
CBSE री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर हमला; दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया केस
देश-विदेश के IP एड्रेस से पोर्टल को ठप करने की रची गई थी बड़ी साजिश; सिक्योरिटी रिव्यू के बाद एक्टिव हुआ था पोर्टल। जांच में जुटी स्पेशल साइबर विंग IFSO।
CBSE Cyber Attack: देश के सबसे बड़े शिक्षा बोर्ड, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) पोर्टल पर एक के बाद एक कई सुनियोजित साइबर हमले (Cyber Attacks) होने का एक बड़ा और बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। बोर्ड की वेबसाइट की सुरक्षा में सेंध लगाने और छात्रों के इस महत्वपूर्ण पोर्टल को पूरी तरह क्रैश या ठप करने की इस अंतरराष्ट्रीय साजिश को लेकर अब सीबीएसई ने दिल्ली पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
सीबीएसई द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के मुताबिक, पिछले तीन दिनों के भीतर पूरी प्लानिंग के साथ इस पोर्टल पर लगातार कई साइबर हमले किए गए। तकनीकी जांच में सामने आया है कि इन हमलों को अंजाम देने के लिए भारत के साथ-साथ विदेशों के भी कई अलग-अलग आईपी एड्रेस (IP Addresses) का इस्तेमाल किया जा रहा था। हमलावरों का मुख्य मकसद वेबसाइट के सर्वर को डाउन करके उसे पूरी तरह ठप करना था, लेकिन बोर्ड की मुस्तैदी के कारण वे अपने नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके।
सुरक्षा कारणों से 2 जून को ही एक्टिव हुआ था पोर्टल; रुकावट से भड़क सकता था छात्रों का गुस्सा
सीबीएसई ने साफ किया है कि यह विशेष पोर्टल देश भर के उन लाखों छात्रों की मदद के लिए तैयार किया गया है, जो बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों के बाद अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं हैं और री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई करना चाहते हैं।
वेबसाइट की सिक्योरिटी पर उठे थे सवाल: इस महत्वपूर्ण पोर्टल को लाइव करने से पहले इसकी सुरक्षा और वेबसाइट की सिक्योरिटी को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हुए थे।
चार दिन तक चला था सुरक्षा ऑडिट: सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए सीबीएसई की तकनीकी टीम ने करीब चार दिनों तक इस पर कड़ा काम किया और सुरक्षा मानकों को परखने के बाद ही 2 जून की सुबह इस पोर्टल को दोबारा एक्टिव (चालू) किया गया था।
बड़ी परेशानी से बचे लाखों पेरेंट्स: बोर्ड का कहना है कि यदि इन साइबर हमलों के कारण पोर्टल के कामकाज में थोड़ी भी रुकावट आती, तो इससे देश-विदेश के लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों को भारी मानसिक और तकनीकी परेशानी का सामना करना पड़ता, जिससे बोर्ड की साख पर बट्टा लगता और लोगों में भारी नाराजगी पैदा हो सकती थी।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल विंग 'IFSO' ने संभाली कमान; IT एक्ट की गंभीर धाराओं में FIR दर्ज
मामले की गंभीरता और इसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को देखते हुए इस केस की जांच दिल्ली पुलिस की सबसे हाई-टेक और विशिष्ट साइबर यूनिट 'इंटेलीजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस' (IFSO) को सौंपी गई है।
डीसीपी आईएफएसओ (DCP IFSO) ने सीबीएसई की शिकायत के आधार पर मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पोर्टल पर सिलसिलेवार और को-ऑर्डिनेटर तरीके से किए गए इन साइबर हमलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने इस मामले में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) एक्ट की धारा 66 और धारा 43(f) के तहत एक आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है। आईएफएसओ की टीम अब उन सभी संदेहास्पद और विदेशी आईपी एड्रेस को ट्रेस करने में जुट गई है, जिनके जरिए इस सरकारी पोर्टल को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही थी।
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