ट्विशा केस: CBI जांच की सिफारिश, दिल्ली AIIMS में होगा दोबारा पोस्टमोर्टर्म!
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ट्विशा केस: CBI जांच की सिफारिश, दिल्ली AIIMS में होगा दोबारा पोस्टमोर्टर्म!

भोपाल के ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीएम मोहन यादव ने दिए सीबीआई (CBI) जांच के निर्देश; दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमॉर्टम के लिए सरकार देगी गाड़ी, SIT गठित।


Twisha Sharma Death Case: भोपाल की हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा मौत मिस्ट्री में अब राज्य सरकार ने बेहद कड़ा और बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को मृतका ट्विशा के परिजनों ने सचिवालय में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। परिजनों की पीड़ा सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस संवेदनशील मामले में परिवार के साथ खड़ी है और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई (CBI) जांच की सिफारिश करते हुए पत्र लिखेगी।


इसके साथ ही, दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की परिवार की मांग पर सीएम ने घोषणा की कि भले ही इसका अंतिम निर्णय अदालत करेगी, लेकिन यदि कोर्ट से अनुमति मिलती है तो ट्विशा के पार्थिव शरीर को भोपाल से दिल्ली एम्स ले जाने के लिए राज्य सरकार परिवहन (विशेष गाड़ी) का पूरा खर्च और सुविधा उपलब्ध कराएगी।

महिला आयोग: मुख्य सचिव और DGP से 7 दिन में मांगी रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) भी पूरी तरह एक्शन में आ गया है। महिला आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव (Chief Secretary) और पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस जारी कर इस पूरे मामले की विस्तृत प्रोग्रेस रिपोर्ट 7 दिनों के भीतर तलब की है। आयोग ने पुलिस जांच की गति और अब तक की गई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा मांगा है।

एम्स दिल्ली में ही दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग क्यों?
ट्विशा के परिवार और उनके वकील अंकुर पांडे ने भोपाल की अदालत में अर्जी दाखिल कर भोपाल पुलिस और एम्स भोपाल की शुरुआती पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार एम्स दिल्ली में ही दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने पर क्यों अड़ा है, इसकी मुख्य वजहें ये हैं:

स्थानीय रसूख का डर: ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त जज हैं और उनकी बहन भोपाल में ही एक नामचीन सर्जन हैं। परिजनों का आरोप है कि पहली पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया के दौरान सास की डॉक्टर बहन को एम्स भोपाल के आसपास देखा गया था, जिससे जांच प्रभावित होने का अंदेशा है।

चोट के निशान छिपाने का आरोप: परिवार का दावा है कि ट्विशा के शरीर पर मौजूद कई चोट के निशानों को शुरुआती संक्षिप्त पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शामिल ही नहीं किया गया।

फंदा (बेल्ट) न देना: शुरुआती रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि जांचकर्ताओं ने डॉक्टरों को वह बेल्ट (फंदा) समय पर उपलब्ध ही नहीं कराई, जिससे डॉक्टरों को मौत की वैज्ञानिक स्पष्टता मिल पाती।

परिजनों ने भावुक बयान जारी करते हुए कहा कि "अगर आरोपी सचमुच बेगुनाह हैं, तो देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान एम्स दिल्ली में स्वतंत्र चिकित्सकीय परीक्षण (Second Post-Mortem) कराने को लेकर हिचकिचाहट क्यों है? एक शोकाकुल परिवार केवल सच्चाई और वैज्ञानिक स्पष्टता की मांग कर रहा है।"

भोपाल पुलिस कमिश्नर बोले "हमें दूसरे पोस्टमॉर्टम से ऐतराज नहीं"
परिजनों द्वारा स्थानीय प्रभाव के कारण जांच प्रभावित होने के आरोपों पर भोपाल पुलिस कमिश्नर (IPS) संजय कुमार ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि पुलिस को ट्विशा का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने पर कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन कानूनन इसकी अनुमति कोर्ट ही तय करेगी।

फिलहाल, मामले की संगीनता को देखते हुए भोपाल पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है, जो दहेज प्रताड़ना, मारपीट और सबूत नष्ट करने के आरोपों की गहनता से वैज्ञानिक जांच कर रहा है।

क्या है पूरा मामला?
बता दें कि 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में पेशे से वकील समर्थ सिंह के साथ हुई थी। विवाह के महज 5 महीने बाद ही, 12 मई 2026 की रात को कटारा हिल्स स्थित ससुराल में ट्विशा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था। पुलिस ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु और प्रताड़ना का केस दर्ज किया है। फिलहाल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) की अदालत इस मामले की केस डायरी तलब कर सुनवाई कर रही है, वहीं फरार पति समर्थ सिंह पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित कर पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।


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