
'30 हजार के इनामी को जज के रूम में शरण कैसे मिली?' कोर्ट में तीखी बहस
ट्विशा मौत मामला: कोर्ट में खुद पक्ष रख रहीं पूर्व जज गिरिबाला सिंह की वकील से तीखी नोकझोंक। हाथापाई की आई नौबत, सीबीआई ने आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा।
Twisha Sharma Case: भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में मंगलवार (2 जून 2026) को कोर्ट रूम के भीतर एक बेहद असाधारण और हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। सीबीआई (CBI) रिमांड खत्म होने पर पेशी के दौरान, आरोपी पूर्व जज गिरिबाला सिंह कोर्ट में किसी वकील के बिना अपना पक्ष खुद ही रख रही थीं। इस दौरान कोर्ट रूम में बहस इतनी ज्यादा बढ़ गई कि जज के सामने ही दोनों पक्षों में जमकर चीख-पुकार मची और नौबत हाथापाई तक आ पहुंची।
सुनवाई के दौरान आरोपी गिरिबाला सिंह ने बेहद गुस्से में चिल्लाते हुए ट्विशा के वकील अनुराग श्रीवास्तव पर एक सनसनीखेज आरोप जड़ दिया। उन्होंने कहा कि वकील अनुराग श्रीवास्तव ने उनके बेटे और सह-आरोपी समर्थ सिंह को जबलपुर हाईकोर्ट में थप्पड़ मारा था। इस आरोप पर ट्विशा के वकील भड़क गए और उन्होंने कोर्ट रूम में ही गिरिबाला से तीखे लहजे में सवाल दागा "अगर ऐसा हुआ था, तो उस थप्पड़ की शिकायत कहां है?"
30 हजार के इनामी को प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट सेशन जज के कमरे में शरण कैसे मिली?
बहस के दौरान ट्विशा के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने आरोपी समर्थ सिंह के फरार होने की अवधि को लेकर एक बेहद गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने कोर्ट के सामने कहा कि जब समर्थ सिंह फरार चल रहा था, तब वह जबलपुर के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट सेशन जज के कमरे में बैठा हुआ था। इस पर जवाब देते हुए समर्थ के वकील ने दलील दी कि सुरक्षित शरण लेना उसका कानूनी अधिकार है।
इस दलील पर कड़ी आपत्ति जताते हुए ट्विशा के वकील ने जज के सामने मांग रखी:
"एक आरोपी जिस पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित था, उसे आखिर जबलपुर के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट सेशन जज के यहां शरण कैसे मिल गई? यह बेहद गंभीर मामला है और इस बात की पूरी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।"
"हमारा मीडिया ट्रायल बंद हो, जान को खतरा है" - पूर्व जज गिरिबाला सिंह
सुनवाई के दौरान पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने कोर्ट रूम में चल रहे मीडिया कवरेज और अपनी सुरक्षा को लेकर भी गहरी नाराजगी और चिंता व्यक्त की। उन्होंने कोर्ट से मांग करते हुए कहा कि उनका मीडिया ट्रायल तुरंत बंद किया जाना चाहिए। गिरिबाला ने कहा, "हम जहां भी जा रहे हैं, मीडिया हमारे पीछे आ रही है, इसे रोका जाए। इस माहौल के कारण हमारी जान को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।"
इसके साथ ही उन्होंने कोर्ट के सामने दो मुख्य बिंदुओं पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई:
सीसीटीवी और सीन रिक्रिएशन फुटेज: गिरिबाला ने सोमवार को सीबीआई द्वारा किए गए डमी सीन रिक्रिएशन के फुटेज मीडिया में लीक होने पर गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं मालूम कि ये फुटेज किसने और कैसे बाहर किए।"
पैदल चलाने पर आपत्ति: उन्होंने कोर्ट को बताया कि जब सीबीआई उन्हें कार से कटारा हिल्स स्थित उनके घर लेकर पहुंची, तो गाड़ी को घर के ठीक सामने लगाने के बजाय तीन घर पहले ही रोक दिया गया। इसके बाद उन्हें मीडिया के सामने पैदल चलाकर घर तक लाया गया, जबकि गाड़ी को सीधे घर के सामने लगाया जा सकता था।
आज खत्म हुई सीबीआई रिमांड, कोर्ट ने आरोपियों को न्यायिक रिमांड (JR) पर भेजा
ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में गिरफ्तार पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह की सीबीआई रिमांड आज (2 जून) खत्म हो रही थी, जिसके चलते जांच एजेंसी ने उन्हें भोपाल कोर्ट में पेश किया था। हालांकि, सीबीआई ने इस बार दोनों आरोपियों की आगे की पुलिस रिमांड (PR) नहीं मांगी।
सीबीआई के वकील ने कोर्ट के सामने स्पष्ट किया कि फिलहाल जांच के इस चरण के लिए वे आरोपियों की न्यायिक रिमांड (Judicial Remand) मांग रहे हैं, और यदि भविष्य में जांच के सिलसिले में आगे जरूरत पड़ी, तो दोबारा पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी। कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद आरोपियों को जेल (न्यायिक हिरासत) भेजने का आदेश दे दिया।
पूर्व में जज रह चुकी हैं गिरिबाला; 10 दिनों तक फरार रहा था बेटा
बता दें कि आरोपी गिरिबाला सिंह खुद एक कानूनविद हैं और वे भोपाल जिला कोर्ट में 15 जुलाई 2021 से 28 फरवरी 2023 तक बतौर जज अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद सीबीआई ने उन्हें पिछले गुरुवार (28 मई) को गिरफ्तार किया था। वहीं, उनका बेटा समर्थ सिंह ट्विशा की मौत के बाद से करीब 10 दिनों तक पुलिस और एजेंसियों को चकमा देकर फरार रहा था, जिस पर 30 हजार रुपये का इनाम भी था। बाद में उसे 22 मई को गिरफ्तार किया गया था।
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