
भोपाल में IAS अकैडमी की डायरेक्टर को बंधक बना 1.89 करोड़ लूटे, 6 गिरफ्तार
भोपाल में शुभ्रा रंजन को गनपॉइंट पर बंधक बनाकर 1.89 करोड़ की लूट। सुंदरकांड के पाठ की आड़ में छिपाई गई चीखें, मास्टरमाइंड एम्स के आईसीयू से गिरफ्तार।
Robbery With Shubhra Ranjan IAS Academy : भोपाल में दिल्ली की मशहूर 'आईएएस अकादमी' की डायरेक्टर शुभ्रा रंजन से 1.89 करोड़ रुपये लूटने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड उनकी ही अकादमी की भोपाल फ्रेंचाइजी चलाने वाला प्रियांक शर्मा है। आरोपियों ने शुभ्रा रंजन को गनपॉइंट पर चार घंटे तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान पिस्तौल की नोंक पर उनसे ऑनलाइन माध्यम से 1.89 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।
सुंदरकांड के पाठ की आड़ में गुनाह
वारदात को अंजाम देने के लिए भोपाल के बागसेवनिया इलाके में एक फ्लैट किराए पर लिया गया। यह फ्लैट घटना से महज एक दिन पहले ही लिया गया था। शुभ्रा को उनके होटल से पिक कर प्रियांक इसी फ्लैट पर ले गया। पुलिस के अनुसार, वहां पहले से ही हथियारबंद अपराधी छिपे हुए थे। शुभ्रा की चीखें बाहर न जाएं, इसके लिए आरोपियों ने एक खौफनाक तरीका अपनाया। उन्होंने फ्लैट के भीतर 'सुंदरकांड' का पाठ शुरू कर दिया। भजनों और लाउडस्पीकर के शोर के बीच शुभ्रा रंजन को चार घंटे तक गनपॉइंट पर बंधक बनाकर रखा गया।
पिस्तौल की नोंक पर करोड़ों की वसूली
हथियारों से लैस अपराधियों ने शुभ्रा रंजन के सिर पर पिस्तौल तान दी थी। उन्हें जान से मारने की धमकी देकर 1.89 करोड़ रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया। यह बड़ी रकम 'जनकशिला सोसाइटी' और 'आरएस एंटरप्राइजेज' के बैंक खातों में भेजी गई। आरोपियों ने पीड़ित को मानसिक रूप से तोड़ने के लिए एक फर्जी वीडियो भी रिकॉर्ड किया। इस वीडियो में एक व्यक्ति को रस्सियों से बंधा दिखाया गया था। आरोपियों ने डराया कि यदि पुलिस को खबर की, तो उनके करीबियों को भी इसी तरह मार दिया जाएगा।
आईसीयू के बेड तक पहुंची क्राइम ब्रांच
पैसे वसूलने के बाद आरोपियों ने बुधवार रात शुभ्रा रंजन को छोड़ दिया। इसके बाद भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार सिंह ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस का शिकंजा कसता देख मास्टरमाइंड प्रियांक शर्मा विदेश भागने की योजना बना रहा था। जब उसे लगा कि उसकी गिरफ्तारी तय है, तो वह बीमारी का नाटक कर भोपाल एम्स (AIIMS) के आईसीयू में भर्ती हो गया। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के आगे उसका यह नाटक काम नहीं आया। क्राइम ब्रांच की टीम ने डॉक्टरों से बात की और हालत स्थिर होने पर उसे अस्पताल से ही गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की फुर्ती से पूरी रकम सुरक्षित
इस मामले में भोपाल पुलिस की सबसे बड़ी कामयाबी यह रही कि उन्होंने चंद घंटों के भीतर ही उन बैंक खातों को फ्रीज कर दिया जिनमें पैसे भेजे गए थे। इससे 1.89 करोड़ की पूरी रकम सुरक्षित बचा ली गई है। पुलिस ने अब तक मुख्य आरोपी प्रियांक सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल अवैध हथियार, गाड़ियां और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब उन तीन अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है जो फिलहाल फरार चल रहे हैं।
रसूख और लालच की इनसाइड स्टोरी
प्रियांक शर्मा एक रिटायर्ड भेल (BHEL) अधिकारी का बेटा है। वह खुद भी यूपीएससी की तैयारी कर चुका था, इसलिए उसे पता था कि अकादमी की डायरेक्टर के पास काफी संपत्ति है। इसी लालच में उसने दतिया और रीवा के बदमाशों को बुलाकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि प्रियंक ने पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए अपने पारिवारिक और पेशेवर रसूख का इस्तेमाल किया था। फिलहाल पुलिस प्रियांक की पत्नी और अन्य करीबियों की भूमिका की भी जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि इस साजिश में और कौन-कौन शामिल था।
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