
इटली में गुरुद्वारे के बाहर 2 भारतीयों की हत्या: बैसाखी पर हुआ खूनी खेल
इटली के बर्गामो में दो भारतीयों की गोली मारकर हत्या। बैसाखी की रात गुरुद्वारे के बाहर हुई फायरिंग से सिख समुदाय में दहशत, पुलिस को आपसी रंजिश का शक।
Two Indian Citizen Killed In Italy : उत्तर इटली के बर्गामो प्रांत में बैसाखी के पावन पर्व की खुशियाँ उस समय मातम में बदल गईं, जब शुक्रवार (17 अप्रैल) की देर रात दो भारतीय नागरिकों की निर्मम हत्या कर दी गई। यह वारदात कोवो शहर में स्थित 'गुरुद्वारा माता साहिब कौर जी' के ठीक बाहर हुई। इस सनसनीखेज गोलीबारी ने न केवल इटली में रहने वाले भारतीय प्रवासियों को झकझोर दिया है, बल्कि वहां की पुलिस के लिए भी एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
आधी रात को 'कोल्ड-ब्लडेड मर्डर'
यह खूनी वारदात शुक्रवार रात करीब 12 बजे हुई, जब श्रद्धालु बैसाखी के उपलक्ष्य में गुरुद्वारे में जमा हो रहे थे। इतालवी अखबार 'ला सिसिलिया' के अनुसार, दोनों पीड़ित गुरुद्वारे के रूप में इस्तेमाल होने वाले एक गोदाम से बाहर निकले ही थे कि हमलावर ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
मृतकों की पहचान:
रागिंदर सिंह (48 वर्ष): ये कोवो शहर के ही निवासी थे और काफी समय से वहां रह रहे थे।
गुरमीत सिंह (48 वर्ष): ये पास के अग्नाडेलो शहर के रहने वाले थे। गुरमीत अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों का रोता-बिलखता परिवार छोड़ गए हैं।
10 खाली कारतूस: एक सोची-समझी साजिश का सबूत
जांचकर्ताओं को घटनास्थल से 10 खाली कारतूस मिले हैं। इतनी भारी तादाद में गोलियां चलाना यह साफ दर्शाता है कि हमलावर किसी आकस्मिक झगड़े की वजह से नहीं, बल्कि एक 'एग्जीक्यूशन' (मौत की सजा) के इरादे से आया था। चश्मदीदों का दावा है कि हमलावर भी एक भारतीय व्यक्ति ही था, जो अक्सर उसी गुरुद्वारे में आता-जाता था। चश्मदीदों ने संदिग्ध की पहचान 'एंटेगनेट' के रहने वाले एक भारतीय के रूप में की है, जो वारदात के बाद कार में सवार होकर मौके से फरार हो गया।
क्यों हुई हत्या? रंजिश या कोई बड़ा विवाद?
इटली की पुलिस फिलहाल दो मुख्य पहलुओं पर जांच कर रही है:
निजी दुश्मनी: क्या पीड़ितों और हमलावर के बीच कोई पुराना वित्तीय या व्यक्तिगत झगड़ा था?
सामुदायिक तनाव: क्या स्थानीय सिख समुदाय के भीतर कोई आंतरिक मतभेद था, जिसके कारण यह 'टार्गेट किलिंग' हुई?
कोवो के मेयर एंड्रिया कप्पेलेटी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यहाँ का सिख समुदाय पिछले 15 वर्षों से बहुत ही शांतिपूर्ण और मिलनसार तरीके से रह रहा था और आज तक कभी कोई कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा नहीं हुई थी।
जांच और अगली कार्रवाई
पुलिस अब गुरुद्वारे के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाल रही है और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए पाविया (Pavia) भेज दिया गया है। गौरतलब है कि अगले ही दिन वहां एक बड़ा आधिकारिक बैसाखी कार्यक्रम आयोजित होना था, जिसे इस त्रासदी ने पूरी तरह गमगीन कर दिया है। पुलिस ने संदिग्ध की तलाश में छापेमारी तेज कर दी है और जल्द ही गिरफ्तारी का दावा किया है।

