
बंगाल में खेला; फिरहाद हकीम का इस्तीफा, बीजेपी बोली- 'अच्छा हुआ छुटकारा मिला'
ममता बनर्जी के कमजोर पड़ते ही कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने छोड़ा पद. ऋतब्रत बनर्जी के विद्रोह के बाद टीएमसी में भगदड़; अमित मालवीय का तुष्टीकरण पर बड़ा हमला.
TMC Crisis: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर छिड़ा आंतरिक गृहयुद्ध अब पार्टी को पूरी तरह से बिखराव की ओर ले जा रहा है. राज्य में चल रहे भीषण सियासी संकट के बीच टीएमसी के बेहद कद्दावर नेता और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.
ममता ने दी मंजूरी: टीएमसी के वरिष्ठ सदस्य फिरहाद हकीम ने काफी समय पहले ही मेयर पद छोड़ने की इच्छा जताई थी और इस संबंध में पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी को सूचित भी कर दिया था. पार्टी नेता कुणाल घोष के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आखिरकार उनके इस्तीफे के प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी.
CM शुभेंदु अधिकारी को सौंपा इस्तीफा: ममता बनर्जी की हरी झंडी मिलने के तुरंत बाद फिरहाद हकीम ने सूबे के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की और उन्हें अपना आधिकारिक इस्तीफा सौंप दिया.
यह इस्तीफा ठीक उस समय आया है जब पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के हाथों से तृणमूल कांग्रेस की कमान पूरी तरह छूटती नजर आ रही है.
Firhad Hakim, the chief patron of Dawat-e-Islami, who once spoke of turning West Bengal into “Pakistan” and advocated making Urdu the state’s primary language, has resigned as Mayor of Kolkata.
— Amit Malviya (@amitmalviya) June 3, 2026
His tenure symbolized appeasement politics at its worst. His exit marks the end of a…
विपक्ष के नेता पद को लेकर हुआ था विद्रोह; ऋतब्रत बनर्जी बने असली बॉस
दरअसल, इस पूरे सियासी बवंडर की जड़ें विधानसभा में विपक्ष के नेता (LoP) के चयन से जुड़ी हैं.
विधायकों की नाखुशी: ममता बनर्जी ने अपनी ओर से शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष के नेता के तौर पर नामित किया था. लेकिन पार्टी के भीतर ममता के फैसलों के खिलाफ गुस्सा इस कदर भड़का कि टीएमसी के कुल 80 विधायकों में से 60 विधायक इस फैसले के खिलाफ खड़े हो गए.
असली टीएमसी का दावा: इसके बाद टीएमसी नेता ऋतब्रत बनर्जी ने बगावत का झंडा बुलंद करते हुए 58 विधायकों के लिखित समर्थन के साथ खुद को 'असली टीएमसी' घोषित कर दिया.
स्पीकर की मुहर: इस आंतरिक तख्तापलट को विधायी मान्यता देते हुए विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ने भी ऋतब्रत बनर्जी को सदन में विपक्ष का आधिकारिक नेता घोषित कर दिया है, जिसके बाद ममता गुट पूरी तरह हाशिए पर चला गया है.
अमित मालवीय का तीखा हमला: "विभाजनकारी अध्याय का अंत हुआ, अच्छा हुआ छुटकारा मिला"
फिरहाद हकीम के इस्तीफे की खबर आते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने टीएमसी और ममता बनर्जी पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं. बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर फिरहाद के कार्यकाल को लेकर तीखी प्रतिक्रिया साझा की.
अमित मालवीय ने लिखा:
"दावत-ए-इस्लामी के मुख्य संरक्षक फिरहाद हकीम ने कभी पश्चिम बंगाल को 'पाकिस्तान' बनाने की बात की थी और उर्दू को राज्य की मुख्य भाषा बनाने की वकालत की थी. आज उन्होंने कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है."
मालवीय ने अपने पोस्ट में आगे आरोप लगाया कि फिरहाद हकीम का पूरा कार्यकाल केवल और केवल तुष्टीकरण की राजनीति (Politics of Appeasement) का सबसे घटिया उदाहरण था. उन्होंने कहा कि फिरहाद के इस इस्तीफे के साथ ही कोलकाता के नागरिक प्रशासन में एक बहुत ही विभाजनकारी और सांप्रदायिक अध्याय का अंत हुआ है. उन्होंने तंज कसते हुए लिखा, "अच्छा हुआ, छुटकारा मिल गया."

