
हुंडई की कारें हुईं महंगी, 1 जून से लगेगा झटका
मारुति के बाद अब हुंडई ने भी ग्राहकों को दिया बड़ा झटका, 1 जून 2026 से महंगी होंगी सभी सेगमेंट की कारें, जानें क्या है नई कीमतें
Hyundai Car Price Rise: मारुति सुजुकी द्वारा अपनी कारों के दाम बढ़ाए अभी एक हफ्ता भी नहीं बीता है कि एक और दिग्गज ऑटो कंपनी ने ग्राहकों को बड़ा झटका दे दिया है। हुंडई ने अपनी सभी कारों की कीमतों में इजाफा करने का बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के चलते 1 जून 2026 से हुंडई के सभी सेगमेंट की कारें 12,800 रुपये तक महंगी हो जाएंगी। इससे पहले मारुति ने अपनी कारों पर 30 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की थी। वर्तमान में मिडिल ईस्ट में मचे तनाव के चलते वैश्विक स्तर पर भारी उथल-पुथल का माहौल बना हुआ है। कच्चे तेल की कीमतें लगातार आसमान छू रही हैं, जिसका सीधा असर ऑटो कंपनियों की इनपुट कॉस्ट पर पड़ रहा है। हुंडई ने कीमतें बढ़ाने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़ी वजहों का जिक्र किया है। कंपनी का मानना है कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक हालातों में पुराने दामों पर गाड़ियों की बिक्री जारी रखना अब नामुमकिन हो गया था।
इनपुट कॉस्ट में भारी इजाफा
कंपनी की तरफ से आधिकारिक तौर पर बताया गया है कि ऑटो सेक्टर में लागत लगातार बढ़ रही है। इस बढ़ी हुई लागत को कवर कर पाना अब कंपनी के लिए बहुत ही मुश्किल हो गया था। ऐसे में कीमतें बढ़ाने के अलावा कंपनी के पास और कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि अभी भी उनका नुकसान जारी है। हालांकि वे ग्राहकों पर कम से कम प्रेशर डालने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
ऑपरेशनल खर्चों का बढ़ता बोझ
कीमतें बढ़ाने की दूसरी बड़ी वजह ऑपरेशनल खर्चों में हुआ भारी इजाफा है। कंपनी ने बताया कि वैश्विक तनाव के चलते गाड़ी बनाने वाले ऑपरेशनल खर्चों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जिसके चलते कंपनी पर भारी वित्तीय दबाव बढ़ता जा रहा है। हुंडई ने साफ कर दिया है कि यह बढ़ोतरी सभी सेगमेंट की कारों पर लागू होगी। इसमें सेडान से लेकर एसयूवी, कॉम्पैक्ट एसयूवी और हैचबैक तक सभी मॉडल शामिल हैं।
मारुति के बाद अन्य कंपनियां भी कतार में
मारुति सुजुकी ने पहले ही अपनी सभी गाड़ियों पर सीधे 30 हजार रुपये तक बढ़ा दिए थे। ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि जंग के चलते ऑटो सेक्टर के प्रोडक्शन पर सीधा बुरा असर पड़ा है। एक तरफ तेल महंगा हो रहा है और दूसरी तरफ ग्लोबल सप्लाई चेन पूरी तरह टूट गई है। जीएसटी 2.0 के बाद कंपनियों ने राहत दी थी, लेकिन अब कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का दबाव साफ दिख रहा है। मारुति और हुंडई के इस फैसले के बाद आशंका है कि अन्य कंपनियां भी जल्द कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती हैं।

