केंद्र सरकार की नई सख्ती, अब आसान नहीं होगा चांदी आयात
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केंद्र सरकार की नई सख्ती, अब आसान नहीं होगा चांदी आयात

केंद्र सरकार ने चांदी के आयात को फ्री से रिस्ट्रिक्टेड कैटेगरी यानी कि प्रतिबंधित श्रेणी में डाल दिया है। सोना-चांदी पर ड्यूटी बढ़ाने के बाद यह बड़ा कदम माना जा रहा है।


केंद्र सरकार ने शनिवार को देश में कीमती धातुओं के आयात नियमों को और सख्त कर दिया। सरकार ने चांदी के आयात को “फ्री” कैटेगरी से हटाकर “रिस्ट्रिक्टेड” यानी प्रतिबंधित श्रेणी में डाल दिया है। यह फैसला सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी के कुछ ही दिनों बाद लिया गया है।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि नई आयात नीति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। इस नोटिफिकेशन पर DGFT के महानिदेशक लव अग्रवाल ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की मंजूरी के बाद हस्ताक्षर किए हैं।अधिसूचना में कहा गया है, “चांदी, जिसमें सोने और प्लेटिनम की परत चढ़ी चांदी भी शामिल है, की आयात नीति को फ्री से बदलकर रिस्ट्रिक्टेड किया जाता है और यह तत्काल प्रभाव से लागू होगी।”

किन उत्पादों पर लागू होगा नया नियम?

नई व्यवस्था ITC (HS) 2022 इंपोर्ट पॉलिसी शेड्यूल के चैप्टर 71 के तहत आने वाली दो प्रमुख टैरिफ कैटेगरी पर लागू होगी। इसमें 99.9 प्रतिशत या उससे अधिक शुद्धता वाली सिल्वर बार शामिल हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बुलियन बाजार में सबसे अधिक कारोबार वाली श्रेणी मानी जाती हैं। इसके अलावा अन्य प्रकार की सिल्वर बार भी इस दायरे में आएंगी।

अब तक इन उत्पादों का आयात रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों के तहत आसानी से किया जा सकता था। लेकिन नई नीति लागू होने के बाद आयातकों को अतिरिक्त सरकारी मंजूरी और चैप्टर 71 के पॉलिसी कंडीशन नंबर-7 के तहत जरूरी अनुपालन करना होगा।

सोना-चांदी आयात नीति पर बढ़ी सख्ती

सरकार का यह कदम देश की बुलियन आयात नीति को सख्त करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।कुछ दिन पहले ही केंद्र सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था। नई टैक्स संरचना में 10 प्रतिशत बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5 प्रतिशत एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) शामिल है। इससे कीमती धातुओं के आयात पर टैक्स बोझ काफी बढ़ गया है।

पीएम मोदी की अपील के बाद बड़ा कदम

यह नीति बदलाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के बाद भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने लोगों से एक साल तक सोना खरीदने से बचने की अपील की थी ताकि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के दौर में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखा जा सके।सरकार का मानना है कि सोना और चांदी के आयात पर नियंत्रण से विदेशी मुद्रा की बचत होगी और चालू खाते के घाटे पर भी दबाव कम किया जा सकेगा।

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