
कारोबार संभालने के लिए तैयार हैं ईशा, आकाश और अनंत। कौन क्या संभालेगा?
रिलायंस AGM 2026 में मुकेश अंबानी ने कहा कि ईशा, आकाश और अनंत 'तीन जिस्म एक जान' हैं। रिटेल, जियो और न्यू एनर्जी की कमान अब नई पीढ़ी के हाथों में है।
Reliance Industries: देश के सबसे बड़े कारोबारी घराने रिलायंस इंडस्ट्रीज (RLI) में 'पीढ़ीगत बदलाव' और उत्तराधिकार की प्रक्रिया अब अपने आखिरी चरण में पहुंच गई है। रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) ने शुक्रवार (19 जून 2026) को कंपनी की वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए अपने तीनों बच्चों आकाश, ईशा और अनंत अंबानी की जमकर तारीफ की। 69 वर्षीय उद्योगपति ने साफ संकेत दिया कि समूह के तेल से लेकर टेलीकॉम और रिटेल तक के विशाल साम्राज्य के रोजमर्रा के कामकाज की कमान अब पूरी तरह नई पीढ़ी के हाथों में सौंपने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
'तीन जिस्म, एक जान' हैं ईशा, आकाश और अनंत
रिलायंस के शेयरधारकों को संबोधित करते हुए एशिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी भावुक और आश्वस्त नजर आए। उन्होंने कहा:
"ईशा, आकाश और अनंत ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के बोर्ड में अपने तीन साल का परिवर्तनकारी कार्यकाल पूरा कर लिया है। ईशा हमारे कंज्यूमर (रिटेल) बिजनेस का नेतृत्व कर रही हैं, आकाश टेक्नोलॉजी (जियो) का जिम्मा संभाल रहे हैं और अनंत एनर्जी (ऊर्जा और न्यू एनर्जी) बिजनेस को आगे बढ़ा रहे हैं। भले ही वे अलग-अलग वर्टिकल्स का नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन रिलायंस इकोसिस्टम के समग्र विकास के लिए वे एक साथ काम कर रहे हैं। वे तीन जिस्म और एक जान हैं। उनकी आत्मा रिलायंस है—एक अटूट और अखंड रिलायंस, अब और हमेशा के लिए।"
मुकेश अंबानी ने यह भी बताया कि तीनों बच्चों की मदद के लिए रिलायंस ने 30 और 40 की उम्र के 500 युवा लीडर्स की एक मजबूत टीम तैयार की है। ये युवा लीडर्स डोमेन एक्सपर्ट हैं और इन्हें सीनियर अधिकारियों द्वारा मेंटर किया जा रहा है। अंबानी ने कहा कि भले ही वह खुद 'हैंड्स-ऑन' लीडरशिप (सक्रिय मार्गदर्शन) देना जारी रखेंगे, लेकिन रोजमर्रा का मैनेजमेंट ट्रांसफर लगभग पूरा हो चुका है और रिलायंस का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित हाथों में है।
एजीएम में बच्चों ने पेश किया अपना 'बिजनेस प्लान'
पिछले साल की तरह इस बार भी मुकेश अंबानी ने मंच अपने तीनों बच्चों को सौंपा, जिन्होंने रिलायंस के मुख्य तीन स्तंभों का फ्यूचर प्लान देश के सामने रखा:
आकाश अंबानी (34 वर्ष): उन्होंने रिलायंस जियो (Jio) का डिजिटल और टेलीकॉम बिजनेस प्लान पेश किया। उनके प्रेजेंटेशन पर मुकेश अंबानी ने गर्व से कहा, "शानदार आकाश! जब काम इतने समर्पण के साथ किया जाता है, तो हार्ड वर्क 'हार्ट वर्क' बन जाता है।" बता दें कि आकाश जून 2022 से ही रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन हैं।
ईशा अंबानी (34 वर्ष): उन्होंने रिलायंस रिटेल का रोडमैप शेयरधारकों के सामने रखा। इस पर मुकेश अंबानी ने कहा, "यह वास्तव में प्रभावशाली था, ईशा। जिस स्पष्टता और साहस के साथ रिटेल टीम अगले फेज का निर्माण कर रही है, वह सराहनीय है।"
अनंत अंबानी (31 वर्ष): रिलायंस बोर्ड में पिछले साल बतौर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर शामिल होने वाले सबसे छोटे बेटे अनंत अंबानी ने रिलायंस के पारंपरिक ऑयल रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स (O2C) और नए ग्रीन एनर्जी (सौर, बैटरी और हाइड्रोजन) बिजनेस का खाका पेश किया। पिता ने उनकी पीठ थपथपाते हुए कहा—"वेल डन, अनंत।"
अतीत के कड़वे सबक से सीखा: विवादों से बचने का सुरक्षित रास्ता
रिलायंस में इस सुचारु उत्तराधिकार (Succession Plan) के गहरे मायने हैं। साल 2002 में रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद मुकेश अंबानी और उनके छोटे भाई अनिल अंबानी के बीच साम्राज्य के नियंत्रण को लेकर एक लंबा और कड़वा कानूनी विवाद चला था, क्योंकि धीरूभाई कोई वसीयत (Will) छोड़कर नहीं गए थे।
अतीत के उस कड़वे अनुभव से सबक लेते हुए मुकेश अंबानी ने बहुत पहले ही अपने $89 बिलियन (लगभग 7.4 लाख करोड़ रुपये) के साम्राज्य के शांतिपूर्ण बंटवारे और ट्रांसफर की रूपरेखा तैयार कर ली थी। इसी रणनीति के तहत:
अंबानी परिवार की रिलायंस में हिस्सेदारी मार्च 2019 के 47.27% से बढ़कर अब 50.6% हो चुकी है।
वैश्विक गवर्नेंस स्टैंडर्ड के तहत उन्होंने जियो प्लेटफॉर्म्स और रिलायंस रिटेल का आधुनिकीकरण किया, जिसमें गूगल, मेटा (फेसबुक) और कई वैश्विक वेंचर कैपिटलिस्ट्स को साझेदार बनाया गया।
फिलहाल मुकेश अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर बने रहेंगे (उनका कार्यकाल अगस्त 2028 तक बढ़ाया गया था) और उनकी पत्नी नीता अंबानी (63 वर्ष) रिलायंस के परोपकार और सोशल वर्क (Reliance Foundation) की कमान संभालती रहेंगी।
(एजेंसी इनपुट के साथ)

