाव कराने की मांग की। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन को इलाके में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की भारी टुकड़ियां तैनात करनी पड़ीं।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि फलता विधानसभा के अंतर्गत आने वाले सभी 285 मतदान केंद्रों (सहायक केंद्रों सहित) पर एक साथ री-पोलिंग कराई जाएगी। आयोग का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और भयमुक्त बनाना है।
महत्वपूर्ण तिथियां और समय...
मतदान की तारीख: 21 मई 2026
समय: सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक
मतगणना (Results): 24 मई 2026
आयोग ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं ताकि मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
दक्षिण 24 परगना में अन्य जगहों पर भी हुई री-पोलिंग
उल्लेखनीय है कि फलता से पहले शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के ही 15 अन्य मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान संपन्न कराया गया। इनमें मगराहाट पश्चिम के 11 और डायमंड हार्बर के 4 बूथ शामिल थे। अब फलता में होने वाली री-पोलिंग पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
स्ट्रॉन्ग रूम सुरक्षा: कुणाल घोष का आयोग पर बड़ा दावा
इसी बीच, बेलियाघाटा विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी उम्मीदवार कुणाल घोष ने स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। घोष ने दावा किया कि पोस्टल बैलट वाले स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में हो रही संदिग्ध गतिविधियों पर पार्टी ने आपत्ति दर्ज कराई थी।
घोष के अनुसार, "आयोग ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और यह आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं होगी।" उन्होंने यह भी बताया कि पहले वहां सीसीटीवी (CCTV) और लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था नहीं थी, लेकिन अब कैमरे लगा दिए गए हैं और पार्टी के एजेंट लाइव स्क्रीन के जरिए हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे नजर रख रहे हैं।

