
दिल्ली-मुंबई ब्लास्ट की साजिश फेल: पाकिस्तानी ग्रेनेड के साथ आतंकी दबोचे
राजधानी की सड़कों पर स्पेशल सेल का बड़ा ऑपरेशन; नेपाल से लेकर पंजाब और मुंबई तक फैले इंटरनेशनल अंडरवर्ल्ड नेटवर्क का भंडाफोड़।
Terror Module Busted From Delhi: शनिवार की आधी रात को जब तमाम दिल्ली वाले बेफिक्र होकर चैन की नींद सो रहे थे, ठीक उसी वक्त देश की राजधानी की सड़कों पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के जवान मुस्तैदी से एक ऐसी साजिश को नाकाम करने में जुटे थे जो इस गहरी नींद में खलल पैदा कर सकती थी। 30 मई 2026 की रात करीब 1 बजे, महरौली-बदरपुर रोड (MB Road) पर स्पेशल सेल की टीम ने एक बेहद खुफिया और बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए पंजाब से दिल्ली में घुसे तीन ऐसे खतरनाक आतंकियों को अपने कब्जे में लिया, जो हथियारों और ग्रेनेड से पूरी तरह लैस थे। पकड़े गए इन शूटरों—हरविंदर सिंह, गगनदीप सिंह और मनजीत सिंह के पास से पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में बने 4 हैंड ग्रेनेड, 2 मेड-इन-पाकिस्तान ग्लॉक पिस्टल (Glock Pistols) और 24 जिंदा कारतूस बरामद हुए, जो राजधानी को दहलाने के इरादे से लाए गए थे।
इस पूरे इंटरनेशनल टेरर-अंडरवर्ल्ड मॉड्यूल में शामिल आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया गया है और हर किसी को उनके आकाओं (मुन्ना झींगड़ा और शहजाद भट्टी) द्वारा खास टास्क सौंपा गया था:
पंजाब ग्रुप
हरविंदर सिंह (28 वर्ष) निवासी: लुधियाना, पंजाब
गगनदीप सिंह (28 वर्ष) निवासी: लुधियाना, पंजाब
मनजीत सिंह (23 वर्ष) | निवासी: लुधियाना, पंजाब
भूमिका: ये तीनों इस मॉड्यूल के मुख्य 'शूटर और एग्जीक्यूशनर' थे। इन्हें पाकिस्तान और दुबई में बैठे हैंडलर्स के इशारे पर दिल्ली-मुंबई की वीआईपी इमारतों और पुलिस कर्मियों पर ग्रेनेड हमले व अंधाधुंध फायरिंग करने के लिए दिल्ली भेजा गया था। इन्हें महरौली-बदरपुर रोड से 4 पाकिस्तानी हैंड ग्रेनेड और ग्लॉक पिस्टल के साथ दबोचा गया।
नेपाल कनेक्शन (लॉजिस्टिक्स और फंडिंग)
लामा आंग कामी (66 वर्ष) निवासी: काठमांडू, नेपाल
भूमिका: यह इस मॉड्यूल का 'लॉजिस्टिक्स और फाइनेंस मैनेजर' था। पाकिस्तान में बैठे दाऊद के गुर्गे मुन्ना झींगड़ा के सीधे निर्देश पर इसे दिल्ली आने वाले शूटरों के लिए सुरक्षित ठिकाना (Hideout) बुक करने और उनके पैसों (फंडिंग) का इंतजाम करने की जिम्मेदारी दी गई थी। (यह 2001 से 2018 तक थाईलैंड की जेल में ड्रग केस में बंद था, जहाँ यह मुन्ना झींगड़ा का करीबी बना था)।
मुंबई ग्रुप (लोकल ऑपरेशन्स और रेकी)
तौकीर रिजवान अहमद शेख (27 वर्ष) निवासी: मुंब्रा, महाराष्ट्र
साजिद महबूब शेख उर्फ अरबाज खान (27 वर्ष) | निवासी: कुर्ला, मुंबई
भूमिका: इन्हें मुंबई के ही एक फरार आरोपी हुजैफा ने आईएसआई हैंडलर यावर खान और मुन्ना झींगड़ा के इशारे पर भर्ती किया था। इनका काम मुंबई और दिल्ली में बड़े हमलों के लिए रेकी करना और स्थानीय स्तर पर टारगेट सेट करना था।
यूपी-झारखंड ग्रुप (भर्ती और ग्राउंड नेटवर्क)
विजय उर्फ शूटर (23 वर्ष) निवासी: मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश (पुणे से गिरफ्तार)
भूमिका: यह पाकिस्तान और दुबई नेटवर्क के सीधे संपर्क में था। इसका मुख्य काम दिल्ली-एनसीआर और यूपी में आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए नए भटके हुए युवाओं को इस दलदल में भर्ती (Recruit) करना था।
नीतीश पासवान (23 वर्ष) निवासी: साहिबगंज, झारखंड
भूमिका: यह विजय उर्फ शूटर का सबसे करीबी सहयोगी था और ग्राउंड लेवल पर हथियारों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने व अन्य राज्यों के गुर्गों से तालमेल बिठाने में मदद कर रहा था।

