
बंगाल में अधिकारी कैबिनेट के 6 बड़े फैसले; आयुष्मान भारत और BSF को जमीन
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट बैठक में हिंसा मुक्त चुनाव के लिए चुनाव आयोग का आभार जताया गया और 321 शहीद कार्यकर्ताओं के परिवारों को न्याय का भरोसा दिया।
West Bengal Suvendu Adhikari's First Cabinet : पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक ने 'नए बंगाल' की रूपरेखा तैयार कर दी है। इस ऐतिहासिक बैठक में राज्य की सुरक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर 6 बड़े और निर्णायक फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों को अमलीजामा पहनाते हुए राज्य में 'आयुष्मान भारत' योजना लागू करने और सीमा सुरक्षा के लिए BSF को जमीन देने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। साथ ही, उन्होंने राज्य में शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग और मतदाताओं का विशेष आभार व्यक्त किया।
चुनाव आयोग और मतदाताओं का आभार
नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में सबसे पहले पश्चिम बंगाल में हिंसा-मुक्त चुनाव कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की सराहना की गई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आयोग का कार्य काबिले तारीफ रहा है, जिसके कारण राज्य के मतदाताओं ने निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
321 शहीद कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि
कैबिनेट ने उन 321 बीजेपी कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने राज्य में राजनीतिक बदलाव के संघर्ष में अपना बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि इन कार्यकर्ताओं का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और उनके परिवारों को हर कीमत पर न्याय दिलाया जाएगा।
BSF को 45 दिन में मिलेगी जमीन
राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने सीमावर्ती इलाकों में फेंसिंग के लिए BSF को जमीन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय बदलाव को रोकने के उद्देश्य से इस कार्य को अगले 45 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बंगाल में अब 'आयुष्मान भारत' लागू
पिछली सरकार और केंद्र के बीच टकराव के कारण बंगाल के लोग आयुष्मान भारत योजना से वंचित थे। अब कैबिनेट ने आधिकारिक तौर पर इस स्वास्थ्य योजना को राज्य में लागू करने का फैसला किया है। सीएम ने स्पष्ट किया कि अब प्रधानमंत्री की सभी जनहितकारी योजनाएं बंगाल में प्रभावी होंगी।
BNS प्रभावी और अफसरों की ट्रेनिंग को मंजूरी
कैबिनेट ने राज्य में 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। अब सभी नए आपराधिक मामले नए कानूनों के तहत दर्ज होंगे। इसके साथ ही, नौकरशाहों की केंद्रीय ट्रेनिंग और तैनाती पर लगी रोक भी हटा ली गई है।
सरकारी भर्तियों का रास्ता साफ
साल 2015 से राज्य में बंद पड़ी बड़ी भर्ती प्रक्रियाओं को फिर से शुरू करने का बड़ा ऐलान किया गया है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को भरोसा दिया कि नई भर्ती प्रक्रिया जल्द ही पूरी पारदर्शिता के साथ शुरू की जाएगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
हेल्पलाइन 1100: 30 दिन में समाधान
आम जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए 'सहयोग हेल्पलाइन 1100' और 'सहयोग पोर्टल' की शुरुआत की गई है। सरकार का दावा है कि बिजली, पानी, सड़क और राशन जैसी समस्याओं का समाधान अब घर बैठे केवल एक कॉल से 30 दिनों के भीतर किया जाएगा।
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