मेलोडी टॉफी के चक्कर में गलत शेयर खरीद बैठे निवेशक, लग गया अपर सर्किट
x

मेलोडी टॉफी के चक्कर में गलत शेयर खरीद बैठे निवेशक, लग गया अपर सर्किट

पीएम मोदी और मेलोनी के 'मेलोडी' वीडियो के बाद शेयर बाजार में अजीब वाकया हुआ। निवेशकों ने गलतफहमी में पार्ले इंडस्ट्रीज के शेयर खरीद डाले और भाव 5% उछल गया।


Click the Play button to hear this message in audio format

Public Rush For Wrong Parle: रोम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात के बाद इंटरनेट पर एक बेहद दिलचस्प वीडियो सामने आया. इस वीडियो में पीएम मोदी ने मेलोनी को पार्ले प्रोडक्ट्स की मशहूर चॉकलेट-कैरमल कैंडी 'मेलोडी' का एक पैकेट गिफ्ट में दिया. सोशल मीडिया पर यह कूटनीतिक और मीठा अंदाज देखते ही देखते पूरी तरह से वायरल हो गया. लेकिन इस वायरल रील को देखने के बाद दलाल स्ट्रीट के निवेशकों ने कुछ ऐसा अजीब कर दिया, जिसकी उम्मीद बाजार के किसी भी एक्सपर्ट को बिल्कुल नहीं थी.

नाम की भारी गलतफहमी में निवेशकों ने खरीदा एकदम गलत शेयर

वीडियो के वायरल होते ही निवेशकों ने बिना समय गंवाए बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के टर्मिनल पर जाकर सीधे 'Parle' नाम सर्च करना शुरू कर दिया. उन्हें वहां केवल 'पार्ले इंडस्ट्रीज' (Parle Industries) नाम की एक कंपनी लिस्टेड मिली और उन्होंने आव देखा न ताव, तुरंत उसके शेयर खरीदने के लिए बड़े ऑर्डर्स लगा दिए. इन जल्दबाज निवेशकों को पूरा भरोसा था कि वे उसी कंपनी में पैसा लगा रहे हैं जो मेलोडी टॉफी बनाती है, लेकिन हकीकत में वे एक बहुत बड़ी और भारी गलतफहमी का शिकार हो चुके थे.

असली मेलोडी टॉफी बनाने वाली कंपनी बाजार में लिस्टेड ही नहीं है

इस पूरी अंधाधुंध खरीदारी के पीछे सबसे मजेदार और हैरान करने वाला सच यह है कि मेलोडी टॉफी बनाने वाली असली कंपनी 'पार्ले प्रोडक्ट्स' (Parle Products) है. यह वही मुंबई की मशहूर एफएमसीजी (FMCG) दिग्गज कंपनी है जो पार्ले-जी, मोनाको, हाइड एंड सीक और मैंगो बाइट जैसे मशहूर ब्रांड्स बनाती है. मगर यह कंपनी पूरी तरह से एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है और शेयर बाजार में इसका कोई स्टॉक मौजूद ही नहीं है, जिसे आम लोग खरीद सकें.

इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट का काम करती है पार्ले इंडस्ट्रीज

दूसरी तरफ, जिस कंपनी के शेयरों को निवेशकों ने पागलों की तरह खरीदा, उस पार्ले इंडस्ट्रीज का मेलोडी टॉफी या खाने-पीने की किसी भी चीज से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है. यह कंपनी मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट, पेपर, पेपर वेस्ट और रीसाइक्लिंग प्रोडक्ट्स के बिजनेस में काम करती है. लेकिन इसके नाम की शुरुआत में 'पार्ले' शब्द लिखा होना ही इन नौसिखिए और जल्दबाज निवेशकों को गुमराह करने के लिए पूरी तरह से काफी साबित हुआ.

ईरान संकट के बीच गिरते बाजार में भी लग गया 5% का अपर सर्किट

इस भारी कन्फ्यूजन का नतीजा यह हुआ कि वैश्विक स्तर पर ईरान संघर्ष के कारण भारतीय शेयर बाजार में चौतरफा घबराहट और गिरावट का माहौल बना हुआ था. इसके बावजूद, इस वीडियो के वायरल होने के महज एक घंटे के भीतर ही पार्ले इंडस्ट्रीज का शेयर रॉकेट की तरह सीधे 5 फीसदी ऊपर भाग गया. कंपनी का जो शेयर थोड़ी देर पहले तक सिर्फ 4.95 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, वह अचानक 5.25 रुपये के भाव पर पहुंच गया.

बिना किसी बिजनेस डील या मुनाफे के ही स्टॉक बन गया 'स्वीटेस्ट'

इस कंपनी के पास न तो कोई नया बिजनेस अपडेट था, न ही इसकी कमाई में कोई भारी बढ़ोतरी हुई थी और न ही इसे कोई बड़ा सरकारी ऑर्डर हासिल हुआ था. पिछले एक साल की बात करें तो इस कंपनी का स्टॉक लगातार घाटे में चल रहा था और करीब 68 फीसदी तक पूरी तरह टूट चुका था. लेकिन सिर्फ नाम के इस बड़े कन्फ्यूजन और महज 1 रुपये की मेलोडी टॉफी के कूटनीतिक कनेक्शन ने इस डूबते हुए शेयर की किस्मत को एक ही दिन में पूरी तरह से पलट कर रख दिया.


Read More
Next Story