
ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर उठे सवाल, CBSE ने मानी चूक
CBSE ने माना कि तकनीकी गड़बड़ी से छात्र की गलत उत्तर पुस्तिका अपलोड हुई थी। शिकायत के बाद सही कॉपी भेजी गई और रिजल्ट अपडेट प्रक्रिया शुरू हुई।
सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम सवालों के घेरे में है। दिल्ली के छात्र वेदांत श्रीवास्तव, जिन्होंने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में गड़बड़ियों की ओर इशारा किया था, हालांकि सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी कहकर निशाना बनाए गए थे। उनकी शिकायत सही साबित हुई। CBSE ने स्वीकार किया कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण उनके रोल नंबर के तहत गलत स्कैन की गई उत्तर पुस्तिका अपलोड हो गई थी।
इस मामले ने सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था, क्योंकि कई अन्य छात्रों ने भी इसी तरह की शिकायतें सामने रखीं। सोमवार शाम CBSE ने कहा कि वेदांत को उनकी सही उत्तर पुस्तिका भेज दी गई है और उनके परिणाम को अपडेट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
CBSE की यह कबूलनामा ऐसे समय आई है जब इस वर्ष कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन के लिए शुरू की गई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। बोर्ड ने इस नई डिजिटल प्रणाली को मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से लागू किया था। CBSE का दावा था कि इससे मानवीय गलतियाँ कम होंगी और पुनर्मूल्यांकन के दौरान छात्रों को उत्तर पुस्तिकाओं तक अधिक आसानी से पहुंच मिलेगी।हालांकि, कई छात्रों ने शिकायत की कि उन्हें धुंधली स्कैन कॉपियां, गायब पन्ने और गलत उत्तर पुस्तिकाएं भेजी गईं। वेदांत श्रीवास्तव भी ऐसे ही छात्रों में शामिल थे जिन्होंने इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाया।
CBSE ने माना तकनीकी दोष
वेदांत को जवाब देते हुए CBSE ने X पर लिखा, “आपकी फिजिक्स उत्तर पुस्तिका से संबंधित चिंता हमारे संज्ञान में लाने के लिए धन्यवाद। मामले की समीक्षा की गई है और आपकी सही उत्तर पुस्तिका आपके रजिस्टर्ड ईमेल पते पर भेज दी गई है। साथ ही, आपके परिणाम में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया भी की जा रही है।”
बोर्ड ने आगे कहा, “हम आपके धैर्य की सराहना करते हैं और आपको निरंतर सहयोग का आश्वासन देते हैं।” वहीं वेदांत ने भी X पर पुष्टि की कि उन्हें सही उत्तर पुस्तिका मिल गई है। उन्होंने लिखा, “हमें CBSE से सही उत्तर पुस्तिका मिल गई है। शाम को CBSE अधिकारियों ने हमसे संपर्क किया और मेरी वास्तविक उत्तर पुस्तिका भेजी। हमारी शिकायत सही थी और वास्तव में उत्तर पुस्तिका बदल गई थी।”
“पूरे साल मेहनत की, लेकिन अपनी कॉपी ही नहीं मिली”
वेदांत ने 19 मई को अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन किया था। उन्होंने कहा कि 13 मई को घोषित हुए कक्षा 12 के परिणाम में फिजिक्स में उन्हें उम्मीद से बहुत कम अंक मिले थे।23 मई को जब उन्हें स्कैन कॉपियां मिलीं, तो उन्होंने पाया कि उनके रोल नंबर के साथ अपलोड की गई फिजिक्स उत्तर पुस्तिका उनकी नहीं थी। उन्होंने X पर पोस्ट कर इस विसंगति को उजागर किया और इंग्लिश तथा कंप्यूटर साइंस की उत्तर पुस्तिकाओं के स्क्रीनशॉट साझा करते हुए बताया कि फिजिक्स कॉपी की लिखावट उनकी लिखावट से बिल्कुल अलग थी।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “मैंने पूरे एक साल मेहनत की। नींद छोड़ी, मानसिक शांति छोड़ी, घूमना-फिरना छोड़ा — सब कुछ इन परीक्षाओं के लिए। और अब मुझे यह भी नहीं पता कि मेरी असली फिजिक्स कॉपी जांची भी गई या नहीं। क्या छात्र इसके हकदार हैं?” यह पोस्ट सोमवार शाम तक 32 लाख से अधिक बार देखी जा चुकी थी और देखते ही देखते सोशल मीडिया विवाद का रूप ले लिया।
सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और “पाकिस्तानी” कहकर हमला
वेदांत की शिकायत के बाद कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने उन पर CBSE को बदनाम करने का आरोप लगाया। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि उनके X अकाउंट की लोकेशन “South Asia” क्यों दिखाई दे रही है। इसी आधार पर उन्हें “एंटी-नेशनल” और “पाकिस्तानी” तक कहा गया।दरअसल, X अकाउंट की लोकेशन सेटिंग कभी-कभी यूज़र की पसंद और ऐप सेटिंग के आधार पर “South Asia” जैसे व्यापक क्षेत्रीय पहचान दिखा सकती है।
वेदांत के पिता संजय श्रीवास्तव ने बताया, “मेरे बेटे को पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने में भी काफी परेशानी हुई। स्कैन कॉपियां मिलने के बाद वह ठीक से सो भी नहीं पा रहा था। तब उसने X पर स्क्रीनशॉट साझा कर मामला उठाने का फैसला किया।”
उन्होंने आगे कहा,
“उसके अकाउंट की लोकेशन South Asia दिखने के कारण उसे पाकिस्तानी कहा गया और बुरी तरह ट्रोल किया गया। बाद में उसके भाई ने स्पष्ट किया कि अकाउंट सेट करते समय तकनीकी कारणों से ऐसा हुआ था। इसका उसकी मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ा है और अब वह अपने फोन से दूर रह रहा है।”
यह मामला अब सिर्फ एक छात्र की उत्तर पुस्तिका की गलती तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि CBSE की नई डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की विश्वसनीयता और छात्रों के साथ सोशल मीडिया पर होने वाले व्यवहार को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

