
बिहार MLC चुनाव: पवन सिंह और नीतीश के बेटे निशांत को मिला टिकट
NDA ने जारी की उम्मीदवारों की लिस्ट; बीजेपी से संजय मयूख और जेडीयू से दो महिलाओं को मौका। उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश के नाम की भी चर्चा तेज।
Bihar MLC Elections: बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर एनडीए (NDA) गठबंधन के भीतर टिकटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के नामों का बड़ा एलान हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) दोनों ही दलों ने अपने-अपने चार-चार उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। इस लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला और बड़ा नाम भोजपुरी के पावरस्टार कहे जाने वाले अभिनेता और सिंगर पवन सिंह का है, जिन्हें बीजेपी ने उच्च सदन भेजने का फैसला किया है।
दूसरी तरफ, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के परिवार से भी एक बेहद बड़ा राजनैतिक घटनाक्रम सामने आया है। नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को जेडीयू ने पटना जिले से बिहार विधान परिषद का उम्मीदवार बनाया है, जिसे सूबे की सियासत में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।
बीजेपी और जेडीयू के उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट; महिलाओं को विशेष तवज्जो
दोनों ही बड़ी पार्टियों ने सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अपने पत्ते खोले हैं:
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार: बीजेपी ने अपनी लिस्ट में पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया सेल के सह-प्रमुख संजय मयूख पर एक बार फिर भरोसा जताया है और उन्हें फिर से विधान परिषद भेजा जा रहा है। पवन सिंह के अलावा इस लिस्ट में अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित को भी उम्मीदवार बनाया गया है।
जनता दल यूनाइटेड (JDU) के उम्मीदवार: जेडीयू ने द्विवार्षिक चुनाव के लिए तीन और एक उपचुनाव के लिए उम्मीदवार का एलान किया है। सीएम के बेटे निशांत कुमार के अलावा मधुबनी जिले की भारती मेहता और पश्चिमी चंपारण की शिवरानी देवी प्रजापति को टिकट दिया गया है। इसके जरिए जेडीयू ने दो महिलाओं को विधान परिषद भेजने की तैयारी की है।
जेडीयू की उपचुनाव सीट: खाली हुई एक सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए जेडीयू ने ललन प्रसाद को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश के नाम की भी भारी चर्चा; कैबिनेट मंत्री होने के चलते जरूरी है सीट
18 जून को होने वाले इस विधान परिषद चुनाव में एक और हाई-प्रोफाइल नाम को लेकर कयासों का बाजार बेहद गर्म है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश के नाम की भी सियासी गलियारों में भारी चर्चा है, हालांकि अभी तक उनके नाम का आधिकारिक एलान होना बाकी है।
दीपक प्रकाश को मई में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाले बिहार मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। संवैधानिक और कानूनी नियमों के अनुसार, मंत्री पद पर बने रहने के लिए उन्हें शपथ ग्रहण के 6 महीने के भीतर बिहार विधानमंडल के किसी एक सदन (विधानसभा या विधान परिषद) का सदस्य बनना अनिवार्य है। यही वजह है कि दीपक प्रकाश को भी इस चुनाव के जरिए सदन में भेजने की रणनीति बनाई जा रही है।
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