
कच्चे तेल में गिरावट का असर, सेंसेक्स-निफ्टी ने भरी जोरदार उड़ान
पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद और कच्चे तेल में गिरावट से भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी आई। सेंसेक्स 1100 अंक से अधिक चढ़ा।
पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और शांति समझौते की उम्मीदों ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में उत्साह का माहौल पैदा कर दिया है। कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट का असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर देखने को मिला, जिसका सकारात्मक प्रभाव भारतीय बाजारों में भी नजर आया। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में घरेलू शेयर बाजार ने मजबूत बढ़त के साथ शुरुआत की।
सेंसेक्स और निफ्टी में शानदार तेजी
सुबह के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,100 अंकों से अधिक उछल गया। सुबह 9:17 बजे सेंसेक्स 1,040.51 अंक यानी 1.38 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,568.46 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 343.90 अंक यानी 1.46 प्रतिशत चढ़कर 23,966.80 अंक पर पहुंच गया।
रुपये में भी आई मजबूती
शेयर बाजार में तेजी के साथ भारतीय मुद्रा को भी समर्थन मिला। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 95.11 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जबकि मंगलवार को यह 94.68 प्रति डॉलर पर खुला। यह 8 मई के बाद रुपये का सबसे मजबूत स्तर माना जा रहा है।
सेंसेक्स के 30 में से 29 शेयर हरे निशान में
बाजार में तेजी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सेंसेक्स के 30 में से 29 शेयर बढ़त के साथ खुले। एयरलाइन कंपनी इंडिगो के शेयरों में चार प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई।
इसके अलावा बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व, महिंद्रा एंड महिंद्रा, ट्रेंट, एचडीएफसी बैंक और टाइटन जैसी कंपनियों के शेयरों में भी उल्लेखनीय बढ़त देखने को मिली। दूसरी ओर, सन फार्मा के शेयर दबाव में रहे।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी
बाजार में व्यापक खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स लगभग 1.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 1.7 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।सेक्टोरल आधार पर निफ्टी रियल्टी, ऑटो और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में सबसे ज्यादा तेजी रही। हालांकि, कुछ हेल्थकेयर और ऑटो शेयरों में मुनाफावसूली का असर भी देखने को मिला।
शांति समझौते की खबर से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में शांति की बढ़ती उम्मीदें मानी जा रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान शांति समझौते के लिए सहमत हो गया है। यदि यह समझौता लागू होता है तो पश्चिम एशिया में पिछले तीन महीनों से जारी संघर्ष समाप्त हो सकता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ सैन्य अभियान तत्काल प्रभाव से रोकने पर सहमति जताई है। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को फिर से खोलने की संभावना भी जताई जा रही है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है।
कच्चे तेल में भारी गिरावट
शांति की संभावनाओं के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड शुरुआती कारोबार में करीब 5 प्रतिशत तक लुढ़क गया। फिलहाल यह 4.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83.26 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।वहीं, अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 5.16 प्रतिशत टूटकर 80.50 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है।
महंगाई और ब्याज दरों पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतों में गिरावट से भारत समेत कई देशों में महंगाई का दबाव कम हो सकता है। यदि ऊर्जा लागत में कमी आती है तो केंद्रीय बैंकों को ब्याज दरों को लेकर अधिक नरम रुख अपनाने का अवसर मिल सकता है।आने वाले दिनों में कई प्रमुख देशों के केंद्रीय बैंकों की बैठकें होने वाली हैं। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक तनाव में कमी का असर मौद्रिक नीति के फैसलों पर भी देखने को मिल सकता है।

