"मेरे 4 विधायकों को पुलिस ने फोन पर धमकाया, मेरी सुरक्षा भी हटाई"
ममता बनर्जी ने इस पूरे सियासी घटनाक्रम के पीछे पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा:
"विधायकों को टीएमसी तोड़ने के लिए धमकी दी जा रही है। आज आपका अच्छा समय है, तभी आप ये कर रहे हो। विधायकों को मेरी मीटिंग में न आने की धमकी दी जा रही है। मेरे चुने हुए चार विधायकों ने कल मुझसे शिकायत की है कि मीटिंग में आने से पहले पुलिस ने उन्हें फोन पर धमकाया था।"
ममता ने आगे कहा, "जब भी मैं मीटिंग करने जाती हूं तो मेरी परमिशन कैंसिल कर दी जाती है। मुझे पुलिस को देख कर शर्म आती है। उनका काम आम जनता की रक्षा करना था लेकिन वो विधायकों को धमका रहे हैं। यहां तक कि मेरी भी सुरक्षा हटा ली गई है। आप लोगों ने मेरे साथ खेल खेला है, मैं इससे बड़ा खेल खेलूंगी, थोड़ा वेट कीजिए।"
"MP-MLA को डराकर TMC कमजोर नहीं होगी, हिटलर ने भी ऐसा नहीं किया था"
पूर्व मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोधी कुछ नेताओं को डराकर या रिश्वत देकर तृणमूल कांग्रेस को कमजोर नहीं कर सकते, बल्कि इससे पार्टी और मजबूत होगी। राज्य के मौजूदा हालातों की तुलना तानाशाही से करते हुए ममता बनर्जी बोलीं, "पूरी तरह से अराजकता फैली हुई है - हिटलर ने भी ऐसे काम नहीं किए थे। इस स्थिति को बताने के लिए शब्द नहीं बचे हैं, क्योंकि जब भाषा ही फेल हो जाती है, तो इसका मतलब है कि ज़ुल्म ने सारी हदें पार कर दी हैं।" उन्होंने उन खबरों को गलत जानकारी बताया जिनमें कहा जा रहा था कि पार्टी लीडर वर्कर के साथ खड़े नहीं हैं।
अभिषेक बनर्जी पर हमले को लेकर घेरा - "BJP कार्यकर्ताओं को दिए गए खाने के पैकेट, मेरे पास सबूत हैं"
अपने भतीजे और टीएमसी के दूसरे सबसे बड़े नेता अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले का जिक्र करते हुए ममता ने पुलिस पर बीजेपी के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस हिंसा में शामिल वास्तविक बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने में पूरी तरह नाकाम रही। ममता ने कहा, "जब अभिषेक पर हमला हुआ, तो पुलिस ने गलत लोगों को गिरफ्तार किया। आपने कभी बीजेपी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार नहीं किया। आप बाहर से बीजेपी के लोगों को लाए और उन्हें खाने के पैकेट भी दिए। मेरे पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं।"
उन्होंने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पर भी पलटवार किया। ममता के मुताबिक, बीजेपी अध्यक्ष ने बयान दिया था कि हमला होने के बाद भी वह (अभिषेक) जिंदा हैं। इस पर ममता ने तीखा जवाब देते हुए कहा, "मैं कहूंगी कि आप भी हमारे समय में जिंदा थे। आप टीएमसी को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।"
अस्पतालों पर इलाज न करने के दबाव का आरोप; बेले व्यू और अपोलो का किया जिक्र
अभिषेक बनर्जी के साथ हुई मारपीट और उसके बाद के घटनाक्रम को चौंकाने वाला बताते हुए ममता बनर्जी ने चिकित्सा व्यवस्था में राजनीतिक दखल का आरोप भी मढ़ा। उन्होंने कहा, "जिस तरह से आपने दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के सांसद (MP) पर हमला किया, वह स्तब्ध करने वाला है। डॉक्टरों को बुलाया गया, फिर भी अस्पतालों को कथित तौर पर इलाज न करने का निर्देश दिया गया। यह कैसा बेतुका और तानाशाही व्यवहार है?"
उन्होंने नाम लेते हुए कहा कि बेले व्यू के लोग कभी मेरे पैरों में झुकते थे, आपके बिरला और लोढ़ा के साथ करीबी रिश्ते और लेन-देन थे और आप उनके सामने झुकते थे। हमारे मेयर ने सब कुछ संभाल लिया। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि छह महीने पहले ही उनकी सरकार ने अपोलो अस्पताल का लाइसेंस रिन्यू किया था, इसके बावजूद इस तरह का रवैया अपनाया गया।