WhatsApp का यूज़रनेम फ़ीचर: यह Telegram और Signal से कैसे अलग है?
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WhatsApp का यूज़रनेम फ़ीचर: यह Telegram और Signal से कैसे अलग है?

व्हाट्सएप ने 17 साल बाद लॉन्च किया यूजरनेम फीचर। बिना फोन नंबर दिए कर सकेंगे चैट। जानें टेलीग्राम और सिग्नल से यह कैसे है अलग।


Whatsapp Username: व्हाट्सएप ने अपने यूजर्स की बरसों पुरानी मांग को पूरा करते हुए एक क्रांतिकारी प्राइवेसी फीचर जारी कर दिया है। अब प्लेटफॉर्म पर किसी से भी चैट शुरू करने के लिए अपना पर्सनल मोबाइल नंबर शेयर करने की मजबूरी खत्म हो जाएगी। यूजर्स अब एक यूनिक 'यूजरनेम' (Username) बना सकेंगे, जिसे शेयर करके बिना नंबर बताए बातचीत शुरू की जा सकती है।


हालांकि, यूजरनेम का आइडिया नया नहीं है - टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम सालों से इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन व्हाट्सएप ने इसे जिस तरह डिजाइन किया है, वह इसे बाकी ऐप के मुकाबले कहीं ज्यादा सुरक्षित और प्राइवेट बनाता है।

1. टेलीग्राम बनाम व्हाट्सएप: 'ग्लोबल सर्च' का बड़ा अंतर
टेलीग्राम का तरीका: टेलीग्राम पर यूजरनेम एक पब्लिक पहचान की तरह काम करता है। कोई भी अनजान व्यक्ति सर्च बार में आपका यूजरनेम ढूंढकर आपको सीधे मैसेज भेज सकता है। यह फीचर प्राइवेसी से ज्यादा लोगों से जुड़ने और पहुंच बढ़ाने के लिए है।

व्हाट्सएप का तरीका: व्हाट्सएप ने इसे पूरी तरह प्राइवेट रखा है। यहाँ कोई पब्लिक यूजरनेम डायरेक्टरी या सर्च लिस्ट नहीं होगी। जब तक सामने वाले को आपका बिल्कुल सटीक (Exact) यूजरनेम पता नहीं होगा, वह आपको ऐप पर नहीं ढूंढ सकता। व्हाट्सएप खुद को सोशल मीडिया नहीं, बल्कि एक सुरक्षित मैसेंजर ही बनाए रखना चाहता है।

2. सिग्नल बनाम व्हाट्सएप: 'यूजरनेम की' (PIN) का सुरक्षा चक्र
सिग्नल का तरीका: सिग्नल ने भी फोन नंबर छुपाने के लिए यूजरनेम शुरू किया था, लेकिन वहां यूजरनेम पता चलते ही कोई भी आपको टेक्स्ट कर सकता है।

व्हाट्सएप का तरीका: व्हाट्सएप ने सुरक्षा को एक कदम और आगे बढ़ाते हुए 'यूजरनेम की' (Username Key) नाम का एक ऑप्शनल 4-डिजिट का पिन (PIN) पेश किया है। अगर आप इसे ऑन कर देते हैं, तो भले ही किसी के पास आपका यूजरनेम हो, लेकिन जब तक वह यह 4 अंकों का कोड नहीं डालेगा, आपको पहला मैसेज नहीं भेज पाएगा। यह फीचर स्पैम और फालतू मैसेजेस को रोकने में बेहद मददगार होगा।

3. इंस्टाग्राम बनाम व्हाट्सएप: 'विजिबिलिटी' का अंतर
इंस्टाग्राम का तरीका: इंस्टाग्राम पर यूजरनेम का मकसद ही लोगों को खोजना, टैग करना, फॉलो करना और प्रोफाइल को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है।

व्हाट्सएप का तरीका: व्हाट्सएप पर इसका मकसद सिर्फ और सिर्फ प्राइवेसी है। यह इसलिए लाया गया है ताकि कैब ड्राइवर, डिलीवरी बॉय, किसी अनजान ग्रुप या नए कामकाजी लोगों को अपना पर्सनल नंबर देने से बचा जा सके।

4. व्हाट्सएप बिजनेस के लिए पारदर्शिता और कड़े नियम
बिजनेस अकाउंट्स: कंपनियों और बिजनेस प्रोफाइल के लिए नियम थोड़े अलग होंगे। जब कोई ग्राहक पहली बार किसी बिजनेस को यूजरनेम के जरिए मैसेज करेगा, तो ग्राहक का नंबर छुपा रहेगा। लेकिन बिजनेस का फोन नंबर प्रोफाइल पर दिखता रहेगा ताकि पारदर्शिता और भरोसा बना रहे।

फर्जीवाड़े पर रोक: मेटा (Meta) ने धोखेबाज़ी और फर्जी प्रोफाइल को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। कंपनियां अपने मौजूदा फेसबुक या इंस्टाग्राम वाले यूजरनेम को ही व्हाट्सएप पर क्लेम कर सकेंगी और वेरिफाइड ब्रांड्स के यूजरनेम पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।

यह कैसे काम करेगा?
नंबर अभी भी जरूरी: व्हाट्सएप अकाउंट बनाने या चालू रखने के लिए फोन नंबर पहले की तरह ही जरूरी रहेगा। यूजरनेम सिर्फ नंबर को छुपाने का एक एक्स्ट्रा विकल्प है।

पुराने कॉन्टैक्ट्स पर कोई असर नहीं: जिन लोगों के पास आपका नंबर पहले से सेव है या जिनसे आपकी चैट चल रही है, उन्हें आपका नंबर दिखता रहेगा। यह नया नियम सिर्फ उन लोगों पर लागू होगा जो आपसे पहली बार यूजरनेम के जरिए जुड़ेंगे।


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