
ममता की कालीघाट की बैठक में खाली पड़ी रहीं कुर्सियां; 72 MLA और 24 MP गायब
कालीघाट मीटिंग में पहुंचे सिर्फ 8 विधायक और 4 लोकसभा सांसद; बागी गुट के नेता ऋतब्रत का दावा- बढ़ेगा हमारा संख्या बल। 20 सांसदों के BJP के संपर्क में होने की चर्चा।
TMC Crisis: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हाथों करारी शिकस्त झेलने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपने इतिहास के सबसे बड़े आंतरिक संकट और बगावत के दौर से गुजर रही है। भवानीपुर जैसी मजबूत सीट से खुद ममता बनर्जी की सुवेंदु अधिकारी के हाथों हुई हार के बाद पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसी सियासी घमासान के बीच शुक्रवार को कोलकाता के कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आवास पर बुलाई गई एक महत्वपूर्ण बैठक में विधायकों और सांसदों की बेहद कम उपस्थिति ने टीएमसी के भीतर मची रार को सरेआम उजागर कर दिया है।
कुछ दिन पहले ही पार्टी की एक अहम बैठक से 80 में से 60 विधायकों ने दूरी बना ली थी। इसके बाद शुक्रवार को बुलाई गई इस नई बैठक में 80 विधायकों में से केवल 8 विधायक ही ममता बनर्जी के घर पहुंचे। यानी करीब 72 विधायकों ने इस बैठक से दूरी बनाए रखी। बगावत के इस बड़े झटके को भांपते हुए तृणमूल कांग्रेस ने बाद में सफाई जारी की कि यह सभी सांसदों और विधायकों की बैठक नहीं थी, बल्कि यह 'नेशनल वर्किंग कमेटी' (राष्ट्रीय कार्यसमिति) की बैठक थी, जिसमें सभी को आमंत्रित नहीं किया गया था।
सांसदों ने भी बनाई दूरी; महुआ मोइत्रा सहित कई नेता वर्चुअली जुड़े
विधायकों के अलावा टीएमसी के सांसदों के बीच भी इस बैठक को लेकर कोई खास उत्साह नहीं दिखा, जिससे शीर्ष नेतृत्व की चिंताएं और बढ़ गई हैं:
लोकसभा सांसदों की बेरुखी: तृणमूल कांग्रेस के पास कुल 28 लोकसभा सांसद हैं, लेकिन शुक्रवार की इस बैठक में केवल 4 सांसद ही शारीरिक रूप से मौजूद रहे। उपस्थित होने वाले सांसदों में ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी प्रमुख चेहरा थे।
राज्यसभा में सन्नाटा: राज्यसभा के 13 सांसदों में से 11 इस बैठक से गायब रहे। उच्च सदन से केवल डेरेक ओ'ब्रायन और डोला सेन ही कालीघाट पहुंचे।
पार्टी की आधिकारिक सफाई: टीएमसी ने 'एक्स' पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि महुआ मोइत्रा, सुष्मिता देव, मुकुल संगमा और राजेश त्रिपाठी जैसे कई राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वर्चुअली) के जरिए शामिल हुए थे।
बैठक में पहुंचे मुख्य चेहरे: विधायकों में मदन मित्रा, बीना मंडल, आशिमा पात्रा, फिरहाद हकीम, कुणाल घोष, सोवनदेब चट्टोपाध्याय, बिमान बनर्जी और अशोक देब ही बैठक में शामिल होने वाले चुनिंदा नामों में रहे।
'हमारा नंबर कम नहीं होगा, विधानसभा सत्र में दिखेगा असली खेल' - बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी का दावा
ममता बनर्जी ने इस संकट से निपटने के लिए सख्त रुख अपनाते हुए अपने 80 विधायकों में से दो को पार्टी से निष्कासित कर दिया है, लेकिन बागी गुट के हौसले पस्त होते नहीं दिख रहे हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बन चुके बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने एनडीटीवी (NDTV) से बातचीत में दावा किया कि पार्टी में विद्रोह की यह आग अभी और भड़केगी।
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा:
"जहां तक हमारे संख्या बल का सवाल है, यह आंकड़ा लगातार ऊपर जाएगा। हमने पहले ही दो-तिहाई से अधिक विधायकों का समर्थन होने का दावा पेश किया है। जब हम आगामी विधानसभा सत्र के दौरान मिलेंगे, तब यह संख्या और भी ज्यादा होगी। हमारा समर्थन करने वाले विधायकों की संख्या कम नहीं होने वाली। बस इंतजार करिए और देखते जाइए।"
सांसदों के भी बागी गुट में शामिल होने के सवाल पर ऋतब्रत ने साफ किया कि पिछले सात दिनों में उनकी किसी भी लोकसभा या राज्यसभा सांसद से व्यक्तिगत तौर पर बात नहीं हुई है, इसलिए वे सांसदों के रुख पर अभी कुछ नहीं कह सकते। हालांकि, सूत्रों के हवाले से मिल रही खबरों के मुताबिक, टीएमसी के कम से कम 20 सांसद इस समय बीजेपी (BJP) के शीर्ष नेतृत्व के सीधे संपर्क में हैं और जल्द ही बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिल सकता है।
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