रेकी के बाद सुवेंदु अधिकारी के पीए का कत्ल, फर्जी नंबर प्लेट से आए थे कातिल
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रेकी के बाद सुवेंदु अधिकारी के पीए का कत्ल, फर्जी नंबर प्लेट से आए थे कातिल

सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या। बीजेपी ने टीएमसी पर लगाया आरोप, ममता और अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी की मांग। बंगाल में तनाव।


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Suvendu Adhikari's PA Shot Dead : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के पद के प्रबल दावेदार भाजपा के सुवेंदु अधिकारी के पीए की सरेराह गोली मार कर हत्या कर दी गयी। चुनाव परिणाम पश्चात् जिस हिंसा की आशंका जताई गयी थी, वो अपना चरम रूप लेती जा रही है। जहाँ इस हत्या का शक TMC पर जताया गया है तो वहीँ TMC ने इस हत्या की निंदा करते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। इस घटना के बाद से पूरे बंगाल में राजनीतिक पारा चढ़ गया है और जगह-जगह सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।


मध्यमग्राम में खौफनाक वारदात
यह सनसनीखेज घटना उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में घटित हुई। जानकारी के मुताबिक, सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ और पीएस बुद्धदेव अपनी कार से जा रहे थे। मध्यमग्राम में जेसोर रोड पर दोहरिया के पास हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम दिया। जैसे ही उनकी गाड़ी रुकी, हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में चंद्रनाथ की मौत हो गई, जबकि बुद्धदेव और ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हैं।


रेकी कर रची गई पूरी साजिश
सुवेंदु अधिकारी ने इस हत्याकांड को एक सोची-समझी साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि हमलावरों ने पिछले 2-3 दिनों तक पूरे इलाके की रेकी की थी। हत्या की योजना पहले ही तैयार कर ली गई थी। सुवेंदु के अनुसार, यह बंगाल में पिछले 15 सालों से चल रहे 'महा-जंगल राज' का ही नतीजा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी अब राज्य के गुंडों को खत्म करने का काम शुरू करेगी।

बिरयानी की दुकान पर हुआ हमला
घटनाक्रम के अनुसार, चंद्रनाथ रथ अपने घर जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने बिरयानी खाने के लिए गाड़ी रोकी थी। जैसे ही कार स्लो हुई, पीछे से पीछा कर रहे हमलावरों ने मौका देखकर हमला कर दिया। हमलावरों ने सबसे पहले कार की विंडशील्ड पर गोली चलाई और फिर आगे की सीट पर बैठे चंद्रनाथ को निशाना बनाया। स्थानीय लोग उन्हें तुरंत पास के नर्सिंग होम ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


फर्जी नंबर प्लेट और फरार हमलावर
पुलिस जांच में सामने आया है कि हमलावर कार और बाइक से आए थे। उन्होंने पहले कार से चंद्रनाथ की गाड़ी को रोका और फिर बाइक सवारों ने फायरिंग की। डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने बताया कि हमले में इस्तेमाल गाड़ी जब्त कर ली गई है, लेकिन उस पर लगी नंबर प्लेट फर्जी थी। वह नंबर सिलीगुड़ी की एक गाड़ी का है। पुलिस ने घटनास्थल से गोलियों के खोल और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।

कौन थे चंद्रनाथ रथ?
चंद्रनाथ रथ का बैकग्राउंड सैन्य रहा था। वह भारतीय वायुसेना में अपनी सेवाएं दे चुके थे। वायुसेना की नौकरी छोड़ने के बाद वह सुवेंदु अधिकारी के साथ जुड़े और उनके पीए के रूप में काम कर रहे थे। सुवेंदु के भाई दिव्येंदु अधिकारी ने बताया कि चंद्रनाथ भवानीपुर में मुख्य एजेंट भी थे। यह वही क्षेत्र है जहाँ से ममता बनर्जी चुनाव हारी थीं। वह एक बेहद अनुशासित और वफादार कार्यकर्ता थे।

अस्पताल के बाहर बढ़ता आक्रोश

चंद्रनाथ रथ की हत्या की खबर मिलते ही सुवेंदु अधिकारी और बड़ी संख्या में बीजेपी समर्थक वायवासिटी अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बीजेपी कार्यकर्ता इस हत्याकांड के लिए सीधे तौर पर टीएमसी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। अस्पताल परिसर में "हमें इंसाफ चाहिए" और "राजनीतिक हत्याएं बंद करो" के नारे देर रात तक गूंजते रहे, जिससे माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है।


TMC ने निंदा करते हुए सीबीआई जांच की मांग की

इस वारदात के बाद TMC की तरफ से जारी किये गए बयान में कहा गया कि मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की नृशंस हत्या की कड़ी निंदा करते हैं। इसके साथ ही, हम पिछले तीन दिनों में चुनाव के बाद हुई हिंसा की घटनाओं में तीन अन्य TMC कार्यकर्ताओं की हत्या की भी निंदा करते हैं; आरोप है कि ये हिंसक वारदातें BJP-समर्थित उपद्रवियों द्वारा की गई हैं, जबकि उस समय 'आचार संहिता' लागू थी।

हम इस मामले में यथासंभव कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं, जिसमें अदालत की निगरानी में CBI जांच भी शामिल है, ताकि दोषियों की पहचान हो सके और उन्हें बिना किसी देरी के न्याय के कटघरे में खड़ा किया जा सके। लोकतंत्र में हिंसा और राजनीतिक हत्याओं के लिए कोई जगह नहीं है, और दोषियों को जल्द से जल्द जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।



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