Mamata Banerjee on BJP: पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर कैमरे के सामने हुई मारपीट, धक्का-मुक्की और पथराव की घटना ने राज्य की सियासत में उबाल ला दिया है। इस हिंसक घटना पर राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए सीधे केंद्र और राज्य की सत्ताधारी पार्टी पर हमला बोला है। ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "शासक ही हत्यारे बन गए, शर्म करो भाजपा।" गौरतलब है कि राज्य में 15 सालों तक सत्ता में रहने के बाद इसी महीने टीएमसी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है, जिसके बाद भाजपा ने बंगाल में अपनी पहली सरकार बनाई है।
कैमरे पर थप्पड़-घूंसे और अंडे-पत्थर: सुरक्षाकर्मियों के साथ जूझते दिखे अभिषेक
पार्टी के 'नंबर 2' नेता अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर इलाके में उन पार्टी कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों से मिलने पहुंचे थे, जो हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में टीएमसी की हार के बाद कथित तौर पर चुनावी हिंसा का शिकार हुए हैं। सुरक्षा की कमी के बीच, जब अभिषेक बनर्जी सिर पर सुरक्षा के लिए क्रिकेट हेलमेट पहनकर भीड़ के बीच से गुजर रहे थे, तभी उग्र भीड़ ने उन्हें घेर लिया। उपद्रवियों ने उनके साथ न सिर्फ मारपीट की, थप्पड़ और घूंसे मारे, बल्कि उन पर जमकर पत्थर और अंडे भी बरसाए। इस हमले के जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, उनमें अभिषेक बनर्जी और उनके निजी सुरक्षाकर्मी हमलावरों से बचने के लिए कड़ा संघर्ष करते नजर आ रहे हैं।
"यह पूर्व नियोजित साजिश थी, मुझे मारना चाहते थे" डायमंड हार्बर सांसद
हमले के बाद डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी ने इसे "भाजपा-प्रायोजित" हमला करार दिया। समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बात करते हुए उन्होंने कहा, "देखिए उन्होंने मेरे साथ क्या किया है। यह पूरी तरह से पूर्व नियोजित (Pre-planned) था। इलाके में स्थानीय पुलिस कहीं नहीं है। वे मुझे जान से मारना चाहते हैं।" बनर्जी ने आगे कहा कि वह इस जगह को तब तक छोड़कर नहीं जाएंगे जब तक कि स्थानीय पुलिस अपनी फोर्स भेजकर पीड़ितों के परिवारों को पूरी सुरक्षा मुहैया नहीं करा देती।
भाजपा का पलटवार 'आरोपों में दम नहीं, टीएमसी खो चुकी है नैतिक अधिकार'
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने ममता और अभिषेक बनर्जी के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा की बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, "इस अंडा फेंकने और हाथापाई की घटना में भाजपा की कोई संलिप्तता नहीं है। लोग अच्छी तरह जानते हैं कि टीएमसी ने पिछले 15 वर्षों के दौरान राज्य में कैसा शासन चलाया है। पुलिस और प्रशासन को उन परिवारों की चिंता करनी चाहिए जो चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित हैं, टीएमसी के पास उनके पास जाने का कोई नैतिक या राजनीतिक अधिकार नहीं बचा है।"
हालांकि, सुकांत मजूमदार ने हमले की निंदा करते हुए कहा, "किसी भी स्वस्थ समाज या लोकतंत्र में ऐसी घटनाएं स्वीकार्य नहीं हैं। इस चुनाव के नतीजों ने साबित कर दिया है कि अहंकार और एकदलीय वर्चस्व लंबे समय तक नहीं चल सकता। जनता की गहरी शिकायतें हो सकती हैं, लेकिन हिंसा का रास्ता सही नहीं है और हमारी पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है।" दूसरी तरफ, कांग्रेस ने भी इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए राज्य सरकार पर 'प्रतिशोध की राजनीति' का आरोप लगाया और विपक्ष के प्रमुख नेताओं को पर्याप्त सुरक्षा देने की मांग की है।