
अंबानी की कंपनी सीधे वेनेजुएला से खरीदेगी कच्चा तेल, अमेरिका से मिला लाइसेंस
गुजरात के जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनिंग परिसर संचालित करने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज अमेरिकी प्रतिबंध लगने से पहले वेनेजुएला के कच्चे तेल की नियमित खरीदार थी।
उद्योगपति मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) को वेनेजुएला से सीधे कच्चा तेल खरीदने के लिए अमेरिका से लाइसेंस मिल गया है। इस अनुमति के बाद देश की सबसे बड़ी निजी रिफाइनिंग कंपनी अब रियायती दर पर उपलब्ध भारी कच्चे तेल का आयात कर सकेगी। हालांकि, इस लाइसेंस पर रिलायंस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
वेनेजुएला का भारी कच्चा तेल गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस रिफाइनरी की संरचना के अनुकूल माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे रिफाइनिंग मार्जिन में सुधार हो सकता है और कंपनी की लाभप्रदता बढ़ सकती है।
अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील
न्यूज एजेंसी पीटीआई के सूत्रों के मुताबिक, जनवरी के अंत में अमेरिका ने कुछ अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को वेनेजुएला से सीधे तेल खरीदने की सामान्य अनुमति दी थी। इससे पहले अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण सीधी खरीद पर रोक थी और कंपनियां व्यापारियों के माध्यम से तेल ले रही थीं।
पिछले महीने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिए जाने और अमेरिका ले जाए जाने के बाद प्रतिबंधों में ढील की प्रक्रिया तेज हुई। इसके बाद से वेनेजुएला के कच्चे तेल की सीधी खरीद की संभावनाएं बढ़ गई थीं।
पहले भी रही है नियमित खरीदार
जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनिंग परिसर संचालित करने वाली रिलायंस, अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले वेनेजुएला के तेल की नियमित खरीदार थी। हालांकि 2019-20 में मादुरो सरकार पर अमेरिकी प्रतिबंध लगने के बाद आयात रुक गया था।
वर्ष 2024 में मिली अस्थायी राहत के दौरान रिलायंस ने फिर से वेनेजुएला से तेल खरीदा। इस साल व्यापारियों के जरिए आयात दोबारा शुरू होने पर कंपनी ने विटॉल से 20 लाख बैरल तेल खरीदा है।
इसी छूट का लाभ इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने भी उठाया है। दोनों सरकारी तेल कंपनियों ने मिलकर 20 लाख बैरल कच्चा तेल वेनेजुएला से खरीदा है।
ट्रंप का बयान और भारत की रणनीति
पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस से तेल आयात घटाने और अमेरिका समेत अन्य स्रोतों से आयात बढ़ाने पर सहमति जताई है।
सूत्रों के अनुसार, वेनेजुएला के प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग भारत की कच्चे तेल के आयात स्रोतों में विविधता लाने की रणनीति का हिस्सा है। रूस से आयात में संभावित कमी के बीच वेनेजुएला का तेल अहम विकल्प बन सकता है।
वेनेजुएला का ओरिनोको बेल्ट क्षेत्र भारी और अति-भारी ग्रेड के कच्चे तेल के लिए प्रसिद्ध है। इस प्रकार के तेल को प्रोसेस करने में रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी को सक्षम माना जाता है, जिससे कंपनी को रणनीतिक और व्यावसायिक दोनों तरह का लाभ मिल सकता है।

