
TMC में दो-फाड़; बागी ऋतब्रता बनर्जी बने बंगाल के नए नेता प्रतिपक्ष
पश्चिम बंगाल विधानसभा में बड़ा उलटफेर। स्पीकर ने बागी ऋतब्रता बनर्जी को विपक्ष के नेता के रूप में दी मंजूरी; अभिषेक बनर्जी की विफलता पर उठाए गंभीर सवाल।
TMC Divided: पश्चिम बंगाल की राजनीति और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रहा अंदरूनी घमासान अब उस मोड़ पर पहुंच गया है, जहां से वापसी का कोई रास्ता नहीं बचा है। बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष (स्पिकर) रथींद्र बोस ने बड़ा फैसला लेते हुए टीएमसी के बागी नेता ऋतब्रता बनर्जी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
प्रशासनिक स्तर पर इस बदलाव को लागू करते हुए राज्य विधानसभा में विपक्ष के लिए आवंटित विशेष कक्ष की चाबियां भी आधिकारिक तौर पर ऋतब्रता बंदोपाध्याय (बनर्जी) को सौंप दी गई हैं। विधानसभा अध्यक्ष के इस कदम ने टीएमसी के भीतर हुए इस ऐतिहासिक विभाजन पर कानूनी और विधायी मुहर लगा दी है।
#WATCH | Kolkata, West Bengal | Expelled TMC MLA Ritabrata Banerjee says, "This two-thirds strong legislative team of the Trinamool Congress inside the 18th West Bengal Legislative Assembly does not believe in 'I', it believes in 'we'. Whatever norms are framed out, we have… pic.twitter.com/ouLMt1nMHi
— ANI (@ANI) June 3, 2026
अभिषेक बनर्जी की विफलता के कारण हुई पार्टी की 'दयनीय स्थिति' - ऋतब्रता का सीधा हमला
टीएमसी से निष्कासित होने के बाद इस बागी मोर्चे की कमान संभालने वाले ऋतब्रता बनर्जी ने पदभार संभालते ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, विशेष रूप से अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला।
अभिषेक बनर्जी पर निशाना: ऋतब्रता बनर्जी ने दो-टूक शब्दों में कहा कि पार्टी आज जिस 'दयनीय स्थिति' में पहुंची है, उसके पीछे काफी हद तक अभिषेक बनर्जी की सांगठनिक विफलता जिम्मेदार है।
जवाबदेही तय हो: उन्होंने कड़े लहजे में कहा, "आखिरकार, अगर आप पार्टी की सफलता का श्रेय लेते हैं, तो आपको इसकी असफलताओं और मौजूदा दुर्दशा की जिम्मेदारी भी खुलकर स्वीकार करनी चाहिए।"
'ममता दीदी हमारी मुख्य सलाहकार बनें' - बागी गुट की अजीबोगरीब मांग
विपक्ष के नेता का कमरा आवंटित होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ऋतब्रता बनर्जी ने एक बेहद चौंकाने वाला और नया राजनीतिक दांव चला। उन्होंने कहा कि उनका धड़ा अभी भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सम्मान करता है।
"हमने अभी-अभी विधानसभा अध्यक्ष को अपना आधिकारिक पत्र सौंप दिया है। एलओपी के लिए निर्धारित कमरा हमें मिल चुका है और वे (ऋतब्रता) फिलहाल वहीं बैठ रहे हैं। हमारी दिली इच्छा है कि ममता दीदी हमारे इस नए विपक्षी मोर्चे की मुख्य सलाहकार बनी रहें और हमें अपना मूल्यवान मार्गदर्शन देती रहें।"
ऋतब्रता ने आगे कहा कि वे चाहते हैं कि ममता बनर्जी के मार्गदर्शन में वे, नए एलओपी और मुख्य सचेतक मिलकर विधानसभा के भीतर पार्टी का एक प्रभावी और मजबूत नेतृत्व कर सकें। राजनीतिक विश्लेषक बागी गुट द्वारा ममता बनर्जी को सलाहकार बनाने की इस मांग को अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एक सोची-समझी रणनीतिक घेराबंदी के रूप में देख रहे हैं।
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