
मालवीय नगर अग्निकांड: पकड़ा गया फरार होटल मालिक लवकेश बजाज
हादसे के बाद 45 मिनट तक तमाशा देखता रहा मालिक; बड़ा कांड भांपते ही परिवार समेत घर पर ताला जड़कर हुआ था फरार। साकेत के डी-ब्लॉक से पुलिस ने दबोचा।
Malviya Nagar Fire Incident: दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में हुए दर्दनाक 'फ्लरिश स्टे' होटल अग्निकांड में दिल्ली पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी मिली है। हादसे के बाद से लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद फरार चल रहे मुख्य आरोपी और होटल मालिक लवकेश बजाज को पुलिस ने पकड़ कर लिया है। जांच में जो सबसे सनसनीखेज और हैरान करने वाला खुलासा हुआ है, वो यह है कि लवकेश बजाज हादसे के वक्त खुद ग्राउंड जीरो पर मौजूद था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बुधवार सुबह जब होटल में आग लगी, तो लवकेश बजाज करीब 45 मिनट तक मौके पर ही खड़ा होकर तमाशा देखता रहा। लेकिन जैसे ही चीख-पुकार मची और उसे यह अहसास (आभास) हुआ कि यह हादसा बेहद डरावना रूप अख्तियार कर चुका है और कई लोगों की मौत हो चुकी है, वह चुपचाप भीड़ का फायदा उठाकर वहां से नौ दो ग्यारह हो गया। इतना ही नहीं, वह मालवीय नगर से सीधे नजदीक ही स्थित साकेत के डी-ब्लॉक (D-Block) में अपने घर पहुंचा और वहां भी कानून के शिकंजे से बचने के लिए अपने पूरे परिवार के साथ घर पर ताला मारकर फरार हो गया। पुलिस की कई टीमों ने साकेत में छापेमारी कर आखिरकार उसे दबोच लिया है।
'चूल्हा जलाते ही भड़की आग, ऊपर सो रहे थे लोग' - होटल के शेफ ने बयां किया था खौफनाक मंजर
इससे पहले, होटल के बेसमेंट में चल रहे रेस्टोरेंट के शेफ केसर सिंह ने बुधवार सुबह ग्राउंड ज़ीरो पर हुए उस रूह कंपा देने वाले मंजर को याद करते हुए जांच अधिकारियों को बताया था:
"सुबह करीब 8 बजे जैसे ही मैंने रसोई में जाकर इलेक्ट्रिक चूल्हा चालू किया, अचानक आग की लपटें बेहद तेजी से फैल गईं। लपटों की रफ्तार देखकर मुझे तुरंत अहसास हो गया कि आग पहले ही इमारत में कहीं और लग चुकी थी और बेसमेंट तक पहुंच चुकी थी। मैंने बिना वक्त गंवाए चीखकर अपने असिस्टेंट को आगाह किया और हम किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर की तरफ भागे। जब मैं बाहर आया तो देखा कि पूरी पांच मंजिला इमारत धू-धू कर जल रही थी और ऊपर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं।"
जिस वक्त सुबह 8 बजे यह भयावह हादसा हुआ, होटल में ठहरे हुए ज्यादातर लोग अपनी-अपनी मंजिलों पर गहरी नींद में सो रहे थे, जिसके कारण उन्हें संभलने का मौका ही नहीं मिला। इसके अलावा, होटल हौज रानी की बेहद संकरी और तंग गलियों में स्थित था, जिसके चलते दमकल की गाड़ियों को अंदर पहुंचने और राहत व बचाव कार्य चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
प्रशासनिक शह पर चल रहा था मौत का लाक्षागृह, नियमों की उड़ी थीं धज्जियां
दिल्ली देश की राजधानी है, यहाँ की पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है, डीडीए (DDA) केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय के अधीन आता है और एमसीडी (MCD) भी गृह मंत्रालय के अधीन आता है। इस समय दिल्ली में भाजपा की सरकार है, एमसीडी में भाजपा काबिज है और देश में तो है ही प्रधानमंत्री मोदी की सरकार। इन सबके बावजूद दिल्ली में सभी नियमों, सरकारों को धत्ता बताते हुए मनमाने ढंग से ऐसे लाक्षागृह चलाये जा रहे हैं, जिनके पास महज ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट का लाइसेंस है और वो शासन-प्रशासन की मिलीभगत से बजट होटल चला रहे हैं। न ही उनमें फायर सेफ्टी के इंतजाम हैं और न ही कोई और सुरक्षा व्यवस्था।
शुरुआती जांच में दिल्ली फायर सर्विस (DFS) और स्थानीय पुलिस के सामने जो प्रशासनिक और कानूनी विसंगतियां सामने आई हैं, वे बेहद चौंकाने वाली हैं:
नहीं थी फायर NOC: गिरफ्तार मालिक लवकेश बजाज के इस होटल के पास अग्निशमन विभाग का कोई भी वैध अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मौजूद नहीं था।
क्षमता से अधिक कमरे: तंग और संकरी गलियों के बीच नियमों को पूरी तरह ताक पर रखकर इस 5 मंजिला इमारत में करीब 25 कमरे ठूंस-ठूंस कर तैयार किए गए थे, जो नियमों के लिहाज से तय सीमा से कई गुना अधिक हैं।
विदेशी नागरिकों की मौजूदगी: हादसे के वक्त होटल के भीतर 50 से अधिक लोग मौजूद थे, जिनमें से अधिकांश विदेशी नागरिक थे। ये सभी लोग पास के बड़े अस्पतालों में अपने परिजनों का इलाज कराने आए मरीजों के तीमारदार (Attendants) थे, जो यहाँ बजट स्टे के तौर पर रुके हुए थे।
कमर्शियल इमारतों पर सुलगते सवाल
इस भीषण अग्निकांड और मुख्य आरोपी लवकेश बजाज की साकेत से हुई इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर दिल्ली की कमर्शियल और रिहायशी इमारतों में फायर सेफ्टी और अवैध रूप से चल रहे लॉजिंग बिजनेस के बड़े सिंडिकेट को बेनकाब कर दिया है।
सवाल ये है कि आखिर बिना बुनियादी सुरक्षा मानकों और स्वीकृत सीमा से अधिक कमरों के साथ यह अवैध होटल स्थानीय पुलिस और एमसीडी (MCD) के अधिकारियों की नाक के नीचे धड़ल्ले से कैसे और किसकी शह पर चल रहा था। पुलिस ने साफ किया है कि हादसे के लिए जिम्मेदार होटल मालिक लवकेश बजाज के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले सरकारी विभागों के अधिकारियों की भूमिका की भी कड़ाई से जांच की जाएगी और उन पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

