
'भैया मुझे बचा लो'... लखनऊ आग में 15 मौतें, 10 पॉइंट्स में पूरी कहानी
लखनऊ अलीगंज अग्निकांड में 15 की मौत। संकरी सीढ़ियों पर आग के पहरे के बीच बाथरूम में छिपे छात्रों का घुटा दम। भाई को भेजा था आखिरी मोबाइल मैसेज।
Lucknow Fire: लखनऊ के अलीगंज स्थित तीन मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में हुआ दर्दनाक अग्निकांड अब सिर्फ एक प्रशासनिक जांच का विषय नहीं है। यह उन 15 मासूमो की चीखों का गवाह है, जिन्होंने रोज़ की तरह क्लास अटेंड करने के लिए कदम बढ़ाया था, लेकिन चंद सेकंड में फैली आग की लपटों ने उनके हंसते-खेलते संसार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। इस पूरी त्रासदी में एक बेहद विचलित करने वाला और झकझोर देने वाला मानवीय पहलू सामने आया है—जब सीढ़ियों पर मौत (आग और धुएं) का पहरा था, तो कुछ मासूमों ने खुद को बचाने की आखिरी और हताश कोशिश में वॉशरुम की चार दीवारों को अपना सुरक्षित ठिकाना मान लिया, जो बाद में उनकी कब्र बन गया।
"भैया, मैं वॉशरूम की तरफ भाग रहा हूं..." भाई की आंखें तलाश रही हैं सुराग
इस भयावह हादसे के बीच घुटती सांसों और चीख-पुकार के दौरान अपनों को भेजे गए आखिरी मैसेजेस कलेजे को चीर देने वाले हैं। घटनास्थल पर बदहवास खड़े शकील अहमद ने कांपते हाथों से अपना मोबाइल दिखाते हुए जो बताया, उसने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं:
"मेरा छोटा भाई रोज की तरह अंदर क्लास में था। जब नीचे से आग ऊपर की तरफ बढ़ी और सीढ़ियों पर जहरीला धुआं फैल गया, तो नीचे भागने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। फोन पर उससे मिला आखिरी मैसेज यह था— 'भैया, यहां बहुत आग और धुआं फैल गया है, मैं बचने के लिए वॉशरूम की तरफ भाग रहा हूं।' इसके बाद से उसका फोन बंद है... मुझे नहीं पता वो किस हाल में है।"
शकील जैसे दर्जनों भाई-बहन और माता-पिता किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर के बाहर अपने लाडलों की एक सुरक्षित झलक पाने के लिए ईश्वर से मिन्नतें कर रहे हैं। वेंटिलेशन न होने और भारी धुआं भर जाने के कारण बाथरूम के भीतर छिपे कई छात्रों का दम घुट गया।
खिड़कियों से छलांग और स्थानीय लोगों की जांबाजी
जब कमरों के भीतर दम घुटने लगा और मौत सामने नाचती दिखी, तो छात्रों ने जिंदगी और मौत के फासले को पाटने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी:
खिड़कियों से मौत की छलांग: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे रोंगटे खड़े कर देने वाले वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पहली और दूसरी मंजिल की खिड़कियों और रेलिंग से छात्र सीधे नीचे सड़क पर कूद रहे हैं। आग की भयंकर लपटों के बीच से नीचे गिरते एक युवक को स्थानीय लोगों ने तुरंत संभाला और दूर ले गए।
बिजली के तारों का सहारा: फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले स्थानीय निवासियों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। छज्जों से लटक रहे बिजली और केबल के तारों के सहारे लोगों ने 5 से 6 छात्रों को ऊपर खींचकर नीचे उतारा। वहीं, जो बच्चे ऊपर से सीधे छलांग लगा रहे थे, उन्हें नीचे मौजूद भीड़ ने हाथों-हाथ लपकने और गद्दों पर थामने की हरसंभव कोशिश की।
10 पॉइंट्स: संकरी सीढ़ियों से लेकर दीवार तोड़ने तक, कैसे बरपी तबाही
इस पूरे अग्निकांड की क्रोनोलॉजी और व्यवस्था की बदहाली को इन 10 बिंदुओं से समझा जा सकता है:
1. कब और कहां हुआ हादसा: लखनऊ के अलीगंज इलाके में उषा मेहता मार्ग पर स्थित एक तीन मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में सोमवार दोपहर यह भीषण आग लगी।
2. आग लगने की वजह: शुरुआती तौर पर कयास लगाए जा रहे हैं कि बेसमेंट या निचले हिस्से में किसी शॉर्ट सर्किट या चिंगारी से आग भड़की।
3. मौत की इमारत का ढांचा: ग्राउंड फ्लोर पर एक पेट शॉप (जानवरों की दुकान) थी, जबकि पहले और दूसरे फ्लोर पर कोचिंग इंस्टीट्यूट, कंप्यूटर लाइब्रेरी और हाई-टेक गेमिंग जोन (गेमिंग प्रॉक्स) चल रहे थे।
4. सीढ़ियों पर धुएं का पहरा: आग नीचे से ऊपर की तरफ फैली, जिससे पूरी बिल्डिंग की बेहद संकरी और एकमात्र सीढ़ी काले जहरीले धुएं से घिर गई। छात्रों के सुरक्षित नीचे उतरने का रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो गया।
5. खिड़कियों से कूदने की मजबूरी: दम घुटने से बचने के लिए छात्रों ने कांच की खिड़कियां तोड़ीं और पहली व दूसरी मंजिल से नीचे कूदना शुरू कर दिया।
6. बाथरूम बने डेथ ट्रैप: खिड़कियों तक न पहुंच पाने वाले कई छात्रों ने खुद को जहरीले धुएं से बचाने के लिए वॉशरूम के अंदर बंद कर लिया।
7. वेंटिलेशन न होना बनी मुख्य वजह: बिल्डिंग को चारों तरफ से शीशों से पैक किया गया था। वेंटिलेशन और एग्जॉस्ट की कोई व्यवस्था न होने से पूरी बिल्डिंग गैस चैंबर में तब्दील हो गई और 15 लोगों की झुलसने व दम घुटने से मौत हो गई।
8. देवदूत बने स्थानीय लोग: दमकल के आने से पहले स्थानीय लोगों ने जान पर खेलकर खिड़कियों से लटके बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारा।
9. दीवार तोड़कर घुसे दमकलकर्मी: सूचना मिलते ही 14 दमकल गाड़ियां और हाइड्रोलिक क्रेन मौके पर पहुंचीं। भारी धुएं के कारण फायर फाइटर्स ने बगल वाली बिल्डिंग की दीवार को तोड़ा और हैवी एग्जॉस्ट फैन लगाकर अंदर फंसे बच्चों को बाहर निकाला।
10. वीआईपी इलाज और हाई-लेवल जांच: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा रद्द कर लखनऊ वापसी की है। घायलों का केजीएमयू (KGMU) ट्रॉमा सेंटर में इलाज जारी है और मामले में डीजीपी व अपर मुख्य सचिव (गृह) को कड़ी दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

