
नीट री एग्जाम आज: 22 लाख छात्र देंगे परीक्षा, AI और जैमर्स का पहरा
NEET Re-Exam 2026: पेपर लीक विवाद के बाद आज दोबारा हो रही नीट परीक्षा। 22 लाख छात्र शामिल, सुरक्षा के लिए 1.38 लाख AI कैमरे और 51 हजार जैमर्स तैनात।
NEET Re Exam: नीट (NEET) पेपर लीक विवाद के बाद आज (रविवार, 21 जून 2026) देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा का दोबारा आयोजन हो रहा है। देशभर के और विदेशों के कुल 565 शहरों में 22 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी इस री-एग्जाम में शामिल हो रहे हैं। यह परीक्षा न केवल छात्रों के भविष्य के लिए, बल्कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और केंद्र सरकार के लिए भी साख की अग्निपरीक्षा है। मई में हुए पेपर लीक और भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद, सरकार ने पारदर्शिता को ऊपर रखते हुए इस कठिन रास्ते (दोबारा परीक्षा) को चुना है।
दोपहर 2 बजे से परीक्षा, एंट्री के नियम बेहद कड़े
समय: परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी। दिव्यांग (PwD) छात्रों को अतिरिक्त समय दिया जाएगा, जिससे वे शाम 6:20 बजे तक पेपर लिख सकेंगे।
रिपोर्टिंग टाइम: छात्रों को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे के बीच ही परीक्षा केंद्रों पर रिपोर्ट करना होगा। दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी कीमत पर एंट्री नहीं दी जाएगी।
जरूरी दस्तावेज: परीक्षार्थियों को अपने साथ एडमिट कार्ड, एक वैध फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस) और दो पासपोर्ट साइज तस्वीरें लाना अनिवार्य है।
सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम: जैमर्स, AI और पैरामिलिट्री फोर्स
मई जैसी धांधली दोबारा न हो, इसके लिए एनटीए (NTA) ने पूरे परीक्षा तंत्र को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया है:
1.38 लाख से ज्यादा AI कैमरे: देश के 95,000 से अधिक परीक्षा कमरों में कुल 1,38,560 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनकी लाइव मॉनिटरिंग राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर की जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि को पकड़ने के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) टूल्स का इस्तेमाल हो रहा है।
51 हजार से ज्यादा जैमर्स: इलेक्ट्रॉनिक नकल या ब्लूटूथ डिवाइस के इस्तेमाल को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर 51,311 जैमर्स लगाए गए हैं। इसके अलावा सरकार ने टेलीग्राम (Telegram) ऐप पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है ताकि चीटिंग रैकेट सक्रिय न हो सकें।
बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन: फर्जी उम्मीदवारों (Impersonation) को रोकने के लिए बायोमेट्रिक मैनपावर को दोगुना कर दिया गया है। 48,000 से अधिक बायोमेट्रिक कर्मियों के साथ इस बार फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरा मिलान) की तकनीक भी जोड़ी गई है।
सुरक्षा बलों का पहरा: गोपनीय परीक्षा सामग्री (प्रश्नपत्रों) की सुरक्षा और मूवमेंट के लिए स्थानीय पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्सेज, भारतीय वायुसेना (IAF) और डाक विभाग को तैनात किया गया है। हर सेंटर पर औसतन 40 से 50 सुरक्षाकर्मी मौजूद हैं।
केंद्र सरकार की समीक्षा और राज्यों की मदद
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए खुद कई हाई-लेवल बैठकें की हैं। एनटीए ने छात्रों को सोशल मीडिया पर फैलने वाली पेपर लीक की अफवाहों से बचाने के लिए एक वैरिफाइड व्हाट्सएप चैनल भी शुरू किया है, जहां सीधी और सटीक जानकारी दी जा रही है।
इसके अलावा, कई राज्य सरकारों ने छात्रों के सफर के तनाव को कम करने के लिए सरकारी बसों में फ्री ट्रांसपोर्ट (मुफ्त यात्रा) की सुविधा दी है, ताकि सभी छात्र समय पर अपने सेंटर्स तक पहुंच सकें।
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