HDFC Bank Q4 Results: मुनाफे में 9% की बढ़त, हर शेयर पर मिलेगा ₹13 का डिविडेंड
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HDFC Bank Q4 Results: मुनाफे में 9% की बढ़त, हर शेयर पर मिलेगा ₹13 का डिविडेंड

HDFC Bank ने 18 अप्रैल 2026 को समाप्त चौथी तिमाही (Q4FY26) के वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। बैंक के एकल शुद्ध मुनाफे (Standalone Net Profit) में सालाना आधार पर 9% की वृद्धि दर्ज की गई है और यह बढ़कर 19,221 करोड़ रुपये हो गया है।


भारत के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक, एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) के अपने स्टैंडअलोन (एकल) वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक ने शनिवार को शेयर बाजारों को दी जानकारी में बताया कि 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 9 प्रतिशत बढ़कर 19,221 करोड़ रुपये रहा है। बैंकिंग दिग्गज का यह प्रदर्शन बाजार की उम्मीदों के अनुरूप माना जा रहा है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही (Q4FY25) में बैंक ने 17,616 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था।

शेयरधारकों के लिए डिविडेंड की बारिश

एचडीएफसी बैंक के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने अपने शेयरधारकों को खुश करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति शेयर 13 रुपये के अंतिम लाभांश (Final Dividend) की सिफारिश की है। यह डिविडेंड 1 रुपये अंकित मूल्य (Face Value) वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर दिया जाएगा। हालांकि, यह अंतिम लाभांश आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन होगा। बैंक ने स्पष्ट किया है कि इस लाभांश को प्राप्त करने के लिए पात्र सदस्यों की पात्रता निर्धारित करने की रिकॉर्ड तिथि (Record Date) शुक्रवार, 19 जून 2026 तय की गई है।

बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, "बैंक ने 11 अगस्त 2025 को 1 रुपये प्रति इक्विटी शेयर पर 2.5 रुपये का विशेष अंतरिम लाभांश (Special Interim Dividend) का भुगतान किया था। अब, निदेशक मंडल ने 31 मार्च 2026 को समाप्त वर्ष के लिए 13 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है। इसके साथ ही, 31 मार्च 2026 को समाप्त वर्ष के लिए कुल लाभांश 15.50 रुपये प्रति इक्विटी शेयर हो जाएगा।"

राजस्व और आय में बढ़त

मुनाफे के अलावा, बैंक के राजस्व में भी अच्छी बढ़त देखी गई है। 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के लिए बैंक का शुद्ध राजस्व (Net Revenue) 5% बढ़कर 46,280 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 44,090 करोड़ रुपये था। बैंक की मुख्य आय, यानी शुद्ध ब्याज आय (Net Interest Income - NII) में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है। समीक्षाधीन तिमाही में एनआईआई 3.2% बढ़कर 33,080 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 32,070 करोड़ रुपये थी।

मार्जिन की स्थिति

बैंक ने अपने मार्जिन के आंकड़े भी साझा किए हैं। एचडीएफसी बैंक ने बताया कि कुल संपत्ति पर शुद्ध ब्याज मार्जिन (Net Interest Margin - NIM) 3.38% रहा। वहीं, ब्याज कमाने वाली संपत्तियों (Interest Earning Assets) के आधार पर यह मार्जिन 3.53% दर्ज किया गया। कोर मार्जिन का स्थिर रहना बैंक की एसेट क्वालिटी और लोन बुक के प्रबंधन में मजबूती को दर्शाता है।

एचडीएफसी बैंक के यह नतीजे ऐसे समय में आए हैं जब बैंकिंग सेक्टर में जमा (Deposits) और कर्ज (Advances) की बढ़त के बीच संतुलन बनाना एक चुनौती रहा है। निजी क्षेत्र के इस दिग्गज बैंक के मजबूत आंकड़े निवेशकों के भरोसे को और मजबूत कर सकते हैं।


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