गोल्ड-सिल्वर के भाव धड़ाम, चांदी 8 हजार रुपये तक टूटी
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गोल्ड-सिल्वर के भाव धड़ाम, चांदी 8 हजार रुपये तक टूटी

सोना 1400 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 8000 रुपये प्रति किलो तक टूट गई। अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली से बाजार पर दबाव बढ़ा।


शुक्रवार को सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे बुलियन और कमोडिटी बाजार में हलचल मच गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार के दौरान दोनों कीमती धातुओं में तेज बिकवाली देखने को मिली। खासतौर पर चांदी की कीमतों में करीब 8,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना 1,400 रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक टूट गया।

एमसीएक्स पर सोना-चांदी में तेज गिरावट

एमसीएक्स पर 5 अगस्त डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव 1,400 रुपये से अधिक गिरकर 1,57,651 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। वहीं चांदी का भाव करीब 8,000 रुपये टूटकर 2,57,900 रुपये प्रति किलोग्राम के नीचे आ गया।यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई है और निवेशक मुनाफावसूली की ओर बढ़ रहे हैं।

बुलियन मार्केट में भी फिसले भाव

इंडियन बुलियन मार्केट के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1,400 रुपये घटकर 1,54,190 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। इसी तरह 22 कैरेट सोना 1,41,238 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोना 1,15,643 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा।

चांदी की कीमतों में भी 4,000 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक की गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव 2,54,950 रुपये प्रति किलोग्राम तक आ गया।

क्यों टूटी सोना-चांदी की कीमत?

अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बढ़ी चिंता

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के कुछ फेडरल रिजर्व अधिकारियों के हालिया बयानों के बाद यह आशंका बढ़ी है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं या उनमें और बढ़ोतरी हो सकती है।चूंकि सोना और चांदी ब्याज नहीं देते, इसलिए ऊंची ब्याज दरों के माहौल में निवेशक इनसे दूरी बनाना शुरू कर देते हैं। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ता है।

रिकॉर्ड तेजी के बाद मुनाफावसूली

पिछले कुछ महीनों में सोना और चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे। ऐसे में बड़े निवेशकों, फंड मैनेजरों और ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली शुरू कर दी है। भारी बिकवाली के कारण दोनों धातुओं की कीमतों पर दबाव बढ़ा और भाव नीचे आ गए।

डॉलर और बॉन्ड यील्ड में मजबूती

जब अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड मजबूत होते हैं तो निवेशकों का झुकाव डॉलर आधारित परिसंपत्तियों की ओर बढ़ जाता है। ऐसे माहौल में सोना और चांदी जैसी सुरक्षित निवेश संपत्तियों की मांग घटती है, जिससे कीमतों में कमजोरी आती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी असर

सोना और चांदी की कीमतों में कमजोरी केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं रही। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दोनों धातुओं पर दबाव देखने को मिला।कॉमेक्स (COMEX) और वैश्विक बुलियन बाजार में सोना करीब 14 डॉलर प्रति औंस टूटकर 4,491.50 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं चांदी 1.2 डॉलर यानी करीब 1.63 प्रतिशत गिरकर 72.745 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।

आगे क्या रहेगा रुख?

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीतियों, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर सोना-चांदी की दिशा निर्भर करेगी। यदि ब्याज दरों को लेकर सख्त संकेत जारी रहते हैं, तो कीमती धातुओं पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि भू-राजनीतिक तनाव या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ने की स्थिति में निवेशक फिर से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी की ओर लौट सकते हैं।

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