'इम्यूनिटी बूस्टर' बताकर बांटी जा रही थी चूहे मारने की दवा पुलिस जांच और चश्मदीदों के अनुसार, यह घटना रे रोड स्थित रहमताबाद कब्रिस्तान के पास आशुरा के जुलूस के दौरान हुई:
भीड़ का उठाया फायदा: आरोपी फैयाज प्रेमजी भीड़ का फायदा उठाकर लोगों को दर्द निवारक (पेनकिलर) और इम्यूनिटी बूस्टर बताकर ये कैप्सूल बांट रहा था।
11 लोग हुए बीमार: इन गोलियों को खाने के बाद करीब 11 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। पीड़ित सलमान सैयद ने बताया कि गोली खाने के बाद उन्हें पेट में तेज दर्द और उल्टी की शिकायत हुई थी। फिलहाल सभी पीड़ित खतरे से बाहर हैं।
घातक केमिकल का इस्तेमाल: पुलिस उपायुक्त (DCP) जयंत मीणा ने पुष्टि की है कि आरोपी ने कैप्सूल के अंदर 'जिंक फॉस्फाइड' (Zinc Phosphide) मिलाया था। यह एक बेहद जहरीला रासायनिक यौगिक है, जिसका इस्तेमाल चूहे मारने वाली दवा और कीटनाशकों में किया जाता है। आरोपी के पास दवाएं बांटने का कोई कानूनी अधिकार या लाइसेंस नहीं था।
तीन महिला वॉलेंटियर्स की सतर्कता से बची हजारों जानें
शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होने से सिर्फ इसलिए रुक गया क्योंकि वहां मौजूद तीन महिला स्वयंसेवकों (वॉलेंटियर्स) ने तत्परता दिखाई:
संदेह होने पर खोली पोल: एक महिला वॉलेंटियर ने आरोपी को संदिग्ध तरीके से गोलियां बांटते हुए देखा। जब उससे पूछताछ की गई, तो उसने इसे इम्यूनिटी बूस्टर बताया। लेकिन शक होने पर महिलाओं ने एक कैप्सूल को बीच से तोड़कर देखा, जिसके अंदर संदिग्ध पाउडर मिला।
लाउडस्पीकर से घोषणा और गिरफ्तारी: महिलाओं ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और लाउडस्पीकर के जरिए जुलूस में शामिल लोगों से अपील की कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति से मिली गोली का सेवन न करें। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को दबोच लिया।
भारी मात्रा में सामान जब्त: पुलिस ने आरोपी के पास से 14,900 तैयार कैप्सूल जब्त किए हैं। जांच में सामने आया है कि वह पहले ही बड़ी संख्या में गोलियां बांट चुका था। इसके अलावा, उसने 30,000 खाली कैप्सूल और 50 किलोग्राम फास्फोरस का ऑर्डर भी दे रखा था।
"15,000 लोगों को मारना चाहता था" - आरोपी का कबूलनामा
पूछताछ के दौरान आरोपी फैयाज प्रेमजी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने पुलिस को बताया, "मैं जुलूस में शामिल कम से कम 15,000 लोगों को मारना चाहता था।"
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी फैयाज प्रेमजी ने जो उद्देश्य बताया है उसके अनुसार वो मुहर्रम के आशुरा जुलूस में शामिल हजारों लोगों को एक साथ नुकसान पहुंचाते हुए उनकी जान लेना चाहता था।इसी इरादे से उसने भीड़ का फायदा उठाया और चूहे मारने वाले घातक केमिकल (जिंक फॉस्फाइड) से भरे कैप्सूलों को 'इम्यूनिटी बूस्टर' और 'दर्द की दवा' बताकर लोगों में बांटना शुरू कर दिया, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका शिकार बन सकें। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि इस बड़ी साजिश के पीछे उसका व्यक्तिगत दिमाग था या वह किसी बाहरी संगठन के इशारे पर काम कर रही स्लीपर सेल का हिस्सा था।
प्रोफाइल और विदेशी दौरा: पुलिस के अनुसार, आरोपी बीबीए (BBA) ग्रेजुएट है। जांच में उसका विदेशी यात्रा इतिहास भी सामने आया है, जिसके मुताबिक वह पूर्व में ईरान और इराक की यात्रा कर चुका है।
कानूनी कार्रवाई: भायखला पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 123 (अपराध करने के इरादे से जहर आदि के माध्यम से चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस साजिश के पीछे किसी संभावित आतंकी लिंक या मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है।
कितना खतरनाक है जिंक फॉस्फाइड?
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, जिंक फॉस्फाइड एक अत्यंत घातक रसायन है। शरीर के भीतर जाने के बाद यह पेट में मौजूद एसिड से क्रिया करके 'फॉस्फीन गैस' बनाता है। यह गैस इंसानी फेफड़ों, दिल, लिवर, किडनी और दिमाग को सीधे तौर पर नष्ट कर देती है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस जहर का कोई सीधा एंटीडोट (काटने वाली दवा) उपलब्ध नहीं है। ऐसे मरीजों को केवल वेंटिलेटर सपोर्ट और लक्षणों के आधार पर ही तुरंत इलाज देकर बचाया जा सकता है।