लखनऊ अग्निकांड : सीएम योगी अलीगढ़ दौरा रद्द कर लखनऊ लौटे, मौतों का आंकड़ा 14 हुआ
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लखनऊ अग्निकांड : सीएम योगी अलीगढ़ दौरा रद्द कर लखनऊ लौटे, मौतों का आंकड़ा 14 हुआ

लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड में अब तक 13 शव बरामद। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ दौरा रद्द कर लखनऊ वापसी की। दोषियों पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश।


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Lucknow Fire: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड में मौतों का सिलसिला लगातार बढ़ने से महा-हड़कंप मच गया है। तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में लगी इस प्रलयंकारी आग की चपेट में आने से अब तक 14 बेगुनाहों के शव बाहर निकाले जा चुके हैं। हादसे की संवेदनशीलता और बच्चों की दुखद मौत की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद्द कर दिया और वे तत्काल लखनऊ वापस लौट आए हैं। लखनऊ के लिए रवाना होने से पहले सीएम ने मंच से साफ एलान किया कि इस भीषण लापरवाही के जिम्मेदारों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो नजीर बनेगी।



14 मौतें और अपनों को तलाशती रोती-बिलखती आंखें
अलीगंज थाना क्षेत्र के उषा मेहता मार्ग पर स्थित इस बिल्डिंग में दोपहर करीब 3:00 बजे आग लगने की सूचना दमकल विभाग को मिली थी। इसके बाद से ही वहां का मंजर बेहद खौफनाक बना हुआ है:

बढ़ता गया मौतों का आंकड़ा
: इमारत के भीतर से अब तक 13 लोगों के शव बाहर निकाले जा चुके हैं। आग इतनी भयंकर है कि दमकलकर्मियों को छत के रास्ते दीवार तोड़कर अंदर घुसना पड़ा है।

अपनों की आस में रोते माता-पिता: घटना की खबर सुनते ही कोचिंग और आईटी कंपनी (गेमिंग प्रॉक्स) में पढ़ रहे बच्चों के माता-पिता बदहवास हालत में मौके पर पहुंच गए हैं। वहां मौजूद हर शख्स एक-दूसरे को ढांढस बंधा रहा है, लेकिन अंदर ही अंदर सब रो रहे हैं। हर आंख बस इस बात के लिए लालायित है कि उनका बच्चा इस आग को चीरकर सकुशल बाहर आ जाए।

इंसानियत की मिसाल: इस खौफनाक मंजर के बीच एक पुलिसकर्मी की संवेदनशीलता ने सबका दिल जीत लिया। आग में झुलसकर छटपटा रही एक बेजुबान बिल्ली को पुलिसकर्मी ने अपनी गोद में उठाया और दौड़ते हुए मेडिकल टीम को सौंपा। बिल्ली की हालत इतनी गंभीर थी कि वह बस खुद के जिंदा होने का अहसास कराने की कोशिश कर रही थी।

14 दमकल गाड़ियां तैनात, डिप्टी सीएम के बाद सीएम योगी भी पहुंचे वापस
आग की विभीषिका को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है:

हाइड्रोलिक सीढ़ियों से रेस्क्यू: दमकल विभाग के मुताबिक, मौके पर हाइड्रोलिक सीढ़ी से लैस वाहनों समेत कुल 14 फायर टेंडर आग बुझाने और लोगों को निकालने में जुटे हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पहले से ही मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

सुखमणि के पिता की आपबीती: मौके पर पहुंचे प्रभजोत सिंह ने बताया कि उनके बेटे सुखमणि सिंह ने करीब सवा दो बजे फोन कर आग की जानकारी दी थी। उस वक्त दफ्तर में 20 से 22 लोग मौजूद थे, जिससे हताहतों की संख्या बढ़ने का अंदेशा है।

"दोषियों को सख्त सजा मिलेगी" अलीगढ़ से सीधे लखनऊ रवाना हुए सीएम योगी
हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अलीगढ़ में मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सारे कार्यक्रम रद्द कर दिए। उन्होंने मंच से जनता को संबोधित करते हुए कहा:

"मेरी हार्दिक इच्छा थी कि आज मैं अलीगढ़ में रहूं, लेकिन मुझे अत्यंत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि अभी-अभी लखनऊ में एक बेहद दुखद अग्निकांड की जानकारी मिली है। इसकी चपेट में आने से कुछ बच्चों की दुखद मृत्यु हुई है। मैं पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। इस पूरे मामले की तह तक जाने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए मैंने डीजीपी (DGP) और अपर मुख्य सचिव (गृह) को तुरंत मौके पर रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। मैं स्वयं भी तत्काल लखनऊ प्रस्थान कर रहा हूं।"

शासन स्तर पर इस लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपना लिया गया है और माना जा रहा है कि लखनऊ पहुंचते ही मुख्यमंत्री इस मामले में बड़े एक्शन का एलान कर सकते हैं।


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