
ओपनएआई को पछाड़ने के लिए गूगल ने एंथ्रोपिक पर लगाई 40 अरब डॉलर की बाजी
गूगल कंप्यूटिंग पावर और एआई प्रभुत्व की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच तेजी से बढ़ते स्टार्टअप के साथ संबंध गहरे कर रहा है। गूगल का 40 अरब डॉलर का यह नया निवेश...
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में अपना दबदबा कायम करने के लिए गूगल की पेरेंट कंपनी 'अल्फाबेट इंक' (Alphabet Inc) ने एआई स्टार्टअप 'एंथ्रोपिक' (Anthropic) में 40 अरब डॉलर के भारी-भरकम निवेश का निर्णय लिया है। यह निवेश एआई के तेजी से बढ़ते क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय प्रतिबद्धताओं में से एक माना जा रहा है। कंपनियों ने शुक्रवार (24 अप्रैल) को इस सौदे की पुष्टि करते हुए बताया कि इसके तहत 10 अरब डॉलर की नकद राशि तत्काल दी जाएगी। जबकि बाकी के 30 अरब डॉलर प्रदर्शन से जुड़े विशिष्ट लक्ष्यों (performance milestones) को पूरा करने के आधार पर दिए जाएंगे।
यह रणनीतिक निवेश गूगल और एंथ्रोपिक की पुरानी साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जाता है। एंथ्रोपिक अपने जटिल एआई सिस्टम के संचालन के लिए पहले से ही गूगल के क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और विशेष रूप से तैयार किए गए चिप्स का उपयोग कर रहा है। इस नए समझौते के तहत, गूगल स्टार्टअप को भविष्य में बड़ी कंप्यूटिंग क्षमता भी मुहैया कराएगा। अनुमानों के मुताबिक, साल 2027 से एंथ्रोपिक के विस्तार को गति देने के लिए गूगल 5 गीगावाट तक की बिजली और कंप्यूटिंग क्षमता प्रदान कर सकता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर तकनीकी दिग्गजों में मची होड़
गूगल का यह बड़ा कदम ऐसे समय में आया है जब दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों के बीच एआई को लेकर प्रतिस्पर्धा चरम पर है। गूगल से ठीक कुछ दिन पहले, अमेज़ॅन ने भी एंथ्रोपिक में 25 अरब डॉलर तक के कुल निवेश की योजना का खुलासा किया था, जिसमें 5 अरब डॉलर की नई फंडिंग भी शामिल है। इसके जवाब में एंथ्रोपिक ने अगले 10 वर्षों में अमेज़ॅन वेब सर्विसेज (AWS) पर 100 अरब डॉलर से अधिक खर्च करने की बात कही है। यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि एआई की दौड़ में बने रहने के लिए कितने विशाल बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है।
एंथ्रोपिक आज ओपनएआई (OpenAI) जैसी दिग्गज कंपनियों के लिए एक कड़ी चुनौती बनकर उभरा है। इसके 'क्लाउड' (Claude) एआई मॉडल और कोडिंग टूल 'क्लाउड कोड' की बाजार में जबरदस्त मांग है। कंपनी की वित्तीय स्थिति में भी उछाल देखा गया है। एंथ्रोपिक की वार्षिक राजस्व रन रेट 2025 के अंत में 9 अरब डॉलर थी, जो अब बढ़कर 30 अरब डॉलर के पार पहुंच चुकी है।
प्रगति के साथ-साथ सुरक्षा और संसाधनों की चुनौतियां
एआई की वैश्विक लहर के कारण आज कंप्यूटिंग संसाधनों को हासिल करने के लिए होड़ मची हुई है। कंपनियां डेटा सेंटर, क्लाउड कैपेसिटी और चिप्स के लिए अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं। इसी क्रम में एंथ्रोपिक ने ब्रॉडकॉम (Broadcom) और कोरवीव (CoreWeave) जैसी कंपनियों के साथ व्यावसायिक समझौते किए हैं, साथ ही गूगल और अमेज़ॅन द्वारा विकसित चिप्स पर अपनी निर्भरता भी बढ़ाई है।
हालाँकि, तकनीक की इस बढ़ती ताकत के साथ कुछ गंभीर चुनौतियां भी जुड़ी हैं। एंथ्रोपिक के सबसे नए और शक्तिशाली मॉडल 'माइथोस' (Mythos) को लेकर साइबर सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं जाहिर की गई हैं, जिसके कारण फिलहाल इसे केवल कुछ चुनिंदा कंपनियों के लिए ही उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा, सिस्टम में अनधिकृत घुसपैठ (unauthorised access) की खबरों की भी गहन जांच की जा रही है।
अंततः यह विशाल निवेश इस बात का प्रमाण है कि तकनीकी दुनिया में अब सहयोग और प्रतिस्पर्धा साथ-साथ चल रहे हैं। बड़े टेक दिग्गजों और उभरते एआई स्टार्टअप्स के बीच बनते ये गठबंधन भविष्य के वैश्विक तकनीकी ढांचे को पूरी तरह से बदलने वाले हैं।

