शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 900 अंक टूटा, ये हैं पांच कारण
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शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 900 अंक टूटा, ये हैं पांच कारण

एग्जिट पोल की अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। सेंसेक्स 900 अंक टूट गया।


गुरुवार को शेयर बाजार खुलते ही भारी गिरावट देखने को मिली। बाजार की शुरुआत के कुछ ही मिनटों में सेंसेक्स 900 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 50 भी 300 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया। इस अचानक आई गिरावट से निवेशकों को सुबह-सुबह ही बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।

विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य चुनावों के एग्जिट पोल के अनुमानों से बढ़ी अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल ने निवेशकों के भरोसे को कमजोर कर दिया। इसके अलावा वैश्विक और घरेलू स्तर पर बनी अनिश्चित परिस्थितियों के चलते निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ा।

सुबह 9:30 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 951.32 अंकों की गिरावट के साथ 76,545.04 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 भी 307.20 अंक गिरकर 23,870.45 पर पहुंच गया।

इस गिरावट का असर कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) पर भी साफ दिखाई दिया। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक घटकर 465 लाख करोड़ रुपये रह गया। उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पहले, बुधवार को, शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ था।

सेंसेक्स टूटने की वजह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान की बंदरगाहों की घेराबंदी बढ़ाने की चेतावनी से वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ा, जिससे निवेशकों में डर का माहौल बना।

ब्रेंट क्रूड 2022 के बाद पहली बार 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया, जिससे भारत में महंगाई बढ़ने की आशंका तेज हो गई।

भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.07 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया, जो अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का संकेत है।

चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के एग्जिट पोल के नतीजों ने राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ाई, जिसका असर बाजार पर पड़ा।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कड़े रुख ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को कमजोर कर दिया, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगा गया।

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