
दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर मर्डर मिस्ट्री सुलझी; बंगाल से आरोपी कपल अरेस्ट
करोड़ों की संपत्ति के विवाद में 1,400 किमी दूर से आए थे हत्यारे; दिल्ली के फ्लैट में घुसकर की थी हत्या। CCTV फुटेज और कैब ड्राइवर की मदद से दबोचे गए आरोपी।
DU Professor Murder: दिल्ली पुलिस ने दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) की असिस्टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल हत्याकांड में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए इस अंधी गुत्थी को महज तीन दिनों के भीतर सुलझा लिया है. इस पूरी वारदात का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि आरोपी दंपती (कपल) विशेष तौर पर इस मर्डर को अंजाम देने के लिए पश्चिम बंगाल से करीब 1,400 किलोमीटर का सफर तय करके दिल्ली आए थे और हत्या करने के बाद वापस वहां से फरार हो गए थे. दिल्ली पुलिस की टीमों ने कड़ियों को जोड़ते हुए सीधे बंगाल के बर्धमान में छापेमारी की और वहां से दोनों मुख्य आरोपियों को धर दबोचा.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामप्रसाद दास और बानश्री दास के रूप में हुई है, जिन्होंने करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी हड़पने के चक्कर में इस खौफनाक वारदात का ताना-बाना बुना था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों के एक नाबालिग बेटे को भी हिरासत में लिया गया है. दिल्ली पुलिस अब दास दंपती को स्थानीय अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाने की तैयारी कर रही है.
CCTV में कैद हुए नकाबपोश कातिल: शक से बचने के लिए बच्चे को रखा साथ, 30 मिनट में वारदात को दिया अंजाम
पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेस-3 के पास स्थित वसुंधरा एन्क्लेव के 'सत्यम अपार्टमेंट्स' में रहने वाली 29 वर्षीय देबोस्मिता पॉल का शव बुधवार को उनके फ्लैट में मिला था. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बेहद शातिराना तरीके से इस हत्याकांड को अंजाम दिया था:
मास्क पहनकर पहुंचे फ्लैट: बुधवार को आरोपी दंपती मिलने के बहाने देबोस्मिता के फ्लैट पर पहुंचे थे. सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में दोनों चेहरे पर मास्क लगाए और हाथ में कुछ बैग लिए नजर आए. किसी को शक न हो, इसलिए वे लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों से छठे फ्लोर पर गए.
बच्चे को मोहरा बनाया: सोसायटी के गार्ड या पड़ोसियों को कोई शक न हो, इसलिए आरोपी अपने साथ अपने नाबालिग बेटे को भी लेकर आए थे ताकि वे एक सामान्य परिवार की तरह दिखें. चूंकि आरोपी देबोस्मिता के परिचित थे, इसलिए उन्हें घर में आसानी से 'फ्रेंडली एंट्री' मिल गई.
कपड़े बदलकर हुए फरार: घर के भीतर घुसकर आरोपियों ने अपने साथ लाए हथियार से प्रोफेसर पर हमला कर उनकी हत्या कर दी. वारदात के ठीक 30 मिनट बाद हत्यारे फ्लैट से बाहर निकले. इस दौरान उन्होंने अपने कपड़े भी बदल लिए थे और नीचे इंतजार कर रही एक निजी कैब में बैठकर फरार हो गए.
200 लोगों से पूछताछ, 4 राज्यों में छापे; कैब ड्राइवर की एक डिटेल ने खोला राज
इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए दिल्ली पुलिस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। पुलिस की 7 अलग-अलग टीमों ने चार राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी की और सैकड़ों लोगों से पूछताछ की:
संदिग्धों को किया गया चिन्हित: पुलिस ने वारदात के दिन सोसायटी में आने-जाने वाले करीब 200 लोगों की लिस्ट बनाई, जिनमें से 13 मुख्य संदिग्धों को शॉर्टलिस्ट कर पूछताछ की गई.
कैब ड्राइवर से मिला सुराग: पुलिस ने उस प्राइवेट कैब के ड्राइवर को हिरासत में लिया, जिसमें आरोपी आए और भागे थे. कैब की राइड डिटेल्स और रूट को ट्रैक करने के बाद पुलिस सीधे पश्चिम बंगाल के बर्धमान पहुंची और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
यह था हत्या का असली मकसद: मकान खाली कराने का बढ़ रहा था दबाव, लूटपाठ के नहीं मिले सबूत
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, देबोस्मिता पॉल को उनके नाना की मृत्यु के बाद पश्चिम बंगाल में एक पैतृक संपत्ति विरासत में मिली थी, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये है. गिरफ्तार आरोपी रामप्रसाद और बानश्री उसी मकान में किराएदारके रूप में रह रहे थे और लंबे समय से उस कीमती प्रॉपर्टी को हथियाने की फिराक में थे.
देबोस्मिता पिछले कुछ समय से उन पर मकान खाली करने का लगातार दबाव बना रही थीं. इसी बात से खुन्नस खाकर और संपत्ति हड़पने की नीयत से दंपती ने उनकी हत्या की साजिश रची.
बहन ने तोड़ा दरवाजा, तब सामने आई लाश:
साल 2017 में शादी के बंधन में बंधने वाली देबोस्मिता का 2022 में अपने पति से अलगाव हो गया था. उनके पति बेंगलुरु में रहते हैं, जबकि वे दिल्ली के इस फ्लैट में अकेली रह रही थीं. गुरुवार को जब देबोस्मिता ने अपनी बहन देवारती के कई फोन कॉल्स का जवाब नहीं दिया, तो देवारती ने फ्लैट पर पहुंचकर बाहर से लॉक लगे दरवाजे को तोड़ा. भीतर देबोस्मिता का शव पड़ा हुआ था, उनके सिर पर गहरी चोट थी और कलाई की नसें कटी हुई थीं. घर में रखे गहने और कैश पूरी तरह सुरक्षित थे, जिससे पुलिस पहले ही समझ गई थी कि यह मामला लूटपाठ का नहीं बल्कि रंजिश या टारगेट किलिंग का है.
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