ईरान-अमेरिका शांति समझौता: क्रूड ऑयल गिरा, बाजार और रुपये में उछाल
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ईरान-अमेरिका शांति समझौता: क्रूड ऑयल गिरा, बाजार और रुपये में उछाल

हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुलने की उम्मीदों से क्रूड ऑयल कीमतों में भारी गिरावट; भारतीय शेयर बाजार, रुपया और बुलियन मार्केट में जोरदार तेजी देखी गई।


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US Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के ऐलान और दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से के तेल की आपूर्ति करने वाले महत्वपूर्ण मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) को फिर से खोलने की घोषणा के बाद सोमवार (15 जून) को वैश्विक वित्तीय बाजारों में जबरदस्त प्रतिक्रिया देखी गई।

आपूर्ति में व्यवधान के डर कम होने से कच्चे तेल की कीमतें लुढ़क गईं, जबकि मुद्रास्फीति कम होने और आयात लागत घटने की उम्मीद में भारतीय शेयर बाजारों में तेजी आई। कमजोर डॉलर और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के बीच बुलियन (सोना-चांदी) की कीमतों में भी उछाल आया। तेल की गिरती कीमतों ने भारत के व्यापक आर्थिक दृष्टिकोण (मैक्रोइकॉनॉमिक आउटलुक) में सुधार किया, जिससे डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती देखी गई।

कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट
ब्रेंट क्रूड 4 फीसदी से अधिक गिरकर 83.75 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड लगभग 5 फीसदी गिरकर 80.87 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एक समय तो WTI के 80 डॉलर के स्तर से भी नीचे फिसलने की आशंका पैदा हो गई थी।

घरेलू बाजारों में भी वैश्विक रुझान देखने को मिले। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कच्चा तेल 5.32 फीसदी गिरकर 7,544 रुपये प्रति बैरल पर आ गया। विश्लेषकों का कहना है कि यह 11 मार्च के बाद का सबसे निचला स्तर है।

सामान्य स्थिति में समय लगेगा
हालांकि, विश्लेषकों ने आगाह किया कि स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में समय लगेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जलमार्ग में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को साफ करने में कुछ हफ्तों से लेकर छह महीने तक का समय लग सकता है। साथ ही, टैंकरों का बड़ा बैकलाग जमा है और उत्पादन व लोडिंग परिचालन को सामान्य स्तर पर लाने में समय लगेगा।

भारतीय शेयर बाजार में तेजी
मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से ऑटो, रियल्टी, फाइनेंशियल और कंज्यूमर-केंद्रित शेयरों में व्यापक खरीदारी देखी गई। बीएसई सेंसेक्स 736.38 अंक बढ़कर 76,264.33 पर और एनएसई निफ्टी 231 अंक बढ़कर 23,853.90 पर बंद हुआ। बाजार की अस्थिरता (इंडिया VIX) में भी 2.48 फीसदी की कमी आई, जो निवेशकों के बीच जोखिम धारणा में कमी को दर्शाता है।

सोना और चांदी में फिर उछाल
सोने के वायदा भाव में सोमवार को 2,242 रुपये की तेजी आई और यह 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इसी तरह, चांदी भी 6,066 रुपये उछलकर 2.52 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। वैश्विक स्तर पर डॉलर के कमजोर होने से बुलियन मार्केट में निवेश का सेंटीमेंट सुधरा है।

डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत
रुपया डॉलर के मुकाबले 58 पैसे की मजबूती के साथ 94.60 पर खुला, जो 8 मई के बाद का उच्चतम स्तर है। विशेषज्ञ वीके विजयकुमार ने कहा, "ईरान-अमेरिका शांति समझौते और ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट का मतलब है कि वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की भुगतान संतुलन (Balance of Payments) की समस्या अब कोई गंभीर मुद्दा नहीं रही।"

यह दिन वैश्विक बाजारों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है, जहां तनाव कम होने से आर्थिक गतिविधियों में स्थिरता लौटने की प्रबल संभावना बन गई है।


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