
ट्विशा केस: पोस्टमॉर्टम और CCTV में 3 घंटे का झोल, कोर्ट में हंगामा
भोपाल के ट्विशा शर्मा मौत मामले में पुलिस जांच पर गंभीर सवाल; गायब बेल्ट और सीसीटीवी टाइमिंग में 3 घंटे के अंतर पर घिरी पुलिस, दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग।
Twisha Sharma Death Case : भोपाल की हाई-प्रोफाइल 'ट्विशा शर्मा मौत मिस्ट्री' बुधवार को उस समय एक बेहद सस्पेंस और सनसनीखेज मोड़ पर पहुंच गई, जब कोर्टरूम में पुलिस की जांच और एम्स के पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पर विस्फोटक सवाल उठाए गए। 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा का शव बीती 12 मई को उनके ससुराल की छत पर फंदे से लटकता हुआ मिला था। उनकी शादी को अभी महज 5 महीने ही हुए थे। ट्विशा के पति समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं और फिलहाल फरार चल रहे हैं।
अदालत में सुनवाई के दौरान जो मामला शुरू में कथित आत्महत्या का लग रहा था, वह अब गायब बेल्ट, चोटों के अधूरे दस्तावेज, सीसीटीवी और एफआईआर के समय में भारी अंतर जैसी कई संदिग्ध कड़ियों में उलझ गया है।
कोर्ट में वकील की दलीलें: "लापता बेल्ट, अलग-अलग लंबाई और गहराता शक"
सुनवाई के दौरान मृतका ट्विशा के वकील ने अदालत के सामने पुलिस और एम्स (AIIMS) प्रशासन की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करते हुए कई गंभीर विसंगतियां गिनाईं:
फांसी का फंदा (बेल्ट) गायब: वकील ने सवाल उठाया कि एम्स के डॉक्टरों ने शुरुआती पोस्टमॉर्टम के समय वह बेल्ट क्यों नहीं मांगी, जिससे कथित तौर पर ट्विशा ने फांसी लगाई थी? बेल्ट समय पर न मिलने के कारण डॉक्टर ट्विशा के गले पर बने निशान (Ligature Marks) और फांसी के मटेरियल का सही मिलान नहीं कर पाए।
लंबाई और चोटों का रिकॉर्ड गायब: अदालत को बताया गया कि पोस्टमॉर्टम के दौरान रिकॉर्ड की गई ट्विशा की लंबाई और पुलिस रिपोर्ट में दर्ज लंबाई में भारी अंतर है। इसके अलावा, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर मौजूद अन्य चोटों का कोई विस्तृत जिक्र नहीं है।
अस्पताल में बाहरी दखल का आरोप: ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह एक सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (Retired District Judge) हैं। ट्विशा के वकील ने कोर्ट में पूछा कि गिरिबाला की बहन, जो एक निजी अस्पताल (बंसल हॉस्पिटल) में काम करती हैं, उन्हें पोस्टमॉर्टम के दौरान AIIMS के भीतर रहने की अनुमति क्यों दी गई?
पुलिस को देरी से सूचना: घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस स्टेशन को सूचित न करना भी गहरे संदेह के दायरे में है।
CCTV और FIR के समय में 3 घंटे का 'खतरनाक' झोल
ट्विशा की मौत से जुड़ा सबसे बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के टाइमस्टैम्प से हुआ है, जिसने पुलिस की कहानी की धज्जियां उड़ा दी हैं:
CCTV फुटेज: फुटेज के अनुसार, ट्विशा शाम करीब 7:20 बजे छत की तरफ ऊपर जाती दिखती हैं। इसके ठीक एक घंटे बाद, रात करीब 8:20 बजे तीन लोग उनके शव को सीढ़ियों से नीचे लाते हुए दिखाई देते हैं।
FIR का समय: इसके उलट, पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर (FIR) में ट्विशा की मौत का समय रात 10:50 बजे दर्ज है।
अदालत में यह यक्ष प्रश्न बन गया है कि इस 3 घंटे के बड़े अंतर का सच क्या है? क्या सीसीटीवी का समय गलत था, पुलिस ने मौत का समय गलत दर्ज किया, या इस दौरान सबूतों के साथ कोई बड़ी छेड़छाड़ की गई?
FIR में विरोधाभास: कागजों पर सौंप दी लाश, हकीकत में मर्चुरी में सड़ रहा शव
ट्विशा के परिवार ने पुलिस जांच को पूरी तरह से 'कॉम्प्रोमाइज्ड' (मिलीभगत वाली) बताते हुए एफआईआर में कई और झोल उजागर किए हैं। एफआईआर में एक जगह ट्विशा की जन्मतिथि 16 अप्रैल 1987 लिखी है, तो दूसरी जगहों पर उनकी उम्र कहीं 33 साल तो कहीं 31 साल दर्ज की गई है।
इसके अलावा सबसे बड़ी लापरवाही यह सामने आई है कि एफआईआर में लिखा गया है कि शव परिवार को सौंप दिया गया है, जबकि हकीकत यह है कि ट्विशा का शव 13 मई से एम्स की मोर्चरी में ही रखा हुआ है। पुलिस ने परिवार को पत्र लिखकर शव का अंतिम संस्कार करने को कहा है क्योंकि वह डीकंपोज (खराब) होने लगा है। लेकिन परिवार का साफ कहना है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होती, वे शव नहीं लेंगे।
दोबारा पोस्टमॉर्टम पर पुलिस राजी, मुख्य आरोपी पति पर 10,000 का इनाम
इस मामले में बढ़ते दबाव को देखते हुए भोपाल पुलिस कमिश्नर ने सफाई दी है कि सुसाइड में इस्तेमाल बेल्ट को फॉरेंसिक टीम (FSL) ने जब्त किया था, लेकिन उसे अस्पताल भेजने में देरी हुई। उन्होंने इस घोर लापरवाही की अलग से जांच कराने का आदेश दिया है।
कोर्टरूम में हुए इस भारी ड्रामे के बीच, ट्विशा के परिवार ने शव को सुरक्षित रखने और दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की लिखित मांग की, जिस पर पुलिस ने कोर्ट को लिखित में दे दिया है कि उन्हें दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने पर कोई आपत्ति नहीं है। कोर्ट पहले ही मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुका है और भोपाल पुलिस ने समर्थ की गिरफ्तारी पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित कर दिया है।
Next Story

