
NEET-UG पेपर लीक पर घमासान, राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा
नीट परीक्षा रद्द होने के बाद देश में सियासी तूफान। राहुल गांधी ने पीएम मोदी से पूछे तीखे सवाल। बीजेपी ने कांग्रेस पर लगाया राजनीति करने का आरोप।
NEET Paper Leak : मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) के पेपर लीक होने और उसके बाद परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले ने राष्ट्रीय राजनीति में एक नया फ्लैशपॉइंट पैदा कर दिया है। विपक्ष के तमाम बड़े नेताओं ने इस प्रशासनिक नाकामी पर तीखा रुख अपनाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार (17 मई) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला तेज करते हुए सवाल उठाया कि बार-बार विफल होने के बाद भी शिक्षा मंत्री को उनके पद से क्यों नहीं हटाया गया है।
राहुल गांधी ने साल 2024 और 2026 के नीट मामलों की तुलना कर प्रधानमंत्री को घेरा
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के जरिए साल 2024 और 2026 में हुए नीट पेपर लीक मामलों की कार्यप्रणाली की तुलना की। उन्होंने लिखा कि साल 2024 में पेपर लीक हुआ, परीक्षा रद्द नहीं हुई, मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया और सीबीआई जांच के साथ एक कमेटी बनी। वहीं साल 2026 में फिर पेपर लीक हुआ, इस बार परीक्षा रद्द हुई, लेकिन मंत्री ने फिर इस्तीफा नहीं दिया और दोबारा सीबीआई जांच व नई कमेटी बनाने की बात हो रही है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से सीधे सवाल पूछते हुए कहा, "मोदी जी, देश आपसे कुछ सवाल पूछ रहा है - जवाब दीजिए। पेपर लीक बार-बार क्यों हो रहे हैं? आप इस आवर्ती 'परीक्षा पे चर्चा' पर चुप क्यों हैं?"
'यह आत्महत्या नहीं, भ्रष्ट सिस्टम द्वारा की गई हत्या है'
विपक्ष ने इस परीक्षा घोटाले के कारण छात्रों के मानसिक तनाव और कथित खुदकुशी के मामलों को लेकर भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उत्तर प्रदेश में परीक्षा रद्द होने के सदमे के कारण एक 21 वर्षीय छात्र द्वारा कथित तौर पर आत्महत्या किए जाने के मामले का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ये युवा परीक्षाओं से नहीं हारे हैं, बल्कि इन्हें एक भ्रष्ट तंत्र ने मार डाला है। उन्होंने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि 'सिस्टम द्वारा की गई हत्या' करार दिया।
मल्लिकार्जुन खड़गे और शिवसेना (UBT) ने भी शिक्षा मंत्री पर साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें अब 'परीक्षा लीक्स पे चर्चा' करनी चाहिए, क्योंकि सिर्फ चुप्पी साधने से कुछ हासिल नहीं होगा। खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार में 'अमृत काल' छात्रों के लिए 'मृत काल' साबित हो रहा है और इस भ्रष्ट व अक्षम व्यवस्था ने लाखों युवाओं के सपनों को रौंद दिया है। कांग्रेस के अलावा, शिवसेना (UBT) के नेता आनंद दुबे ने भी कहा कि सरकार देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में से एक में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है, जिसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
बीजेपी का पलटवार: राहुल गांधी इस दुखद स्थिति पर न खेलें ओछी राजनीति
दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राहुल गांधी के इन बयानों को 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, असंवेदनशील और राजनीति से प्रेरित' बताया है। बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी संजय मयूख ने एक बयान जारी कर कहा कि कांग्रेस नेता को भ्रम फैलाने की राजनीति छोड़कर पहले आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी छात्रों की इस गंभीर और दुखद स्थिति का इस्तेमाल अपने राजनीतिक एजेंडे को चमकाने के लिए कर रहे हैं।
3 मई को हुई थी परीक्षा, अब 21 जून को दोबारा होगा इम्तिहान
गौरतलब है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने जांचकर्ताओं द्वारा पेपर लीक के पुख्ता सबूत मिलने के बाद मंगलवार को नीट-यूजी 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया था। यह परीक्षा 3 मई को देश भर में आयोजित की गई थी। सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। अब यह परीक्षा दोबारा 21 जून को आयोजित की जाएगी, जिससे लाखों अभ्यर्थियों को नए सिरे से परीक्षा में बैठना होगा।
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