IAS लोखंडे प्रशांत सीताराम बने CBSE के नए चेयरमैन; वरुण भारद्वाज सचिव
x

IAS लोखंडे प्रशांत सीताराम बने CBSE के नए चेयरमैन; वरुण भारद्वाज सचिव

OSM विवाद के बीच केंद्र सरकार ने की बड़ी नियुक्तियां। सीनियर IAS लोखंडे प्रशांत संभालेंगे सीबीएसई चेयरमैन का पद; वरुण भारद्वाज बने बोर्ड के नए सेक्रेटरी।


CBSE New Chairman: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) सिस्टम को लेकर चल रहे भारी विवाद और स्क्रूटनी के बीच केंद्र सरकार ने मंगलवार को बोर्ड में नए नेतृत्व की घोषणा कर दी है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को सीबीएसई का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है।


इसके साथ ही, सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए वरिष्ठ नौकरशाह वरुण भारद्वाज को सीबीएसई का नया सचिव (Secretary) नियुक्त किया है। यह नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से की गई हैं ताकि परीक्षाओं और मूल्यांकन से जुड़े काम बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सकें।

राहुल सिंह और हिमांशु गुप्ता के हटाए जाने के बाद कमान; एस. राधा चौहान की कमेटी करेगी जांच
यह नई नियुक्तियां उस सख्त कार्रवाई के ठीक बाद हुई हैं, जिसमें सरकार ने निवर्तमान सीबीएसई चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया था।

एक सदस्यीय जांच समिति: ओएसएम (OSM) सेवाओं की खरीद (Procurement) प्रक्रिया में आई खामियों और विसंगतियों की गहराई से जांच के लिए सरकार ने एक सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है।

एस. राधा चौहान करेंगी कमान: आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस जांच समिति की अध्यक्षता क्षमता निर्माण आयोग (Capacity Building Commission) की अध्यक्ष सुश्री एस. राधा चौहान करेंगी।

विशेष अधिकार: समिति को ओएसएम सिस्टम की खरीद से जुड़े सभी मामलों की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। जांच को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए चेयरपर्सन को यह अधिकार दिया गया है कि वे जरूरत पड़ने पर अन्य विभागों या कार्यालयों के अधिकारियों की मदद ले सकती हैं।

क्यों शुरू हुआ था पूरा विवाद? 12वीं के छात्रों ने खोली थी पोल
सीबीएसई का यह पूरा मामला तब एक बड़े राष्ट्रीय विवाद में बदल गया, जब कक्षा 12वीं के कुछ छात्रों ने गंभीर आरोप लगाए। छात्रों का कहना था कि बोर्ड द्वारा वेबसाइट पर अपलोड की गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपियां उनके खुद के हाथ की लिखावट (Handwriting) से मेल नहीं खा रही हैं।

इस खुलासे के बाद 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) सिस्टम के तहत आंसर-शीट के आपस में मिसमैच (अदला-बदली) होने की गंभीर आशंकाएं और चिंताएं खड़ी हो गईं, जिसने बोर्ड की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए। इसी विवाद को शांत करने और व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सरकार ने अब नए अधिकारियों की तैनाती की है।


Read More
Next Story